फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   farmer will stop the trains going to panjab, if the demands are not met till august 13

13 अगस्त तक मांगे पूरी नहीं हुई तो 14 को पंजाब जाने वाली ट्रेनें रोकेंगे किसान

Mon, 29 Jul 2019 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2019 12:45 AM IST
विज्ञापन
farmer will stop the trains going to panjab, if the demands are not met till august 13
महापंचायत में किसानों को संबोधित करते किसान नेता रमेश दलाल। - फोटो : Jind
हरियाणा स्वाभिमान महापंचायत में किसानों ने फैसला लिया कि यदि 13 अगस्त तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वे 14 अगस्त से पंजाब की तरफ जाने वाली ट्रेनों को रोक देंगे। जुलाना की नई अनाज मंडी में हुई महापंचायत में किसानों ने नारा दिया कि हरियाणा अब झुकेगी नहीं और आंदोलन अब रुकेगा नहीं। पंचायत की अध्यक्षता नंदगढ़ बारहा खाप के प्रधान होशियार सिंह दलाल और लाठर बारहा के प्रधान राजमल जेई ने की।
विज्ञापन

रमेश दलाल ने कहा कि किसानों को अपनी बात मनवानी आती है। इससे पहले सरकार केवल 36 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देती है, जो किसानों ने मनवाकर एक करोड़ रुपये करवा लिया है। रेल रोकना उनका कोई उद्देश्य नहीं है, केवल उनकी मांग मानी जानी चाहिए। सरकार किसानों को सम्मान देना चाहती है तो किसानों की फसल का सही सरकार दे। हरियाणा को उसके हिस्से का एसवाईएल का पानी मिलना चाहिए। धान, कपास और बाजरे का न्यूनतम मूल्य किसानों को मिलना चाहिए। धान का मूल्य 180 से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल और कपास का मूल्य पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मिलना चाहिए। नेशनल हाईवे 152-डी का मुआवजा मार्केट रेट के हिसाब से मिलना चाहिए। दिल्ली के तीन तरफ प्रदेश होने के बावजूद भी मेट्रो रेल नहीं चलाई गई है। उत्तर प्रदेश में चार मेट्रो चल रही हैं, उस हिसाब से हरियाणा में 12 मेट्रो होनी चाहिए। मेट्रो का विस्तार हरियाणा के सोनीपत, सांपला और पलवल तक किया जाए। जुलाना को उपमंडल बनाया जाए। जाखोदा गांव में किसानों को खराब फसल का मुआवजा जल्द मिलना चाहिए। हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग के कई मुआवजे लंबित हैं, जोकि 15 साल से पड़े हैं, किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है। चुनाव में वोट लेने के लिए सीएम ने घोषणा की है कि पूर्व सरपंच, पूर्व जिला परिषद के सदस्य और पूर्व चेयरमैन को पेंशन दी जाएगी। किसानों की मांग है कि पूर्व पंचों को भी पेंशन दी जानी चाहिए।
विज्ञापन

खिलाड़ियों ने भी किया किसानों का समर्थन, रखी अपनी समस्याएं
स्वाभिमान महापंचायत को समर्थन देने के लिए पूरे हरियाणा से खिलाड़ी भी पहुंचे। पूर्व डीएसपी दलीप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे खिलाड़ियों ने किसानों को समर्थन देते हुए अपनी आवाज उठाई। एशियाड में गोल्ड जीतने वाली कविता सिवाच ने कहा कि 80 प्रतिशत से ज्यादा खिलाड़ी किसान व मजदूर के ही बेटे हैं। सरकार ने खिलाड़ियों को दिए जाने वाले कैश अवॉर्ड में कटौती की है। स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट को भी बी ग्रेड से डी ग्रेड में बदल दिया है। इससे खिलाड़ियों को नौकरी मिलने में परेशानी हो रही है। यदि कोई खिलाड़ी चार मेडल जीतता है तो उसके पहले मेडल पर पूरा कैश अवॉर्ड, दूसरे पर 50 प्रतिशत कम, तीसरे पर 75 प्रतिशत कम व चौथे पर कुछ भी नहीं दिया जाता। इससे खिलाड़ी अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। दलीप सिंह ने कहा कि सभी खिलाड़ी किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed