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Jind News: संघ कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक गए डॉ. मोहन भागवत
Tue, 16 Jan 2024 12:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:44 AM IST
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15जेएनडी21 : गोपाल स्कूल में पहुंचे डॉ. मोहन भागवत का फाइल फोटो।
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जींद। अपने तीन दिन के प्रवास पर जींद पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से काफी संघ कार्यकर्ता पहली बार मिले। डॉ. भागवत ने अपने तीन दिन के प्रवास में शाखा लगाकर यहां कार्यकर्ताओं को एकजुटता तथा विस्तार के गुर सिखाए। जींद में डॉ. मोहन भागवत का यह पहला दौरा था। काफी कार्यकर्ता उनका बरसों से इंतजार कर रहे थे।
संघ के एक प्रमुख कार्यकर्ता ने कहा कि अभी तक उन्होंने संघ के प्रदेशस्तर के नेताओं से ही मुलाकात की थी। अब उनका साक्षात्कार सीधे प्रमुख से हुआ है। जो बातें संघ को मजबूत करने तथा लोगों में प्यार व भाईचारा बनाने के गुर उनको सिखाए जाते थे, वही गुर डॉ. मोहन भागवत ने सिखाए हैं। अपने धर्म की रक्षा करना तथा अपने आपको मजबूत करना जरूरी है। कार्यकर्ता ने कहा कि उनमें पहले की अपेक्षा और अधिक ऊर्जा व उत्साह का संचार हुआ है। तीन दिन गोपाल स्कूल किसी मंदिर से कम नहीं रहा। देश की सेवा के लिए तैयार रहने वाले संघ कार्यकर्ता अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने का प्रण लेकर यहां से निकले हैं। अब तक जितने भी प्रयास उन्होंने किए थे, वह काफी नहीं हैं। शाखाओं का और अधिक विस्तार करने तथा समरसता का संदेश फैलाने के लिए उनको और अधिक प्रयास करने होंगे। डॉ. भागवत के अलावा उनको कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों से भी मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यकर्ताओं को धार्मिक व सामाजिक कार्यों में और अधिक रुचि बढ़ानी होगी। देश को तोड़ने वाली ताकतों से निपटने के लिए अपने आपको मजबूत करना होगा। तीन दिन तक जो देशभक्ति व समरसता का पाठ गोपाल स्कूल में पढ़ा, वह पहले कभी नहीं पढ़ा था।
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संघ के एक प्रमुख कार्यकर्ता ने कहा कि अभी तक उन्होंने संघ के प्रदेशस्तर के नेताओं से ही मुलाकात की थी। अब उनका साक्षात्कार सीधे प्रमुख से हुआ है। जो बातें संघ को मजबूत करने तथा लोगों में प्यार व भाईचारा बनाने के गुर उनको सिखाए जाते थे, वही गुर डॉ. मोहन भागवत ने सिखाए हैं। अपने धर्म की रक्षा करना तथा अपने आपको मजबूत करना जरूरी है। कार्यकर्ता ने कहा कि उनमें पहले की अपेक्षा और अधिक ऊर्जा व उत्साह का संचार हुआ है। तीन दिन गोपाल स्कूल किसी मंदिर से कम नहीं रहा। देश की सेवा के लिए तैयार रहने वाले संघ कार्यकर्ता अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने का प्रण लेकर यहां से निकले हैं। अब तक जितने भी प्रयास उन्होंने किए थे, वह काफी नहीं हैं। शाखाओं का और अधिक विस्तार करने तथा समरसता का संदेश फैलाने के लिए उनको और अधिक प्रयास करने होंगे। डॉ. भागवत के अलावा उनको कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों से भी मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यकर्ताओं को धार्मिक व सामाजिक कार्यों में और अधिक रुचि बढ़ानी होगी। देश को तोड़ने वाली ताकतों से निपटने के लिए अपने आपको मजबूत करना होगा। तीन दिन तक जो देशभक्ति व समरसता का पाठ गोपाल स्कूल में पढ़ा, वह पहले कभी नहीं पढ़ा था।

15जेएनडी21 : गोपाल स्कूल में पहुंचे डॉ. मोहन भागवत का फाइल फोटो।
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