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Jind News: थैलेसीमिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर

Sun, 25 May 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 25 May 2025 01:17 AM IST
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Emphasis on increasing awareness about thalassemia
24जेएनडी04-नागरिक अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में थैलेसीमिया बीमारी के बारे में जागरूक करते हु
जींद। जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल में थैलेसीमिया को लेकर शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया।
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कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. सुमन कोहली, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डिप्टी सीएमओ डॉ. पालेराम कटारिया, एमएस डॉ. अरविंद, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. सोनल, डॉ. शिप्रा गिरधर, डॉ. हिना भी मौजूद रही।।

इस दौरान सीएमओ डॉ. सुमन कोहली ने कहा कि थैलेसीमिया खून से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति के शरीर में हीमोग्लोबिन बनना बंद हो जाता है। यह बीमारी अभिभावकों से बच्चों तक पहुंचती है। ऐसे में थैलेसीमिया के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए।
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उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पेशेंट को हरसंभव सुविधा अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई जाए। डिप्टी सीएमओ डॉ. पालेराम कटारिया ने कहा कि यह एक वंशानुगत रक्त विकार है जो असामान्य जीन के माध्यम से माता-पिता से बच्चों में आता है। थैलेसीमिया ग्रस्त व्यक्ति सामान्य कार्यशील लाल रक्त कणिकाओं को पैदा करने में असमर्थ होता है। जिसके कारण व्यक्ति को रक्त की कमी हो जाती है और मरीज को लगातार दो से तीन सप्ताह के अंतराल में खून की आवश्यकता रहती है।
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इस बीमारी में साहस और संतोष से काम लें

डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि अभिवावक साहस और संतोष से काम लें तो थैलेसीमिया से ग्रस्त बच्चों को भी ताकत मिलेगी और वह इस बीमारी के अवसाद से बाहर निकल पाएंगे। जींद में 25 थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित मरीज हैं। जिन्हें जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल से समय-समय पर रक्त की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। अस्पताल में थैलेसीमिया प्रभावित मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाया जा रहा है। समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के साथ मिल कर कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं ताकि आमजन को बीमारी के प्रति जागरूक किया जाएगा। डॉ. शिप्रा ने कहा कि थैलेसीमिया बीमारी से बचने के लिए मरीज का हिमोग्लोबिन 11-12 बनाए रखने का प्रयास करें। समय पर दवाइयां लें और इलाज पूरा करवाएं।
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