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Jind News: किसान नेता सुप्रीम कोर्ट में डल्लेवाल की सेहत में सुधार की बात कहने पर भड़के
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16जेएनडी25: जानकारी देते हुए किसान नेता। संवाद
खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में 111 किसानों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर चिकित्सकों ने अनशन कर रहे सभी किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। मोर्चे पर डल्लेवाल के स्वास्थ्य के बारे में रिपोर्ट पेश की गई। किसान नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकील द्वारा उनकी सेहत में सुधार की बात कहने पर वकील पर जमकर निशाना साधा। दूसरी तरफ धरनास्थल पर भारी पुलिसबल तैनात रहा और फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा।
किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में हरियाणा की सीमा में 111 किसानों का आमरण अनशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर सभी किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। धरने पर कई किसान सर्दी के कारण बीमार हो गए है। एक किसान प्रीतपाल उम्र 40 वर्ष वासी हंबोवाल जिला कपूरथला, जिसका बीपी डाउन हो गया था, को फाइव रिवर हार्ट एसोसिएशन के डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक सहायता दी गई है। अब ठीक है इसको मिर्गी के दौरे भी आते हैं जो अभी धरने पर ही है।
कोटड़ा ने कहा कि हरियाणा से लगातार अनाउंसमेंट होती रही कि किसान हरियाणा की सीमा से बाहर चले जाएं, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जब वह वहां मौजूद प्रशासन से मिलने पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि वह शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं। तब प्रशासन ने किसानों पर कोई दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि जिस बॉर्डर पार से पानी की बौछार, गोली आती थी, उस बॉर्डर पार से बीमार किसान के लिए डॉक्टरों की टीम इलाज के लिए आई। किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने इसका स्वागत किया है। किसान की तबीयत खराब के बारे में सूचना पर उझाना (जींद) से चिकित्सक भी धरना स्थल पर पंहुचे। किसानों ने हरियाणा के डॉक्टरों से इलाज के लिए इंकार कर दिया।
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किसान नेता काका सिंह कोटड़ा व अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन के 52वें दिन उनकी सेहत अलर्ट मोड पर है। उन्हें पानी भी नहीं पच रहा है और लगातार उल्टियां हो रही है। उन्होंने बताया कि वीरवार को डल्लेवाल का वजन 65 किलो 400 ग्राम रहा। आमरण अनशन के पहले दिन उनका वजन 86 किलो 900 ग्राम था। उनके वजन में साढ़े 23 प्रतिशत गिरावट हुई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील द्वारा उनकी सेहत में सुधार की बात कहने पर कोहाड़ ने कहा कि कोई व्यक्ति कैंसर का मरीज हो, उसका वजन लगातार घट रहा हो। कीटोन बॉडी, बीपी नॉर्मल न हो और वकील बोल रहे हैं उनकी सेहत में सुधार है तो ऐसे में वकील को भी अपने शरीर में सुधार के लिए अनशन पर बैठना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में इस तरह को तर्क रखने वाले लोग सिर्फ अपनी नौकरी बचाने के लिए ऐसा कह रहे हैं।
वीरवार को मोर्चे पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की मेडिकल रिपोर्ट बारे बताते हुए राजिंद्रा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. हरजिंद्र ने बताया कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की कोई भी रिपोर्ट सही नहीं है। उनके शरीर में पानी की कमी हो गई है और उन्हें बार बार उल्टियां हो रही हैं। उनकी हालत पहले से खराब है।
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किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में हरियाणा की सीमा में 111 किसानों का आमरण अनशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर सभी किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। धरने पर कई किसान सर्दी के कारण बीमार हो गए है। एक किसान प्रीतपाल उम्र 40 वर्ष वासी हंबोवाल जिला कपूरथला, जिसका बीपी डाउन हो गया था, को फाइव रिवर हार्ट एसोसिएशन के डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक सहायता दी गई है। अब ठीक है इसको मिर्गी के दौरे भी आते हैं जो अभी धरने पर ही है।
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कोटड़ा ने कहा कि हरियाणा से लगातार अनाउंसमेंट होती रही कि किसान हरियाणा की सीमा से बाहर चले जाएं, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जब वह वहां मौजूद प्रशासन से मिलने पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि वह शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं। तब प्रशासन ने किसानों पर कोई दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि जिस बॉर्डर पार से पानी की बौछार, गोली आती थी, उस बॉर्डर पार से बीमार किसान के लिए डॉक्टरों की टीम इलाज के लिए आई। किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने इसका स्वागत किया है। किसान की तबीयत खराब के बारे में सूचना पर उझाना (जींद) से चिकित्सक भी धरना स्थल पर पंहुचे। किसानों ने हरियाणा के डॉक्टरों से इलाज के लिए इंकार कर दिया।
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किसान नेता काका सिंह कोटड़ा व अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन के 52वें दिन उनकी सेहत अलर्ट मोड पर है। उन्हें पानी भी नहीं पच रहा है और लगातार उल्टियां हो रही है। उन्होंने बताया कि वीरवार को डल्लेवाल का वजन 65 किलो 400 ग्राम रहा। आमरण अनशन के पहले दिन उनका वजन 86 किलो 900 ग्राम था। उनके वजन में साढ़े 23 प्रतिशत गिरावट हुई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील द्वारा उनकी सेहत में सुधार की बात कहने पर कोहाड़ ने कहा कि कोई व्यक्ति कैंसर का मरीज हो, उसका वजन लगातार घट रहा हो। कीटोन बॉडी, बीपी नॉर्मल न हो और वकील बोल रहे हैं उनकी सेहत में सुधार है तो ऐसे में वकील को भी अपने शरीर में सुधार के लिए अनशन पर बैठना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में इस तरह को तर्क रखने वाले लोग सिर्फ अपनी नौकरी बचाने के लिए ऐसा कह रहे हैं।
वीरवार को मोर्चे पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की मेडिकल रिपोर्ट बारे बताते हुए राजिंद्रा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. हरजिंद्र ने बताया कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की कोई भी रिपोर्ट सही नहीं है। उनके शरीर में पानी की कमी हो गई है और उन्हें बार बार उल्टियां हो रही हैं। उनकी हालत पहले से खराब है।