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सावन के पहले ही दिन शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु

Thu, 14 Jul 2022 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2022 11:45 PM IST
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Devotees gathered in the pagodas on the very first day of Sawan
जयंती देवी मंदिर में दूध से शिवलिंग का अभिषेक करते श्रद्धालु। - फोटो : Jind
जींद। सावन के पहले दिन वीरवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। सुबह ही श्रद्धालु शिव मंदिरों में शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए पहुंच गए। श्रद्धालुओं ने दिनभर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और बम बम भोले के जयघोष किए। श्रद्धालु दूध-पानी व अन्य सामग्री शिवलिंग पर चढ़ाते देखे गए।
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जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि शिव पुराण में वर्णित सावन मास भगवान शिव का मास हैं। पूरे सावन मास में भगवान आशुतोष की नियमित रूप से सच्चे हृदय व मन से पूजा करते है उसके सारे कष्ट व पाप दूर हो जाते हैं। जो श्रद्धालु पूरे सावन मास में सच्चे मन से जलाभिषेकए रुद्राभिषेक करता है, उस पर भगवान आशुतोष की विशेष कृपा होती है। इस मास में पंचामृत के द्वारा भगवान शिव की नियमित पूजा करनी चाहिए। दूध, दही, शहद, शक्कर व घी से शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। शिव पर दूध का अभिषेक करने से शकल मनोरथ सिद्ध होते हैं। जो भक्त पूरे सावन मास में भगवान शिव को सहस्त्र नाम से बेल पत्र अर्पण करता है, उसे अनंत फल की प्राप्ति होती है।
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श्रद्धा से बड़ा कुछ नहीं
काफी श्रद्धालु सुबह-सुबह भगवान शिव का जल से अभिषेक करते हैं जबकि बहुत से श्रद्धालु अनेक सामग्री से भगवान की पूजा अर्चना करता हैं। जो श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान की पूजा-अर्चना करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती हैं। यदि सच्चे मन व श्रद्धा से शिवलिंग की पूरे सावन महीने जलाभिषेक किया जाए तो भी सभी मनोरथ पूरे होते हैं। आप के मन में द्वेष व कपट की भावना हो और आप अनेक मूल्यावान सामग्री से भगवान की पूजा करो तो भगवान इन मूल्यवान वस्तुओं को स्वीकार नहीं करते। वह तो केवल सच्चे हृदय से अपनी शरण में आए भक्त की पुकार सुनते हैं।
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शिवलिंग पर भक्तों ने किया रुद्राभिषेक
हर-हर महादेव के जयकारों के साथ सावन माह के पहले दिन महाभारतकालीन जयंती देवी मंदिर में शिवलिंग का भव्य तरीके से रूद्राभिषेक किया। भगवान शिवजी को श्रद्धालुओं ने गंगाजला, दूध, दही से स्नान करवाया। इसके अलावा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने फल व फूल भी भगवान के चरणों में अर्पित किए। पंडित नवीन शास्त्री ने बताया कि सावन माह के इन पवित्र दिनों में प्रत्येक दिन सुबह रूद्राभिषेक होगा। सावन माह के सोमवार को या फिर किसी भी दिन नहा धोकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए। ओम नमो शिवाय का जाप 108 या फिर1008 बार करना चाहिए।
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