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Jind News: पदोन्नति में भेदभाव का आरोप लगाकर नॉन टीचिंग स्टाफ का प्रदर्शन
Wed, 20 Mar 2024 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:29 AM IST
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19जेएनडी03 : सीआरएसयू में कुलपति ऑफिस के बाहर धरने पर बैठा स्टाफ। संवाद
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में गैर शैक्षणिक कर्मचारी संगठन ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। नॉन टीचिंग स्टाफ का कहना है कि विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार प्रो. लवलीन मोहन ने गैर कानूनी तरीके से नॉन टीचिंग स्टाफ प्रमोशन को लेकर भेदभाव कर रही हैं। इसके बाद नॉन टीचिंग स्टाफ कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया। दोपहर बाद वीसी डाॅ. रणपाल सिंह ने दोनों पक्षों को बुलाया और मध्यस्थता कर धरने को समाप्त करवाया।
गैर शैक्षणिक कर्मचारी संगठन के प्रधान निर्भय सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार के जारी नियमों के अनुसार कैडर से बाहर व्यक्ति को प्रमोशन नहीं दिया जा सकता है, परंतु इन आदेशों की अवहेलना करते हुए रजिस्ट्रार ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार में स्टेनो टाइपिस्ट के पद पर कार्यरत सतिंदर कौर को गैर कानूनी ढंग से चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में असिस्टेंट के पद पर नियुक्त कर दिया है। निर्भय सिंह का कहना है कि सतिंदर कौर असिस्टेंट पद के लिए न्यूनतम योग्यता भी नहीं रखती हैं। उन्हें बिना टाइपिंग टेस्ट के नियुक्ति प्रदान कर दी। विश्वविद्यालय सतिंदर कौर को अतिरिक्त वेतन दे रहा है। इससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। नॉन टीचिंग एसोसिएशन के उप प्रधान प्रवीण कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में जो लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी हैं उन्हें पदोन्नति नहीं दी जा रही है और बाहरी कर्मचारियों की पदोन्नति निरंतर की जा रही है। जब कोई कर्मचारी अपना हक मांगता है तो रजिस्ट्रार नौकरी से सस्पेंड करने की धमकी देती हैं। वहीं नॉन टीचिंग कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। यूनिवर्सिटी के लैब असिस्टेंट रामकुमार व सोनू शर्मा, जोकि गार्ड के पद पर कार्यरत थे, को रजिस्ट्रार ने धमकी दी, जिससे उनकी मृत्यु तक हो गई। कुलसचिव लवलीन मोहन पदोन्नति की फाइल अनुचित तरीके से रोक रही हैं। कंप्यूटर विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रो. डॉ. अनुपम भाटिया की फाइल 2022 में पांच महीने से रोकी गई थी। प्रवीण कुमार असिस्टेंट की फाइल 10 महीने तक अनुचित रूप से रोक कर रखी हुई थी। सरकार के जारी आदेशानुसार सीआरएसयू में रजिस्ट्रार के दो चहेते कर्मचारी कंवल जुनेजा व सुरेंद्र खर्ब को उनके मूल केंद्र भगत फूल सिंह खानपुर महिला विश्वविद्यालय में वापसी नियुक्ति के ऑॉर्डर जारी कर दिए गए हैं, परंतु कुलसचिव आदेशों की अवहेलना कर रही हैं। इन दोनों कर्मचारियों कि नियुक्ति पर ऑडिट विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर सरकारी आदेशानुसार प्रश्न चिह्न लगा चुके हैं, परंतु रजिस्ट्रार ने इन दोनों कर्मचारियों को बचा रखा है। विश्वविद्यालय कोई भी चीज खरीदने या बेचने से पहले रजिस्ट्रार तक काफी भारी कमीशन पहुंचा रहा है। इन्हीं कारणों से नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। इसमें टीचिंग एसोसिएशन ने भी अपना पूर्ण समर्थन जाहिर किया। धरने पर नॉन टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान निर्भय सिंह, उप प्रधान प्रवीण कुमार, राममोहन, शिखा, डॉ. जसवीर सूरा, डीन ऑफ लाइफ साइंस डॉ. विशाल वर्मा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डाॅ. अनुपम भाटिया, अनिल कुमार, सुनील कुमार, रवि कुमार इत्यादि मौजूद रहे।
दोनों पक्षों के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी। अब समझौता हो गया है। भविष्य में इस प्रकार की कोई परेशानी नहीं आएगी। दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की गई है। कुछ प्रमोशन को लेकर मामला सामने आया था। रजिस्ट्रार ने प्रमोशन रोक रखी थी। भविष्य में ऐसा कुछ नहीं हो ताकि अन्य कर्मचारियों को परेशानी न हो। -डॉ. रणपाल सिंह, कुलपति, सीआरएसयू।
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गैर शैक्षणिक कर्मचारी संगठन के प्रधान निर्भय सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार के जारी नियमों के अनुसार कैडर से बाहर व्यक्ति को प्रमोशन नहीं दिया जा सकता है, परंतु इन आदेशों की अवहेलना करते हुए रजिस्ट्रार ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार में स्टेनो टाइपिस्ट के पद पर कार्यरत सतिंदर कौर को गैर कानूनी ढंग से चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में असिस्टेंट के पद पर नियुक्त कर दिया है। निर्भय सिंह का कहना है कि सतिंदर कौर असिस्टेंट पद के लिए न्यूनतम योग्यता भी नहीं रखती हैं। उन्हें बिना टाइपिंग टेस्ट के नियुक्ति प्रदान कर दी। विश्वविद्यालय सतिंदर कौर को अतिरिक्त वेतन दे रहा है। इससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। नॉन टीचिंग एसोसिएशन के उप प्रधान प्रवीण कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में जो लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी हैं उन्हें पदोन्नति नहीं दी जा रही है और बाहरी कर्मचारियों की पदोन्नति निरंतर की जा रही है। जब कोई कर्मचारी अपना हक मांगता है तो रजिस्ट्रार नौकरी से सस्पेंड करने की धमकी देती हैं। वहीं नॉन टीचिंग कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। यूनिवर्सिटी के लैब असिस्टेंट रामकुमार व सोनू शर्मा, जोकि गार्ड के पद पर कार्यरत थे, को रजिस्ट्रार ने धमकी दी, जिससे उनकी मृत्यु तक हो गई। कुलसचिव लवलीन मोहन पदोन्नति की फाइल अनुचित तरीके से रोक रही हैं। कंप्यूटर विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रो. डॉ. अनुपम भाटिया की फाइल 2022 में पांच महीने से रोकी गई थी। प्रवीण कुमार असिस्टेंट की फाइल 10 महीने तक अनुचित रूप से रोक कर रखी हुई थी। सरकार के जारी आदेशानुसार सीआरएसयू में रजिस्ट्रार के दो चहेते कर्मचारी कंवल जुनेजा व सुरेंद्र खर्ब को उनके मूल केंद्र भगत फूल सिंह खानपुर महिला विश्वविद्यालय में वापसी नियुक्ति के ऑॉर्डर जारी कर दिए गए हैं, परंतु कुलसचिव आदेशों की अवहेलना कर रही हैं। इन दोनों कर्मचारियों कि नियुक्ति पर ऑडिट विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर सरकारी आदेशानुसार प्रश्न चिह्न लगा चुके हैं, परंतु रजिस्ट्रार ने इन दोनों कर्मचारियों को बचा रखा है। विश्वविद्यालय कोई भी चीज खरीदने या बेचने से पहले रजिस्ट्रार तक काफी भारी कमीशन पहुंचा रहा है। इन्हीं कारणों से नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। इसमें टीचिंग एसोसिएशन ने भी अपना पूर्ण समर्थन जाहिर किया। धरने पर नॉन टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान निर्भय सिंह, उप प्रधान प्रवीण कुमार, राममोहन, शिखा, डॉ. जसवीर सूरा, डीन ऑफ लाइफ साइंस डॉ. विशाल वर्मा, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डाॅ. अनुपम भाटिया, अनिल कुमार, सुनील कुमार, रवि कुमार इत्यादि मौजूद रहे।
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दोनों पक्षों के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी। अब समझौता हो गया है। भविष्य में इस प्रकार की कोई परेशानी नहीं आएगी। दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की गई है। कुछ प्रमोशन को लेकर मामला सामने आया था। रजिस्ट्रार ने प्रमोशन रोक रखी थी। भविष्य में ऐसा कुछ नहीं हो ताकि अन्य कर्मचारियों को परेशानी न हो। -डॉ. रणपाल सिंह, कुलपति, सीआरएसयू।

19जेएनडी03 : सीआरएसयू में कुलपति ऑफिस के बाहर धरने पर बैठा स्टाफ। संवाद
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