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मानव निर्माण की मुख्य कड़ी है शिक्षा : शुक्राईनाथ योगी
Mon, 16 Feb 2026 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:08 AM IST
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15जेएनडी32: घोघड़िया के राजकीय स्कूल मैदान में परीक्षा देते हुए युवा। स्रोत : ग्रामीण
जींद। घोघड़िया गांव के बस स्टॉप के पास राजकीय स्कूल के मैदान में शिक्षा इनामी महादंगल का आयोजन हुआ। विलक्षण प्रतिभा खोज एचएसएसई, सीईटी पैटर्न पर प्रतियोगिता हुई। शुक्राईनाथ योगी ने कहा कि मानव निर्माण की शिक्षा मुख्य कड़ी है।
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के अलावा प्रमुख लोग भी आयोजन का हिस्सा बने। लड़कों, लड़कियों की अलग-अलग जगहों पर परीक्षा देने के लिए बैठने को लेकर जगह निर्धारित की गई।
प्रथम रहने वाले को 2 लाख 1 हजार, द्वितीय को 1 लाख 51 हजार, तृतीय को 1 लाख 1 हजार का पुरस्कार मिलेगा। चौथे स्थान को 71, पंचम को 51, छठे को 31, सातवेंं को 21, आठवें को 11 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। नौंवा स्थान प्राप्त करने वाले को 5100, दसवां स्थान पर आने वाले को 3100 एवं 11वां स्थान वाले को 2100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएग।
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12वें नंबर से 21 वें स्थान तक 1100-1100, 22वें स्थान से 51वें स्थान तक 500-500 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। काफी दिनों से परीक्षा की तैयारी की जा रही है। गांव में टीम बना कर ड्यूटी लगाई गई ताकि किसी तरह की परेशानी आने वालों को न हो। पुलिस प्रशासन जगह-जगह पर मुस्तैद रहा।
आयोजक महंत शुक्राईनाथ योगी ने कहा कि शरीर का एक भी अंग काम करना छोड़ जाए तो परेशानी हो जाती है। समाज के शैक्षणिक ढांचे के शिक्षक भी लीवर, किडनी हैं। घोघडिय़ा गांव ही नहीं बल्कि हर गांव की पंचायत जिला स्तर पर कार्यक्रम होते हुए देश, प्रदेशस्तर पर इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा होनी चाहिए। इससे प्रतिस्पर्धा की भावना बच्चों के अंदर पैदा होगी जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।
इस अवसर पर वेदप्रकाश गर्ग, डॉ. अमित कुमार, प्रदीप शास्त्री राजली, रामचंद्र अत्री, सरपंच प्रतिनिधि दीपक बूरा, प्रवीण उड़ान, रामकुमार घोघडिय़ा, मा. रामप्रसाद, शीशपाल शास्त्री मौजूद रहे।
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डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के अलावा प्रमुख लोग भी आयोजन का हिस्सा बने। लड़कों, लड़कियों की अलग-अलग जगहों पर परीक्षा देने के लिए बैठने को लेकर जगह निर्धारित की गई।
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प्रथम रहने वाले को 2 लाख 1 हजार, द्वितीय को 1 लाख 51 हजार, तृतीय को 1 लाख 1 हजार का पुरस्कार मिलेगा। चौथे स्थान को 71, पंचम को 51, छठे को 31, सातवेंं को 21, आठवें को 11 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। नौंवा स्थान प्राप्त करने वाले को 5100, दसवां स्थान पर आने वाले को 3100 एवं 11वां स्थान वाले को 2100 रुपए का पुरस्कार दिया जाएग।
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12वें नंबर से 21 वें स्थान तक 1100-1100, 22वें स्थान से 51वें स्थान तक 500-500 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। काफी दिनों से परीक्षा की तैयारी की जा रही है। गांव में टीम बना कर ड्यूटी लगाई गई ताकि किसी तरह की परेशानी आने वालों को न हो। पुलिस प्रशासन जगह-जगह पर मुस्तैद रहा।
आयोजक महंत शुक्राईनाथ योगी ने कहा कि शरीर का एक भी अंग काम करना छोड़ जाए तो परेशानी हो जाती है। समाज के शैक्षणिक ढांचे के शिक्षक भी लीवर, किडनी हैं। घोघडिय़ा गांव ही नहीं बल्कि हर गांव की पंचायत जिला स्तर पर कार्यक्रम होते हुए देश, प्रदेशस्तर पर इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा होनी चाहिए। इससे प्रतिस्पर्धा की भावना बच्चों के अंदर पैदा होगी जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।
इस अवसर पर वेदप्रकाश गर्ग, डॉ. अमित कुमार, प्रदीप शास्त्री राजली, रामचंद्र अत्री, सरपंच प्रतिनिधि दीपक बूरा, प्रवीण उड़ान, रामकुमार घोघडिय़ा, मा. रामप्रसाद, शीशपाल शास्त्री मौजूद रहे।