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Jind News: शहर में डस्टबिन लगने के बाद भी लगे कूड़े के ढेर

Tue, 11 Nov 2025 02:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 11 Nov 2025 02:38 AM IST
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Despite the installation of dustbins, heaps of garbage remain in the city
10जेएनडी11 :कृ​षि विभाग कार्यालय के बाहर रखे हुए डस्टबिन के पास बिखरा कूड़ा। संवाद
जींद। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद ने हाल ही में लगभग 8.75 लाख रुपये की लागत से 125 डस्टबिन शहर के प्रमुख स्थानों, बाजारों, चौकों और गलियों में लगाए थे। शहर के सुधार का नगर परिषद का यह बेहतर प्रयास भी लोगों की समझ से परे है। शहर के लोग नप द्वारा लगाए गए डस्टबिन में कूड़ा नहीं डालकर उसके साथ नीचे कूड़ा फेंक रहे हैं।
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नगर परिषद की यह पहल शहरवासियों की मानसिकता में बदलाव नहीं ला सकी और कई इलाकों में अब भी सड़कों और गलियों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर परिषद द्वारा लगाए गए यह डस्टबिन स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगाए गए थे।
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परिषद ने डस्टबिन लगाने से पहले शहर के वार्डों में जागरूकता अभियान भी चलाया था। नगर परिषद कर्मचारियों ने बैनर लेकर गलियों में जाकर लोगों को जागरूक किया कि वह अपने घरों और दुकानों का कचरा डस्टबिन में ही डालें, ताकि शहर की सुंदरता और स्वच्छता बनी रहे।
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इसके बावजूद भी लोग कचरा खुले में फेंक रहे है। पुरानी सब्जी मंडी, पुराना पावर हाउस, नागरिक अस्पताल के आसपास कूड़े के ढेर बदबू फैलाने लगे हैं। कूड़े मक्खी और मच्छर मंडराते रहते हैं।
इससे बीमारियां फैलती है। नप ने पूरे शहर में डस्टबिन लगाने के साथ-साथ पंप लेट वितरण और ऑडियो प्रचार के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया है, लेकिन जब तक नागरिक स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेंगे। तब तक शहर को स्वच्छ रखना मुश्किल है।

8.75 लाख से लगाए थे 125 डस्टबिन
नगर परिषद ने शहर में 125 डस्टबिन लगाएं है। इसके बावजूद भी लोग खुले में कूड़ा फैंक रहे है। नप की शहर को स्वच्छ रखने की यह पहल फीकी पड़ती जा रही है। नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाएं तो जींद शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सकता है

कूड़े से शहर बना बदसूरत
शहर में जब कोई बाहर से व्यक्ति आता है तो सबसे पहले उसे शहर की सड़कें ही दिखाई देती है। पटियाला चौक, जयंती देवी मंदिर, आईटीआई, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय महाविद्यालय के सामने कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। इससे बदबू तो फैलती ही है साथ में शहर की छवि भी खराब होती है। कूड़े में बेसहारा पशु मुंह मारते रहते है।

स्वच्छता के प्रति गंभीर नहीं लोग
शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढ़ेर से पता चल रहा है कि लोग स्वच्छता के प्रति जागरुक नहीं है। शहरवासियों को खुद अपनी जिम्मेवारी समझनी होंगी। लोग नप की तरफ से लगाए गए कूड़ेदान की बजाय खुले में कूड़ा फैंक देते हैं। इससे शहर में गंदगी फैलती है।

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शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने के लिए 125 डस्टबिन रखवाए गए हैं ताकि शहरवासी कचरे को इनमें डाले। यहां से नप के कर्मचारी गाड़ी में कूड़ा उठाकर ले जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग डस्टबिन के नजदीक भी खुले में कूड़ा डाल रहे हैं। शहर के लोगों को स्वच्छता के प्रति अपनी सोच बदलनी होगी। कूड़े को खुले में डालने की बजाए डस्टबिन में डालने की आदत बनानी होगी।
-ऋषिकेश चौधरी, कार्यकारी अधिकारी,जींद।
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