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Jind News: पैक्स और किसानों की समस्याओं के समाधान पर किया मंथन
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जींद। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी), नई दिल्ली के उप प्रबंध निदेशक मनोज कुमार बंसल ने वीरवार को जींद केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड का दौरा कर पैक्स और किसानों से जुड़ी जमीनी समस्याओं और सहकारिता मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
मनोज बंसल ने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर काम करना जरूरी है। कर्मचारियों को सहकारी संस्थाओं और किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं एवं समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करने चाहिए।
बैठक में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से मंथन हुआ। एनसीडीसी उप प्रबंध निदेशक ने समस्याओं के समाधान को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
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उन्होंने सहकारिता मंत्रालय की विभिन्न पहलों और योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और महाराष्ट्र की विभिन्न सहकारी समितियों की सफलता की कहानियां और कार्यप्रणाली भी साझा की। उन्होंने कहा कि इन सफल मॉडलों से प्रेरणा लेकर स्थानीय स्तर पर सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने समन्वित और समर्पित प्रयासों पर जोर दिया।
बैंक के महाप्रबंधक डॉ. जय प्रकाश सोनी ने कहा कि सहकारिता की असली ताकत गांवों और किसानों से जुड़ी पैक्स हैं। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय गांवों में जाकर किसानों और पैक्स की वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए। किसानों को समय पर ऋण, बैंकिंग सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना बैंक की प्राथमिकता है।
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मनोज बंसल ने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर काम करना जरूरी है। कर्मचारियों को सहकारी संस्थाओं और किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं एवं समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करने चाहिए।
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बैठक में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से मंथन हुआ। एनसीडीसी उप प्रबंध निदेशक ने समस्याओं के समाधान को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
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उन्होंने सहकारिता मंत्रालय की विभिन्न पहलों और योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और महाराष्ट्र की विभिन्न सहकारी समितियों की सफलता की कहानियां और कार्यप्रणाली भी साझा की। उन्होंने कहा कि इन सफल मॉडलों से प्रेरणा लेकर स्थानीय स्तर पर सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने समन्वित और समर्पित प्रयासों पर जोर दिया।
बैंक के महाप्रबंधक डॉ. जय प्रकाश सोनी ने कहा कि सहकारिता की असली ताकत गांवों और किसानों से जुड़ी पैक्स हैं। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय गांवों में जाकर किसानों और पैक्स की वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए। किसानों को समय पर ऋण, बैंकिंग सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना बैंक की प्राथमिकता है।