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किनाना गांव में गहराया पेयजल संकट, डीसी से मिलने पहुंचे लोग
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डीसी से मिलने पहुंचे किनाना गांव के लोग। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। रोहतक रोड स्थित किनाना गांव के लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें जींद अनाज मंडी के पास लगाए गए ट्यूबवेल से पेयजल सप्लाई दी जाती है। इसके अलावा पिछले एक साल से गांव में जलघर बना हुआ है। इससे ग्रामीणों को नहरी पानी मिलना है। दो-दो व्यवस्थाएं होने के बाद भी पूरे गांव में पेयजल सप्लाई नहीं है। इसके चलते ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय में शिकायत दी। यहां अधिकारी नहीं मिलने पर ग्रामीण जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय भी गए।
डीसी से मिलने पहुंचे लोगों ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था से आधे गांव में ही पेयजल पहुंच रहा है। इससे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल किल्लत के चलते वे करीब दो साल से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। इन लोगों ने कहा कि उन्हें घर-घर पानी दिया जाए।
जेल जा चुके हैं लोग
ग्रामीणों ने बताया कि फरवरी 2019 में प्रशासन ने रास्ते में पड़ने वाले एक निजी शिक्षण संस्थान में पेयजल का कनेक्शन करने का प्रयास किया गया था। इस पर विरोध के चलते ग्रामीणों ने रोड जाम किया। इस दौरान अधिकारियों ने केस दर्ज नहीं करने व पानी का कनेक्शन निजी संस्थान में नहीं करने की बात कही थी, लेकिन केस दर्ज किए गए। इसके लिए सीधे लोगों के पास अदालत से समन ही मिले। इस मामले में तीन महिलाएं व सात पुरुष जेल भी जा चुके हैं। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो रही है।
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जनस्वास्थ्य विभाग जेई नवीन नेहरा ने बताया कि सोमवार को ग्रामीण मेरे पास भी आए थे। गांव में बना जलघर करीब तीन महीने पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित हुआ है। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन दबाई जानी है। इस पर करीब 75 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका टेंडर हो चुका है। उम्मीद है कि अप्रैल से पहले यह काम पूरा हो जाए। हालांकि इसकी समय-सीमा छह महीने की है।
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डीसी से मिलने पहुंचे लोगों ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था से आधे गांव में ही पेयजल पहुंच रहा है। इससे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल किल्लत के चलते वे करीब दो साल से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। इन लोगों ने कहा कि उन्हें घर-घर पानी दिया जाए।
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जेल जा चुके हैं लोग
ग्रामीणों ने बताया कि फरवरी 2019 में प्रशासन ने रास्ते में पड़ने वाले एक निजी शिक्षण संस्थान में पेयजल का कनेक्शन करने का प्रयास किया गया था। इस पर विरोध के चलते ग्रामीणों ने रोड जाम किया। इस दौरान अधिकारियों ने केस दर्ज नहीं करने व पानी का कनेक्शन निजी संस्थान में नहीं करने की बात कही थी, लेकिन केस दर्ज किए गए। इसके लिए सीधे लोगों के पास अदालत से समन ही मिले। इस मामले में तीन महिलाएं व सात पुरुष जेल भी जा चुके हैं। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो रही है।
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जनस्वास्थ्य विभाग जेई नवीन नेहरा ने बताया कि सोमवार को ग्रामीण मेरे पास भी आए थे। गांव में बना जलघर करीब तीन महीने पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित हुआ है। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन दबाई जानी है। इस पर करीब 75 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका टेंडर हो चुका है। उम्मीद है कि अप्रैल से पहले यह काम पूरा हो जाए। हालांकि इसकी समय-सीमा छह महीने की है।