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हर माह जिंदा होने का प्रमाण मांगना महिलाओं का अपमान : डॉ. गोयल
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09जेएनडी08: डॉ. राजकुमार गोयल
जींद। अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा सरकार की दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की प्रक्रिया पर एतराज जताया है। उन्होंने योजना के तहत महिलाओं से हर महीने स्वयं को जीवित साबित करने के लिए फोटो अपलोड करवाने की शर्त को महिला सम्मान के विरुद्ध बताया है।
डॉ. गोयल ने कहा कि महिलाओं को 2100 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देकर सशक्त बनाने का सरकार का उद्देश्य सराहनीय है लेकिन इसे लागू करने का तरीका व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने तर्क दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब महिलाओं के पास न तो स्मार्टफोन हैं और न ही उन्हें तकनीकी जानकारी है। ऐसे में हर माह ऐप पर फोटो अपलोड करना उनके लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना जैसा है।
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उन्होंने कहा कि जब बुढ़ापा और विधवा पेंशन योजनाओं में ऐसी कोई शर्त नहीं है तो लाडो लक्ष्मी योजना में ही यह भेदभाव क्यों। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग की कि इस फोटो व्यवस्था को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को योजना को सरल और सम्मानजनक बनाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे।
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डॉ. गोयल ने कहा कि महिलाओं को 2100 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देकर सशक्त बनाने का सरकार का उद्देश्य सराहनीय है लेकिन इसे लागू करने का तरीका व्यावहारिक नहीं है।
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उन्होंने तर्क दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब महिलाओं के पास न तो स्मार्टफोन हैं और न ही उन्हें तकनीकी जानकारी है। ऐसे में हर माह ऐप पर फोटो अपलोड करना उनके लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना जैसा है।
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उन्होंने कहा कि जब बुढ़ापा और विधवा पेंशन योजनाओं में ऐसी कोई शर्त नहीं है तो लाडो लक्ष्मी योजना में ही यह भेदभाव क्यों। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग की कि इस फोटो व्यवस्था को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को योजना को सरल और सम्मानजनक बनाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे।