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कम नहीं हो रहा डेंगू का प्रकोप, 29 नए मरीज मिले
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बिरौली उपस्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मी जितेंद्र लोगों को जागरूक करते हुए।
- फोटो : Jind
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जींद। जिले में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को जिले में 91 सैंपल लिए गए थे, लेकिन इनमें से 25 डेंगू पॉजिटिव मिले। इसके अलावा चार मामले पानीपत के सिविल सर्जन कार्यालय से मिले हैं। अब डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 493 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें लगातार डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए गांवों में जाकर इससे बचाव की जानकारी दे रही हैं। साथ ही बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त की जांच कर रही हैं। इसके अलावा लोगों को साफ सफाई और पूरे शरीर पर कपड़े पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जहां पर डेंगू के मामले मिल रहे हैं, उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम फॉगिंग कर रही है। प्रशासन के इन तमाम प्रयासों के बावजूद भी डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग ने अब तक बड़े स्तर पर डेंगू के मरीजों की पहचान करने के लिए जांच अभियान भी शुरू नहीं किया। इसके चलते डेंगू के यह मामले सामने आ रहे हैं। अगर इनकी पहचान के लिए दो से तीन गुना तक सैंपलों की संख्या बढ़ाई जाए तो डेंगू के मामलों की अधिक संख्या सामने आएगी और इन क्षेत्रों में फॉगिंग करवाकर डेंगू के मच्छरों को मारा जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के मामले में कछुआ चाल चल रही है।
डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया डॉ. तीर्थ बागड़ी ने बताया कि जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 493 हो चुकी है। इसमें से 359 डेंगू के मरीजों की पहचान जींद लैब में टेस्ट किए गए सैंपलों की है, जबकि बाकी के दूसरे जिलों से आएं है। वीरवार को 29 नए डेंगू के मरीज मिले हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की कई टीमें लगातार डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए गांवों में जाकर इससे बचाव की जानकारी दे रही हैं। साथ ही बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त की जांच कर रही हैं। इसके अलावा लोगों को साफ सफाई और पूरे शरीर पर कपड़े पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जहां पर डेंगू के मामले मिल रहे हैं, उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम फॉगिंग कर रही है। प्रशासन के इन तमाम प्रयासों के बावजूद भी डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग ने अब तक बड़े स्तर पर डेंगू के मरीजों की पहचान करने के लिए जांच अभियान भी शुरू नहीं किया। इसके चलते डेंगू के यह मामले सामने आ रहे हैं। अगर इनकी पहचान के लिए दो से तीन गुना तक सैंपलों की संख्या बढ़ाई जाए तो डेंगू के मामलों की अधिक संख्या सामने आएगी और इन क्षेत्रों में फॉगिंग करवाकर डेंगू के मच्छरों को मारा जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के मामले में कछुआ चाल चल रही है।
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डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया डॉ. तीर्थ बागड़ी ने बताया कि जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 493 हो चुकी है। इसमें से 359 डेंगू के मरीजों की पहचान जींद लैब में टेस्ट किए गए सैंपलों की है, जबकि बाकी के दूसरे जिलों से आएं है। वीरवार को 29 नए डेंगू के मरीज मिले हैं।
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