{"_id":"68110aa969e0a775be026a32","slug":"efforts-to-make-students-proficient-by-increasing-their-participation-in-studies-jind-news-c-199-1-jnd1002-133844-2025-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: पठन-पाठन में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाकर निपुण बनाने का प्रयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: पठन-पाठन में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाकर निपुण बनाने का प्रयास
Tue, 29 Apr 2025 10:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 29 Apr 2025 10:51 PM IST
विज्ञापन
जींद। पठन पाठन में विद्यार्थियों की शत प्रतिशत भागीदारी हो, जिसमें सभी बच्चे निपुण लक्ष्य प्राप्त कर सकें। इसको लेकर निपुण हरियाणा मिशन के एफएलएन कार्यक्रम के तहत डीपीआईयू (जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई) की बैठक का शेड्यूल जारी हुआ है।
इसके तहत 30 अप्रैल को डीपीआईयू बैठक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में होगी। बैठक में क्लस्टर हेड विजिट, स्टूडेंट अकाउंट आउटकम, रिव्यू ऑनलाइन दीक्षा कोर्स, साप्ताहिक कार्य योजना, सीपीआईयू व बीपीआईयू बैठक रिकॉर्ड के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा राजकीय स्कूलों में चल रहे दाखिला प्रक्रिया पर चर्चा होगी। इसमें 20 से छात्र संख्या वाले स्कूलों के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। अगर किसी स्कूल में छात्र संख्या 20 से ज्यादा नहीं होगी तो उसके बारे में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित में जवाब देना होगा।
वहीं आंगनबाड़ी के कितने बच्चों को बालवाटिका में दाखिला और राजकीय स्कूलों के पांचवीं से छठी कक्षा और आठवीं से नौवीं से कक्षा में कितने विद्यार्थी प्रमोट हुए हैं, इसके बारे में चर्चा होगी।
विज्ञापन
बैठक का मुख्य उद्देश्य है कि पठन-पाठन में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी हो, जिसमें सभी बच्चे निपुण लक्ष्य प्राप्त कर सकें। विद्यार्थियों को धाराप्रवाह पठन का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करवाएं। मौखिक भाषा विकास और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों को अधिकाधिक बोलने का अवसर प्रदान करें। निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए माता-पिता का सहयोग भी लें। शिक्षक और अभिभावक बैठकों का एक अंतराल के बाद आयोजन सुनिश्चित करें और बच्चों की प्रगति पर चर्चा करें।
विद्यार्थियों की गुणवत्ता में सुधार के लिए नवाचारों का प्रयोग करें। छोटी छोटी और महत्वपूर्ण जानकारियां प्रतिदिन विद्यार्थियों के साथ सांझा करें ताकि बच्चों के सामान्य ज्ञान में वृद्धि हो सकें। डीपीआईयू में डीईईओ चेयरपर्सन, डाइट प्रिंसिपल सदस्य सचिव, डीईओ, डिप्टी डीईओ, बीईओ, बीआरसी, दो वरिष्ठ लेक्चरर, जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर व पहला कदम फाउंडेशन सहित अन्य एनजीओ सदस्य के रूप में काम करते हैं।
एफएलएन के तहत 30 अप्रैल को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में डीपीआईयू की बैठक होगी। इसमें विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने और उनकी कमियों को दूर करने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही स्कूलों में कितने दाखिले हुए हैं और जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, उन्हें बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श होगा।
-राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर।
विज्ञापन
इसके तहत 30 अप्रैल को डीपीआईयू बैठक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में होगी। बैठक में क्लस्टर हेड विजिट, स्टूडेंट अकाउंट आउटकम, रिव्यू ऑनलाइन दीक्षा कोर्स, साप्ताहिक कार्य योजना, सीपीआईयू व बीपीआईयू बैठक रिकॉर्ड के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा राजकीय स्कूलों में चल रहे दाखिला प्रक्रिया पर चर्चा होगी। इसमें 20 से छात्र संख्या वाले स्कूलों के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। अगर किसी स्कूल में छात्र संख्या 20 से ज्यादा नहीं होगी तो उसके बारे में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित में जवाब देना होगा।
विज्ञापन
वहीं आंगनबाड़ी के कितने बच्चों को बालवाटिका में दाखिला और राजकीय स्कूलों के पांचवीं से छठी कक्षा और आठवीं से नौवीं से कक्षा में कितने विद्यार्थी प्रमोट हुए हैं, इसके बारे में चर्चा होगी।
विज्ञापन
बैठक का मुख्य उद्देश्य है कि पठन-पाठन में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी हो, जिसमें सभी बच्चे निपुण लक्ष्य प्राप्त कर सकें। विद्यार्थियों को धाराप्रवाह पठन का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करवाएं। मौखिक भाषा विकास और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थियों को अधिकाधिक बोलने का अवसर प्रदान करें। निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए माता-पिता का सहयोग भी लें। शिक्षक और अभिभावक बैठकों का एक अंतराल के बाद आयोजन सुनिश्चित करें और बच्चों की प्रगति पर चर्चा करें।
विद्यार्थियों की गुणवत्ता में सुधार के लिए नवाचारों का प्रयोग करें। छोटी छोटी और महत्वपूर्ण जानकारियां प्रतिदिन विद्यार्थियों के साथ सांझा करें ताकि बच्चों के सामान्य ज्ञान में वृद्धि हो सकें। डीपीआईयू में डीईईओ चेयरपर्सन, डाइट प्रिंसिपल सदस्य सचिव, डीईओ, डिप्टी डीईओ, बीईओ, बीआरसी, दो वरिष्ठ लेक्चरर, जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर व पहला कदम फाउंडेशन सहित अन्य एनजीओ सदस्य के रूप में काम करते हैं।
एफएलएन के तहत 30 अप्रैल को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में डीपीआईयू की बैठक होगी। इसमें विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने और उनकी कमियों को दूर करने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही स्कूलों में कितने दाखिले हुए हैं और जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, उन्हें बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श होगा।
-राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर।