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Jind News: किसान की बेटी ने एशिया में बढ़ाया जिले का मान
Mon, 12 Jun 2023 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 12 Jun 2023 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना (जींद)। छोटे से गांव रोजखेड़ा के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं है। हो भी क्यों नहीं, जब उनकी लाडली बिटिया अन्नू ने एशिया महाद्वीप में अपने गांव, जिला व राज्य का नाम रोशन किया है। किसान की बेटी अन्नू रोजखेड़ा ने जापान में खेले गए जूनियर महिला एशिया हॉकी कप जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में अन्नू ने नौ गोल किए। अन्नू को फाइनल मैच में बेस्ट गोल स्कोर का अवाॅर्ड भी मिला। अन्नू रोजखेड़ा ने पहली बार एशिया हॉकी कप में डबल हैट्रिक लगाई। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहली बार एशिया कप गोल्ड मेडल जीता। भारत की टीम ने चार बार विजेता रही साउथ कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया।
अन्नू के पिता राजपाल एक छोटे से किसान हैं। अन्नू छोटी सी उम्र में ही खेलों में रुचि रखती थी वह रोजखेड़ा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में तीसरी कक्षा में खो-खो में फर्स्ट आई थी। वह 2010 में सिरसा चली गई वहां पर हॉकी खेल नर्सरी में उसका दाखिला हो गया। सिरसा खेल नर्सरी में जगबीर कोच की निगरानी में हॉकी में उसकी और अधिक रुचि बढ़ गई। इसके बाद उसका दाखिला हिसार में हो गया फिर हॉकी का प्रशिक्षण लेने के लिए अन्नू बंगलुरू चली गई। यहां से उसने हॉकी का अच्छी तरह अभ्यास किया और भारतीय टीम को विजय दिलाई।
अनेक उपलब्धियां हैं अन्नू के नाम
अनु रोजखेड़ा ने खेलो इंडिया में तीन बार गोल्ड मेडल, एक बार राष्ट्रीय खेल मंडल में सिल्वर मेडल और 10 सीनियर नेशनल हॉकी में स्वर्णपदक प्राप्त किया है। महिला जूनियर एशिया हॉकी कप में अन्नू ने डबल हैट्रिक लगाई और उसने नौ गोल किए। छह गोल उसने उज्बेकिस्तान के खिलाफ किए थे। अन्नू के गोल की बदौलत ही भारतीय टीम एशिया कप जीत सकी।
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माता-पिता के अलावा एक भाई
अन्नू के पिता राजपाल खेतीबाड़ी करते हैं और माता बिमला गृहिणी हैं। अन्नू का एक भाई है जो सरकारी नौकरी करता है। अन्नू के घर में बधाई देने वालाें का तांता लगा हुआ है। गांव के चौक-चौराहों पर अन्नू की सफलता की ही चर्चा हो रही है। गांव की बेटी की इस उपलब्धि पर सभी खुश हैं।
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उचाना (जींद)। छोटे से गांव रोजखेड़ा के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं है। हो भी क्यों नहीं, जब उनकी लाडली बिटिया अन्नू ने एशिया महाद्वीप में अपने गांव, जिला व राज्य का नाम रोशन किया है। किसान की बेटी अन्नू रोजखेड़ा ने जापान में खेले गए जूनियर महिला एशिया हॉकी कप जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में अन्नू ने नौ गोल किए। अन्नू को फाइनल मैच में बेस्ट गोल स्कोर का अवाॅर्ड भी मिला। अन्नू रोजखेड़ा ने पहली बार एशिया हॉकी कप में डबल हैट्रिक लगाई। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहली बार एशिया कप गोल्ड मेडल जीता। भारत की टीम ने चार बार विजेता रही साउथ कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया।
अन्नू के पिता राजपाल एक छोटे से किसान हैं। अन्नू छोटी सी उम्र में ही खेलों में रुचि रखती थी वह रोजखेड़ा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में तीसरी कक्षा में खो-खो में फर्स्ट आई थी। वह 2010 में सिरसा चली गई वहां पर हॉकी खेल नर्सरी में उसका दाखिला हो गया। सिरसा खेल नर्सरी में जगबीर कोच की निगरानी में हॉकी में उसकी और अधिक रुचि बढ़ गई। इसके बाद उसका दाखिला हिसार में हो गया फिर हॉकी का प्रशिक्षण लेने के लिए अन्नू बंगलुरू चली गई। यहां से उसने हॉकी का अच्छी तरह अभ्यास किया और भारतीय टीम को विजय दिलाई।
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अनेक उपलब्धियां हैं अन्नू के नाम
अनु रोजखेड़ा ने खेलो इंडिया में तीन बार गोल्ड मेडल, एक बार राष्ट्रीय खेल मंडल में सिल्वर मेडल और 10 सीनियर नेशनल हॉकी में स्वर्णपदक प्राप्त किया है। महिला जूनियर एशिया हॉकी कप में अन्नू ने डबल हैट्रिक लगाई और उसने नौ गोल किए। छह गोल उसने उज्बेकिस्तान के खिलाफ किए थे। अन्नू के गोल की बदौलत ही भारतीय टीम एशिया कप जीत सकी।
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माता-पिता के अलावा एक भाई
अन्नू के पिता राजपाल खेतीबाड़ी करते हैं और माता बिमला गृहिणी हैं। अन्नू का एक भाई है जो सरकारी नौकरी करता है। अन्नू के घर में बधाई देने वालाें का तांता लगा हुआ है। गांव के चौक-चौराहों पर अन्नू की सफलता की ही चर्चा हो रही है। गांव की बेटी की इस उपलब्धि पर सभी खुश हैं।