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Jind News: मतदाता सूची एसआईआर का डिजिटलाइजेशन पूरा, 88.42 प्रतिशत मतदाताओं का डाटा अपडेट
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24जेएनडी24: एसआईआर को लेकर बैठक लेते हुए एसडीएम सत्यवान मान। स्रोत: प्रशासन
जींद। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत डाटा डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले के कुल 10,43,768 मतदाताओं में से 9,22,887 मतदाताओं के ईएफ डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। यह कुल मतदाताओं का 88.42 प्रतिशत है।
वहीं, 1,20,881 मतदाताओं के ईएफ अनकलेक्टेबल दर्ज किए गए हैं। यह संख्या कुल मतदाताओं का 11.58 प्रतिशत है जिले में 1036 बीएलओ इस कार्य में लगे थे। एसआईआर प्रक्रिया के अगले चरण में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण को लेकर शुक्रवार को एडीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं 36-जींद विधानसभा क्षेत्र के एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने की।
बैठक में अधिकारियों को अवगत कराया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई, 2026 से 30 अगस्त, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जबकि 31 जुलाई, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक नोटिस जारी करने, सुनवाई एवं दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा केवल उन्हीं मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनके द्वारा गणना प्रपत्र में स्वयं अथवा उनके माता-पिता/दादा-दादी/अन्य संबंधित रिश्तेदारों के वर्ष 2002 की निर्वाचक नामावली का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इसके अतिरिक्त, जिन मामलों में गणना प्रपत्र में उपलब्ध कराई गई जानकारी में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है, जैसे नाम, आयु, जन्म तिथि, जन्म स्थान, पारिवारिक संबंधों का विवरण, निर्वाचक नामावली के विवरण में अंतर, अपूर्ण अथवा परस्पर विरोधी जानकारी अथवा आयोग द्वारा चिह्नित अन्य प्रकार की असंगति, ऐसे मामलों में भी संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा।
आयोग की ओर से जारी सूचना शीट के अनुसार यदि किसी मतदाता का जन्म भारत में एक जुलाई, 1987 से पूर्व हुआ है तो उसे अपनी जन्म तिथि एवं अथवा जन्म स्थान प्रमाणित करने हेतु स्वीकार्य सूची में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। यदि जन्म 01 जुलाई, 1987 से 02 दिसंबर, 2004 के मध्य हुआ है, तो स्वयं के साथ-साथ पिता अथवा माता में से किसी एक की जन्म तिथि एवं/अथवा जन्म स्थान से संबंधित स्वीकार्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
निर्वाचक पंजीयन अधिकारी सत्यवान सिंह मान ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे यदि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त होता है, तो उसमें उल्लिखित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें तथा आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा सुनवाई के समय संबंधित अधिकारी के समक्ष उपलब्ध करवाएं।
31 जुलाई को होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची
अब आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई को जिला की सभी विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
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वहीं, 1,20,881 मतदाताओं के ईएफ अनकलेक्टेबल दर्ज किए गए हैं। यह संख्या कुल मतदाताओं का 11.58 प्रतिशत है जिले में 1036 बीएलओ इस कार्य में लगे थे। एसआईआर प्रक्रिया के अगले चरण में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण को लेकर शुक्रवार को एडीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं 36-जींद विधानसभा क्षेत्र के एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने की।
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बैठक में अधिकारियों को अवगत कराया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई, 2026 से 30 अगस्त, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जबकि 31 जुलाई, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक नोटिस जारी करने, सुनवाई एवं दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा केवल उन्हीं मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनके द्वारा गणना प्रपत्र में स्वयं अथवा उनके माता-पिता/दादा-दादी/अन्य संबंधित रिश्तेदारों के वर्ष 2002 की निर्वाचक नामावली का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
इसके अतिरिक्त, जिन मामलों में गणना प्रपत्र में उपलब्ध कराई गई जानकारी में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है, जैसे नाम, आयु, जन्म तिथि, जन्म स्थान, पारिवारिक संबंधों का विवरण, निर्वाचक नामावली के विवरण में अंतर, अपूर्ण अथवा परस्पर विरोधी जानकारी अथवा आयोग द्वारा चिह्नित अन्य प्रकार की असंगति, ऐसे मामलों में भी संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा।
आयोग की ओर से जारी सूचना शीट के अनुसार यदि किसी मतदाता का जन्म भारत में एक जुलाई, 1987 से पूर्व हुआ है तो उसे अपनी जन्म तिथि एवं अथवा जन्म स्थान प्रमाणित करने हेतु स्वीकार्य सूची में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। यदि जन्म 01 जुलाई, 1987 से 02 दिसंबर, 2004 के मध्य हुआ है, तो स्वयं के साथ-साथ पिता अथवा माता में से किसी एक की जन्म तिथि एवं/अथवा जन्म स्थान से संबंधित स्वीकार्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
निर्वाचक पंजीयन अधिकारी सत्यवान सिंह मान ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे यदि उन्हें कोई नोटिस प्राप्त होता है, तो उसमें उल्लिखित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें तथा आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी अथवा सुनवाई के समय संबंधित अधिकारी के समक्ष उपलब्ध करवाएं।
31 जुलाई को होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची
अब आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई को जिला की सभी विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।