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शिविर में दिव्यांगों को बांटे कृत्रिम अंग
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जींद। रेडक्रॉस भवन में वीरवार को एल्मिको कंपनी की ओर से दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग वितरण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आईएएस अधिकारी जनकराज रहे। शिवर में 54 लाख के कृत्रिम अंग बांटे गए।
शिविर में आईएएस अधिकारी जनमराज ने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है। हमें दिव्यांग जनों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एल्मिकों कम्पनी द्वारा 54 लाख रुपये के 553 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर माह से पहले सभी हरियाणा के दिव्यांग जन अपना यूआईडी कार्ड अवश्य बनवा लें, ताकि उनको केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इस कार्ड के बनने के पश्चात उनको लगभग सभी योजनाओं का लाभ खुद ही प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने केंद्र की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यदि दिव्यांग जन बच्चे के अभिभावक उनका स्कूल में नाम दर्ज करवाते हैं तो उनके माता-पिता को 1950 रूपये मासिक पेंशन के रूप में सरकार द्वारा दिए जाएंगे और यदि कोई सामान्य युवक/युवती किसी दिव्यांग जन से विवाह करता/करती है तो उसे सरकार द्वारा 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा जींद के मिल्क प्लांट में 10 प्रतिशत बूथ दिव्यांग जनों को आरक्षित किए गए हैं। जिसमें उनके द्वारा 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी वीटा मिल्क प्लांट में जमा करवानी होगी। इसके लिए दिव्यांग जन सस्ती दरों पर पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम से ऋण प्राप्त कर स्वरोजगार स्थापित कर सकता है। इस अवसर पर रेडक्रॉस सचिव राजकपूरा सूरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी व डॉ. जेके मान मौजूद रहे।
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शिविर में आईएएस अधिकारी जनमराज ने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है। हमें दिव्यांग जनों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एल्मिकों कम्पनी द्वारा 54 लाख रुपये के 553 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर माह से पहले सभी हरियाणा के दिव्यांग जन अपना यूआईडी कार्ड अवश्य बनवा लें, ताकि उनको केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इस कार्ड के बनने के पश्चात उनको लगभग सभी योजनाओं का लाभ खुद ही प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने केंद्र की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यदि दिव्यांग जन बच्चे के अभिभावक उनका स्कूल में नाम दर्ज करवाते हैं तो उनके माता-पिता को 1950 रूपये मासिक पेंशन के रूप में सरकार द्वारा दिए जाएंगे और यदि कोई सामान्य युवक/युवती किसी दिव्यांग जन से विवाह करता/करती है तो उसे सरकार द्वारा 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा जींद के मिल्क प्लांट में 10 प्रतिशत बूथ दिव्यांग जनों को आरक्षित किए गए हैं। जिसमें उनके द्वारा 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी वीटा मिल्क प्लांट में जमा करवानी होगी। इसके लिए दिव्यांग जन सस्ती दरों पर पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम से ऋण प्राप्त कर स्वरोजगार स्थापित कर सकता है। इस अवसर पर रेडक्रॉस सचिव राजकपूरा सूरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी व डॉ. जेके मान मौजूद रहे।
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