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Jind News: आई फ्लू के मरीज घबराएं नहीं, चिकित्सक से इलाज करवाएं
Sat, 29 Jul 2023 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 29 Jul 2023 01:09 AM IST
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जींद। जिले में आई फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नागरिक अस्पताल में ही प्रतिदिन 200 से 250 लोग औसतन अपनी आंखों की जांच करवाने के लिए पहुंच रहे हैं और इसमें से 70 प्रतिशत लोग आई फ्लू से ग्रस्त मिल रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों ने आई फ्लू से ग्रस्त मरीजों को सुझाव दिया है कि वह घबराएं नहीं, चिकित्सक से उपचार करवाएं। वहीं, केमिस्ट की बजाय चिकित्सकों द्वारा दी गई दवाइयों का इस्तेमाल करें।
जिले में आई फ्लू (कंजक्टिवाइटिस) का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते आई फ्लू की चपेट में बड़ों से लेकर छोटे-छोटे बच्चे भी आ रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीज आई फ्लू के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते संक्रमण की वजह से आंखों में जख्म भी हो रहे हैं। अस्पताल में आ रहे मरीजों को आंखों का लाल होना, पानी आना, सूजन, खुजली, दर्द होने की परेशानी मिल रही हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि जो मरीज पहले दो से तीन दिन में ठीक हो रहे थे, उन्हें छह से सात दिन ठीक होने में लग रहे हैं।
आई फ्लू से बचाव के उपाय
1. पीड़ित व्यक्ति काला चश्मा पहने।
2. टीवी या मोबाइल से दूरी बनाएं।
3. आंखों को बार-बार छूने से बचें।
4. इन्फेक्शन से बचने के लिए बारिश से बचें।
5. आंखों को गुनगुने पानी से क्लीन करें।
6. आंखों को साफ करने के लिए साफ और सूती कपड़े का इस्तेमाल करें।
7. आई फ्लू के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
आई टू आई कनेक्शन बनने से बचें : डाॅ. गितांशु
नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. गितांशु ने कहा कि आई फ्लू को लेकर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। आई टू आई कांटेक्ट नहीं होने दें। टीवी तथा मोबाइल से दूरी बनाएं। आई फ्लू से बचने के लिए आंखों को ठंडे पानी से धोएं। आंखों और चेहरे को साफ कपड़े से धोएं। हाथ अगर आंखों पर चला गया हो तो साबुन से धोएं। अस्पताल में आई फ्लू के उपचार को लेकर दवाओं की कोई कमी नहीं है। तुरंत उपचार शुरू करवाएं।
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उचाना में रोज 100 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं अस्पताल
उचाना। नागरिक अस्पताल उचाना में करीब 100 मरीज रोज आई फ्लू के पहुंच रहे हैं। आई फ्लू के चलते काले चश्मों की बिक्री भी बढ़ी है। चश्मा विक्रेता सुनील ने बताया कि पहले बहुत कम चश्मे बिकते थे। मच्छरों से बाइक पर बचाने के लिए लोग चश्मे लेते थे लेकिन कुछ दिनों से आई फ्लू के चलते काले चश्मे की बिक्री बढ़ी है। 100 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के चश्मे बिक रहे हैं। उचाना के एसएमओ डॉ. जेके मान ने कहा कि उमस भरे मौसम में बैक्टीरिया के विषाणु आंखों के संपर्क में आकर इंफेक्शन कर देते हैं। इससे प्रदूषण के कारण भी इंफेक्शन बढ़ता है। इसलिए दूसरों के संपर्क में आने से बचने की जरूरत है। साथ ही चश्मा जरूर लगाएं।
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जिले में आई फ्लू (कंजक्टिवाइटिस) का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते आई फ्लू की चपेट में बड़ों से लेकर छोटे-छोटे बच्चे भी आ रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीज आई फ्लू के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते संक्रमण की वजह से आंखों में जख्म भी हो रहे हैं। अस्पताल में आ रहे मरीजों को आंखों का लाल होना, पानी आना, सूजन, खुजली, दर्द होने की परेशानी मिल रही हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि जो मरीज पहले दो से तीन दिन में ठीक हो रहे थे, उन्हें छह से सात दिन ठीक होने में लग रहे हैं।
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आई फ्लू से बचाव के उपाय
1. पीड़ित व्यक्ति काला चश्मा पहने।
2. टीवी या मोबाइल से दूरी बनाएं।
3. आंखों को बार-बार छूने से बचें।
4. इन्फेक्शन से बचने के लिए बारिश से बचें।
5. आंखों को गुनगुने पानी से क्लीन करें।
6. आंखों को साफ करने के लिए साफ और सूती कपड़े का इस्तेमाल करें।
7. आई फ्लू के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
आई टू आई कनेक्शन बनने से बचें : डाॅ. गितांशु
नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. गितांशु ने कहा कि आई फ्लू को लेकर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। आई टू आई कांटेक्ट नहीं होने दें। टीवी तथा मोबाइल से दूरी बनाएं। आई फ्लू से बचने के लिए आंखों को ठंडे पानी से धोएं। आंखों और चेहरे को साफ कपड़े से धोएं। हाथ अगर आंखों पर चला गया हो तो साबुन से धोएं। अस्पताल में आई फ्लू के उपचार को लेकर दवाओं की कोई कमी नहीं है। तुरंत उपचार शुरू करवाएं।
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उचाना में रोज 100 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं अस्पताल
उचाना। नागरिक अस्पताल उचाना में करीब 100 मरीज रोज आई फ्लू के पहुंच रहे हैं। आई फ्लू के चलते काले चश्मों की बिक्री भी बढ़ी है। चश्मा विक्रेता सुनील ने बताया कि पहले बहुत कम चश्मे बिकते थे। मच्छरों से बाइक पर बचाने के लिए लोग चश्मे लेते थे लेकिन कुछ दिनों से आई फ्लू के चलते काले चश्मे की बिक्री बढ़ी है। 100 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के चश्मे बिक रहे हैं। उचाना के एसएमओ डॉ. जेके मान ने कहा कि उमस भरे मौसम में बैक्टीरिया के विषाणु आंखों के संपर्क में आकर इंफेक्शन कर देते हैं। इससे प्रदूषण के कारण भी इंफेक्शन बढ़ता है। इसलिए दूसरों के संपर्क में आने से बचने की जरूरत है। साथ ही चश्मा जरूर लगाएं।