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Jind News: दो करोड़ खर्च के बाद भी अंधेरे में शहर...शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
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जींद। शहर में मुख्य मार्गों से लेकर आवासीय कॉलोनियों तक बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात होते ही घना अंधेरा छा जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
नगर परिषद ने शहर को रोशन रखने के लिए दो करोड़ों रुपये खर्च कर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की थी लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।
शहर में करीब 25 हजार स्ट्रीट लाइटें शहर में लगाई गई हैं जिनके रखरखाव के लिए पूरे शहर को तीन जोन में बांटकर अलग-अलग ठेकेदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद अर्बन एस्टेट, गोहाना रोड, पटियाला चौक, श्याम नगर, संत नगर, जवाहर नगर समेत कई इलाकों में रात के समय अंधेरा छाया रहता है।
नए बस अड्डे के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं जिससे रात में गुजरने वाले लोगों को परेशानी और जोखिम दोनों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर परिषद के अधिकारियों, डीएमसी और चेयरपर्सन को शिकायत देने के बावजूद बंद लाइटों को ठीक नहीं किया गया है। वहीं ठेकेदार की ओर से नियमित निगरानी नहीं की जा रही जिसके कारण कई दिनों तक खराब लाइटें बंद पड़ी रहती हैं।
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वर्जन
रात के समय अंधेरे के कारण सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु दिखाई नहीं देते। इससे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्ग राहगीरों को अधिक परेशानी होती है। कई लोग अंधेरे के कारण रात में पैदल निकलने से भी कतराने लगे हैं। महिलाओं और बच्चों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
-विकास सिहाग।
बाक्स
शहर को रोशन रखने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है और करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन रात में लोग अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। मुख्य मार्गों और कॉलोनियों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक किया जाना चाहिए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। -राजकुमार गोयल समाजसेवी
बाक्स
बरसात व तूफान के कारण स्ट्रीट लाइट खराब हुई थीं। वीरवार को गोहाना रोड पर खराब हुई स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवा दिया है। इनकी शिकायत शहरवासियों से मिली थी। संबंधित ठेकेदार को नियमित निरीक्षण कर खराब लाइटों को तुरंत ठीक करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि शहर की सड़कें रात को जगमगा सकें और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।
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नगर परिषद ने शहर को रोशन रखने के लिए दो करोड़ों रुपये खर्च कर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की थी लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।
शहर में करीब 25 हजार स्ट्रीट लाइटें शहर में लगाई गई हैं जिनके रखरखाव के लिए पूरे शहर को तीन जोन में बांटकर अलग-अलग ठेकेदारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद अर्बन एस्टेट, गोहाना रोड, पटियाला चौक, श्याम नगर, संत नगर, जवाहर नगर समेत कई इलाकों में रात के समय अंधेरा छाया रहता है।
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नए बस अड्डे के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं जिससे रात में गुजरने वाले लोगों को परेशानी और जोखिम दोनों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर परिषद के अधिकारियों, डीएमसी और चेयरपर्सन को शिकायत देने के बावजूद बंद लाइटों को ठीक नहीं किया गया है। वहीं ठेकेदार की ओर से नियमित निगरानी नहीं की जा रही जिसके कारण कई दिनों तक खराब लाइटें बंद पड़ी रहती हैं।
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रात के समय अंधेरे के कारण सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु दिखाई नहीं देते। इससे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्ग राहगीरों को अधिक परेशानी होती है। कई लोग अंधेरे के कारण रात में पैदल निकलने से भी कतराने लगे हैं। महिलाओं और बच्चों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
-विकास सिहाग।
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शहर को रोशन रखने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है और करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन रात में लोग अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। मुख्य मार्गों और कॉलोनियों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक किया जाना चाहिए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। -राजकुमार गोयल समाजसेवी
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बरसात व तूफान के कारण स्ट्रीट लाइट खराब हुई थीं। वीरवार को गोहाना रोड पर खराब हुई स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवा दिया है। इनकी शिकायत शहरवासियों से मिली थी। संबंधित ठेकेदार को नियमित निरीक्षण कर खराब लाइटों को तुरंत ठीक करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि शहर की सड़कें रात को जगमगा सकें और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।