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बदलते मौसम का असर : जिले में वायरल, खांसी-जुकाम के बढ़ रहे मरीज

Tue, 09 Aug 2022 11:06 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 11:06 PM IST
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Effect of changing weather: increasing cases of viral, cough and cold in the district
कई दिनों से मौसम में कभी गर्मी तो कभी बारिश के कारण तापमान ऊपर नीचे हो रहा है। इस कारण वायरल इंफेक्शन व मौसमी रोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। नागरिक अस्पताल में इस समय वायरल बुखार, एलर्जी, हाथ-पैर में दर्द, पेट दर्द के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में औसतन 1500 के आसपास ओपीडी होती है। इनमें से प्रतिदिन 500 मरीज वायरल बुखार, खांसी, छाती में इंफेक्शन, एलर्जी तथा पेट दर्द के आ रहे हैं। इन्हीं मरीजों में से कोरोना संक्रमण के मामले में आ रहे हैं। इसी कारण कोरोना संक्रमण अधिक बढ़ता जा रहा है।
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इस मौसम में वायरल बुखार, स्किन एलर्जी, जुकाम, हाथ-पैर में दर्द, पेट दर्द, जी मिचलाना, उल्टी व छाती में संक्रमण के मामले अधिक बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में स्थित लैब में जांच के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है। स्वास्थ्य विभाग वायरल बुखार के मरीजों की कोरोना जांच भी करवाता है। इन्हीं लोगों में से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतम 1500 के आसपास ओपीडी होती है। इनमें से 500 रोगी ऐसे हैं जो मौसमी बीमारियों के कारण पीड़ित हैं। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। इस मौसम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कहा है कि किसी भी सूरत में फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इस मौसम में ठंडी चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
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वायरल बुखार के लक्षण
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने बताया कि वायरल बुखार से मरीज को तेज सिरदर्द के साथ बदन दर्द भी होता है। मरीज की आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर का तापमान बढ़ जाता है। मरीज को ठंड तथा कंपकंपी के साथ बुखार हो जाता है। इसके अलावा उल्टी व दस्त भी हो सकते हैं। सर्दी, जुकाम होने के साथ नाक भी बहने लगती है। मरीज का गला भी खराब हो जाता है तथा कुछ भी वस्तु खाते समय गले में दर्द होता है। यही लक्षण कोरोना संक्रमण के हैं।
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सावधानी कैसे रखें
डॉ. राजेश भोला ने बताया कि बरसात के मौसम में पनपने वाली बैक्टीरिया संबंधी बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छ खानपान के साथ-साथ साफ कपड़े पहनने चाहिए। शरीर को बारिश में गीला होने से बचाना चाहिए। यदि किसी कारण पानी में भीग गए हों तो तुरंत शरीर को सुखा ले। ठंडी वस्तुओं से बिल्कुल परहेज रखें। हो सके तो गर्म पानी ही पीयें। घरेलू उपचार की बजाय तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। हरी पत्तेदार सब्जियां उबाल कर खाएं। यदि किसी परिवार के सदस्य को बुखार हो तो उससे दूरी बनाए रखें।
उमस भरी गर्मी के कारण बढ़ रहे स्किन एलर्जी के रोग
इस समय उमस भरी गर्मी के कारण पसीना नहीं सूख रहा। इस कारण त्वचा संबंधी रोग हो रहे हैं। यदि कहीं पानी खड़ा हो और उसमें से किसी कारण निकलना पड़ जाए तो भी त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं। यदि एक बार खुजली हो जाए तो वह काफी भयंकर हो जाती है इसलिए प्रतिदिन दिन में दो से तीन बार स्नान करें और पाउडर का प्रयोग करें।

बरसात के मौसम के कारण ओपीडी बढ़ गई है। वायरल बुखार, स्किन एलर्जी, जुकाम व गले में इंफेक्शन के मरीज बहुत ज्यादा आ रहे हैं। सभी को बरसाती मौसम में सजग रहने की जरूरत है। अपने खानपान में विटामिन से भरपूर चीजें लेनी चाहिए। तली हुई व ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए।
-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।
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