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निगेटिव होने के बावजूद बीमारियों से जूझ रहे पोस्ट कोविड मरीज

Sun, 20 Dec 2020 10:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 10:38 PM IST
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Despite being negative, post-covid patients are suffering from diseases
नागरिक अस्पताल का आइसोलेशन वार्ड। संवाद - फोटो : Jind
कोरोना से निगेटिव होने के बावजूद काफी पोस्ट कोविड मरीज अब भी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत के साथ-साथ निमोनिया की दिक्कत आ रही है। कोरोना के कारण इस प्रकार के मरीजों के फेफड़े काफी कमजोर हो जाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने में अधिक परेशानी आ रही है। नागरिक अस्पताल में फिलहाल ऐसे पांच मरीज दाखिल हैं जो कोरोना निगेटिव होने के बावजूद अस्पताल में दाखिल हैं। इस प्रकार के मरीजों को अधिक सावधानी की जरूरत है।
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कोरोना पॉजिटिव होने के बाद नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अब तक 500 लोग दाखिल हो चुके हैं, जिनमें से नागरिक अस्पताल में तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। जिन लोगों को कोरोना होने के बाद निमोनिया की शिकायत आती हैं उनकी स्थिति काफी गंभीर होती है। राजेंद्र कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग रामदिया लगभग एक सप्ताह पहले पॉजिटिव से निगेटिव हो चुके हैं। अब फिर परिजनों ने उन्हें नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया है। बुजुर्ग को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही है। यही स्थिति संत नगर निवासी सुखबीर की भी है। नागरिक अस्पताल में दाखिल अब तक 500 में से 50 लोग ऐसे हैं, जिनको कोरोना होने के बाद निमोनिया हो चुका है। इनकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी, इनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग ठीक होकर जा चुके हैं। इन 20 में से पांच लोगों को दोबारा नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फिलहाल 15 लोग ऐसे हैं, जिनकी स्थिति काफी गंभीर है।
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थकान, सांस लेने में दिक्कत
फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा के अनुसार पोस्ट कोविड मरीजों को थकान, सांस लेने में दिक्कत तथा छाती में दर्द की समस्या आ रही है। कोरोना से ठीक होने के बाद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इस कारण मरीज को नींद नहीं आने, तनाव, घबराहट भी हो सकती है। इस प्रकार के मरीजों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवाई या फिर घरेलू नुस्खे अपनाने चाहिए।
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पोस्ट कोविड मरीजों के लिए दो स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। कोरोना संक्रमण के बाद मरीज के फेफड़े काफी कमजोर हो जाते हैं। फेफड़े सिकुड़ने से इन मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है। जिन मरीजों को निमोनिया हो जाता है, उनकी स्थिति सबसे गंभीर होती है। अस्पताल में इस समय पांच पोस्ट कोविड मरीज दाखिल हैं। निगेटिव होने के बाद किसी मरीज को परेशानी हो तो वह तुरंत अस्पताल में संपर्क कर सकता है।
डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।
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