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सीबीएसई दसवीं कक्षा में ध्रुवीश और काव्या रहे जिला टॉपर
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भव्या।
- फोटो : Jind
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सीबीएसई द्वारा मंगलवार को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया। सीबीएसई द्वारा जारी किए गए परिणाम में इंडस पब्लिक स्कूल का दावा है कि स्कूल के छात्र ध्रुवीश मान ने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में पहला और अंशुल ने 99.4 प्रतिशत प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं डीएवी संस्थाओं के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी के अनुसार स्कूल की छात्रा भव्या ने 500 में से 498 अंक प्राप्त कर यानी 99.6 प्रतिशत अंक के साथ जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं स्कूल के विद्यार्थी चितराक्षी तथा इप्शिता ने 500 में से 497 अंक प्राप्त कर 99.4 प्रतिशत लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस प्रकार इंडस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी ध्रुवीश मान और डीएवी पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या ने संयुक्त रूप से जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं इंडस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी अंशुल व डीएवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी चितराक्षी व इप्शिता ने जिले में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
डॉक्टर बनना चाहता है ध्रुवीश
ध्रुवीश डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है। ध्रुवीश के पिता सतीश मान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल निडानी में रसायन विज्ञान के शिक्षक हैं और मां ज्योति मान वकील हैं। ऐसेे में ध्रुवीश को शुरू से ही घर में पढ़ाई के लिए सही वातावरण मिला। अभिभावकों ने ध्रुवीश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ध्रुवीश का छोटा भाई प्रांजल मान अभी आठवीं कक्षा में है। पिता सतीश मान ने कहा कि प्रांजल जो भी बनना चाहेगा, उसे हमेशा आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्रोफेसर बनना चाहती है अंशुल
अंशुल प्रोफेसर बनना चाहती है। अंशुल के पिता संजीव दहिया लेक्चरर हैं और मां सुषमा देवी बाल आश्रम स्थित स्कूल में अध्यापिका हैं। अंशुल का छोटा भाई विराट दहिया आईपीएस बनना चाहता है। अंशुल ने कहा कि अभिभावकों ने हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। घर में पढ़ाई के लिए हमेशा अच्छा वातावरण मिला। अभिभावकों ने बेटों की तरह अंशुल का समर्थन किया और इसी का नतीजा है कि उसने 10वीं कक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
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भव्या का सपना डॉक्टर बनना
भव्या डॉक्टर बनना चाहती है। उसका बड़ा भाई यशवर्धन इंजीनियर परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। भव्या ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना चाहती है। अभिभावकों से हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती रही है। भव्या के पिता प्रदीप मलिक बीएसएनएल में हैं, वहीं मां सीमा मलिक अध्यापिका हैं। ऐेसे में घर में हमेशा पढ़ाई का माहौल रहा है।
डॉक्टर या पायलट बनना चाहती है इप्शिता
इप्शिता डॉक्टर या पायलट बनना चाहती है। दोनों ही व्यवसायों में से किसी एक में रहकर वह देश की सेवा करना चाहती है। इप्शिता के पिता गजराज सिंह पशु चिकित्सक और मां सीमा सांगवान डीएवी स्कूल में अध्यापिका हैं। डॉक्टर बनने की प्रेरण इप्शिता को उसके पिता से मिली है। इप्शिता ने कहा कि घर में पढ़ाई के लिए हमेशा अच्छा माहौल रहा है। इसलिए वह यह मुकाम हासिल कर पाई है।
चितराक्षी नीट की तैयारी कर रही है। चितराक्षी का बड़ा भाई अभिनव लोहान एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। चितराक्षी के पिता रणधीर सिंह लोहान शिक्षा विभाग में जिला विज्ञान विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। वहीं मां सविता अध्यापिका हैं। ऐसे में घर में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा है। चितराक्षी ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता व बड़े भाई को दिया है। चितराक्षी ने कहा कि उसे परिजनों से की ओर से हमेशा सहयोग मिला है व पढ़ाई में आगे बढने के लिए प्रेरणा मिलती रही है।
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डॉक्टर बनना चाहता है ध्रुवीश
ध्रुवीश डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है। ध्रुवीश के पिता सतीश मान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल निडानी में रसायन विज्ञान के शिक्षक हैं और मां ज्योति मान वकील हैं। ऐसेे में ध्रुवीश को शुरू से ही घर में पढ़ाई के लिए सही वातावरण मिला। अभिभावकों ने ध्रुवीश को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ध्रुवीश का छोटा भाई प्रांजल मान अभी आठवीं कक्षा में है। पिता सतीश मान ने कहा कि प्रांजल जो भी बनना चाहेगा, उसे हमेशा आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए प्रेरित करेंगे।
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प्रोफेसर बनना चाहती है अंशुल
अंशुल प्रोफेसर बनना चाहती है। अंशुल के पिता संजीव दहिया लेक्चरर हैं और मां सुषमा देवी बाल आश्रम स्थित स्कूल में अध्यापिका हैं। अंशुल का छोटा भाई विराट दहिया आईपीएस बनना चाहता है। अंशुल ने कहा कि अभिभावकों ने हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। घर में पढ़ाई के लिए हमेशा अच्छा वातावरण मिला। अभिभावकों ने बेटों की तरह अंशुल का समर्थन किया और इसी का नतीजा है कि उसने 10वीं कक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
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भव्या का सपना डॉक्टर बनना
भव्या डॉक्टर बनना चाहती है। उसका बड़ा भाई यशवर्धन इंजीनियर परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। भव्या ने कहा कि वह डॉक्टर बनकर जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना चाहती है। अभिभावकों से हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती रही है। भव्या के पिता प्रदीप मलिक बीएसएनएल में हैं, वहीं मां सीमा मलिक अध्यापिका हैं। ऐेसे में घर में हमेशा पढ़ाई का माहौल रहा है।
डॉक्टर या पायलट बनना चाहती है इप्शिता
इप्शिता डॉक्टर या पायलट बनना चाहती है। दोनों ही व्यवसायों में से किसी एक में रहकर वह देश की सेवा करना चाहती है। इप्शिता के पिता गजराज सिंह पशु चिकित्सक और मां सीमा सांगवान डीएवी स्कूल में अध्यापिका हैं। डॉक्टर बनने की प्रेरण इप्शिता को उसके पिता से मिली है। इप्शिता ने कहा कि घर में पढ़ाई के लिए हमेशा अच्छा माहौल रहा है। इसलिए वह यह मुकाम हासिल कर पाई है।
चितराक्षी नीट की तैयारी कर रही है। चितराक्षी का बड़ा भाई अभिनव लोहान एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। चितराक्षी के पिता रणधीर सिंह लोहान शिक्षा विभाग में जिला विज्ञान विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। वहीं मां सविता अध्यापिका हैं। ऐसे में घर में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा है। चितराक्षी ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता व बड़े भाई को दिया है। चितराक्षी ने कहा कि उसे परिजनों से की ओर से हमेशा सहयोग मिला है व पढ़ाई में आगे बढने के लिए प्रेरणा मिलती रही है।

ध्रुवीश मान। - फोटो : Jind

सीबीएसई 10वीं कक्षा का परिणाम आने पर खुशी मनाते इंडस पब्लिक स्कूल के स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी। स?- फोटो : Jind