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पांडु पिंडारा में सांग के माध्यम से राजा उतानपात की दूसरी शादी के कारणों को दर्शाया

Sun, 08 Aug 2021 10:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 10:24 PM IST
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Due to the second marriage of King Ashadsha through Song
सांग में नृत्य करते कलाकार। - फोटो : Jind
जींद। पांडु पिंडारा गांव की तीर्थ स्टेज पर इंडियन कल्चर एवं ड्रामा सोसाइटी की ओर से उत्तानपात हरियाणवी सांग का मंचन सोसायटी के सचिव विक्रमजीत की अध्यक्षता में किया गया। सांग में मुख्य कलाकार रविशंकर शर्मा एवं पार्टी ने बताया कि अवधपुरी में राजा उत्तानपात राज करते हैं। जिसकी सनेहगढ़ में रानी सुनीती के साथ शादी होती है।
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काफी दिन बीतने के बाद उनकी कोई संतान नहीं होती। एक दिन रानी उदासी में बैठी थी कि नारदजी आते हैं और पूछते हैं कि आप उदास क्यों हैं।
रागनी द्वारा रोउसू रंग महल में, मेरे हुई नहीं कोई संतान तो नारद ने पति का दोबारा ब्याह करवाने की बात कही। इसके बाद रानी ने अपनी छोटी बहन सुरुचि की शादी पति से करवाने के लिए अपनी मां को मनाया और बहन की शादी राजा से करवाई, लेकिन बहन इस शादी से खुश नहीं थी, क्योंकि उसकी शादी बूढ़े राजा से हो रही थी। इसका बदला लेने के लिए उसकी बहन ने राजा से बीच फेरों के चार वचन भरवाए और चौथे वचन में अपनी बहन को राजपाठ से बाहर जंगल में छोड़ने की हामी भरवाई, रानी सुरूचि राजा को संतान हो इसलिए खुशी से जंगल में चली गई।
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कुछ दिन बाद राजा शिकार खेलने जाता है आगे आंधी तूफान आते है राजा आंधी तूफान से बचने के लिए बड़ी रानी के पास रात को रुक जाता है।
रात्रि मिलन से बड़ी रानी को ध्रुव और छोटी से उत्तम पैदा हुआ। एक दिन उत्तम का जन्मदिन मना रहे प्रजावासी ढोल नगाड़े बजा रहे हैं, उधर ध्रुव कहता है। मैं भी दरबार में जाऊंगा, लेकिन उसकी मां कहती है कि नहीं बेटा वहां मत जा, लेकिन ध्रुव जिद करके चला जाता है और जाकर राजा की गोद में बैठ जाता है।
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राजा ने कहा कौन है बेटा तू, मैं उतान पात का लड़का हूं। मां का नाम सुनीती है जो दुहागी महल में रहती है। छोटी रानी ने यह सुनकर उसको लात मार दी। मेरी सौतन का लड़का है। अगर गद्दी पर बैठना है तो मेरे गर्भ से जन्म ले। ध्रुव कहता है राज लेंगे तो भगवान से लेंगे पांच साल का ध्रुव चल पड़ता है। जंगल में नारद मिलते हैं और मंत्र बताते हैं। जिसके बाद पांच वर्ष की आयु में इतनी तपस्या की कि जिसके कारण वह बाद में ध्रुव भक्त कहलाया।

 सांग को देखते दर्शक।

सांग को देखते दर्शक।- फोटो : Jind

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