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डिजिटल होगा जिले के हर गांव का भूमि रिकार्ड

Tue, 29 Sep 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
ब्यूरो/अमर उजाला जींद Updated Tue, 29 Sep 2015 01:01 AM IST
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जिले के सभी गांवों के भूमि के रिकॉर्ड का अब डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। यह रिकॉर्ड डिजिटल करने वाला जींद देश का पहला जिला होगा।

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पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रशासन ने दो गांवों का डाटा डिजिटल कर दिया है। अब इन गांवों के लोगों के डिजिटल लॉकर बनाए जा रहे हैं। जिले के सभी 307 गांवों का रिकॉर्ड डिजिटल करने में भी करीब साढ़े महीने का समय और लगेगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जींद उपमंडल के बिश्नपुरा और सफीदों उपमंडल के जयपुर गांव का डाटा डिजिटल किया गया है। इसके तहत बिश्नपुरा गांव के कुल 3054 में से 2749 व जयपुर गांव के 992 में से 846 किसानों का भूमि रिकॉर्ड आधार नंबर से जोड़ दिया गया है।
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जिन किसानों की मौत हो चुकी है और शामलाती भूमि को अभी इस योजना में नहीं जोड़ा गया है। बिश्नपुरा गांव में 1050 एकड़ तथा जयपुर गांव में करीब 836 एकड़ जमीन है।
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वारिसों के आधार से जुड़ेगी जमीन
नई व्यवस्था के तहत जिन किसानों की मौत हो चुकी है और जमीन उनके वारिसों के नाम नहीं हुई है, ऐसे में वारिसों के आधार नंबर जमीन के रिकॉर्ड के साथ जोड़े जाएंगे।

बिश्नपुरा में 350 लॉकर
बिश्नपुरा गांव में फिलहाल 350 लोगों तथा जयपुर में करीब 150 लोगों के डिजिटल लॉकर शुरू कर दिए गए हैं। डीसी अजीत बालाजी जोशी के अनुसार डिजिटल लॉकर में उस व्यक्ति की तमाम जानकारी रहेंगी। उसके राशनकार्ड, बच्चों की छात्रवृत्ति, गैस कनेक्शन से लेकर आय की जानकारी भी रहेगी। अगर किसी को जाति प्रमाण-पत्र या आय प्रमाण-पत्र बनवाना है तो इसके लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

फर्जी रजिस्टरी पर लगेगी रोक
प्रशासन का दावा है कि इस व्यवस्था से फर्जी रजिस्टरी पर पूर्ण रूप से रोक लग जाएगी। डिजिटाइजेशन के बाद जमीन के साथ ही उसके मालिक की तमाम बायोमैट्रिक जानकारी भी मौजूद रहेगी। इसमें व्यक्ति के फिंगरप्रिंट व आईरिस भी होंगे, जो दूसरे से मेल नहीं खाते हैं। इससे धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति तुरंत पकड़ा जा सकता है। इतना ही नहीं, रजिस्टरी के समय जमीन के मालिक के मोबाइल नंबर पर एक संदेश भी जाएगा।

ऑप्टिकल फाइबर केबल में जींद प्रथम
डीसी अजीत बालाजी जोशी के अनुसार प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिया योजना में जींद काफी आगे बढ़ रहा है। जींद ऑप्टिकल फाइबर केबल के नेटवर्क में भी जिला जींद देश में प्रथम स्थान पर है। जल्द ही ग्राम पंचायतों को इंटरनेट ब्रॉडबेंड से जोड़ा जाएगा।


हर परिवार का हो मोबाइल नंबर
इस योजना के तहत हर परिवार को मोबाइल फोन से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए बीएसएनएल द्वारा विशेष स्कीम चलाई जा रही है।

यह योजना बहुत ही लाभदायक साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटाइजेशन की दिशा में जो कदम बढ़ाया है, यह उसमें सहायक होगा। जल्द ही ये सभी सुविधाएं जिले के सभी गांवों में मिलेंगी। इससे लोगों को काफी लाभ होगा और जमीन की रजिस्टरी में होने वाले फर्जीवाड़ा रुकेगा।
अजीत बालाजी जोशी, डीसी जींद।

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