{"_id":"67f829902f47208694093c40","slug":"divyang-satvindras-pension-and-bpl-ration-card-not-made-jind-news-c-199-1-sroh1006-132910-2025-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: दिव्यांग सतविंद्र की नहीं बनी पेंशन और बीपीएल राशन कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: दिव्यांग सतविंद्र की नहीं बनी पेंशन और बीपीएल राशन कार्ड
विज्ञापन
सफीदों। सरनाखेड़ी निवासी दिव्यांग सतविंद्र को ना तो सरकार की तरफ दिव्यांगता पेंशन और न ही बीपीएल राशन कार्ड का लाभ मिल रहा है। सतविंद्र शहर में रेहड़ी पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। पहले तो वह गांव से सफीदों आकर रेहड़ी किराए पर लेता है और उसके बाद सब्जी मंडी से सब्जी खरीदकर के शाम तक 100-200 रुपये कमाकर गांव चला जाता है। उसने प्रशासन से उसकी पेंशन बनवाने और बीपीएल कार्ड बनवाने की मांग की है।
सतविंद्र ने बताया कि उसका एक हाथ बचपन से ही खराब है। उसकी दिव्यांग पेंशन तो दूर उसका राशन कार्ड बीपीएल तक भी नहीं बना हुआ है। उसे दिव्यांगता, गरीबी और बेरोजगार होने पर भी पेंशन, नौकरी और राशन कार्ड समेत अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उसने बताया कि पिछले कई वर्षों से वह रेहड़ी के माध्यम से अपना गुजर बसर कर रहा है। पहले उसका राशन कार्ड बीपीएल बना हुआ था, जिसे काटकर अब उसको अमीरों की श्रेणी में शामिल कर दिया है। आरोप लगाया कि वह अपने राशन कार्ड को बीपीएल और दिव्यांगता पेंशन बनवाने के लिए अधिकारियों के पास चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी समस्या का आज तक कहीं से कोई हल नहीं निकल पाया है।
विज्ञापन
सतविंद्र ने बताया कि उसका एक हाथ बचपन से ही खराब है। उसकी दिव्यांग पेंशन तो दूर उसका राशन कार्ड बीपीएल तक भी नहीं बना हुआ है। उसे दिव्यांगता, गरीबी और बेरोजगार होने पर भी पेंशन, नौकरी और राशन कार्ड समेत अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उसने बताया कि पिछले कई वर्षों से वह रेहड़ी के माध्यम से अपना गुजर बसर कर रहा है। पहले उसका राशन कार्ड बीपीएल बना हुआ था, जिसे काटकर अब उसको अमीरों की श्रेणी में शामिल कर दिया है। आरोप लगाया कि वह अपने राशन कार्ड को बीपीएल और दिव्यांगता पेंशन बनवाने के लिए अधिकारियों के पास चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी समस्या का आज तक कहीं से कोई हल नहीं निकल पाया है।
विज्ञापन