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Jind News: प्रदेश की अलग राजधानी और उच्च न्यायालय बनाने की मांग
Sun, 28 Jan 2024 10:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 28 Jan 2024 10:24 PM IST
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जींद। हरियाणा प्रदेश की अलग राजधानी और अलग उच्च न्यायालय बनाने के मुद्दे को लेकर जींद बार के सभागार में हरियाणा बनाओ अभियान संगठन के बैनर तले विचार संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य रूप से अभियान के संयोजक एवं पंजाब व हरियाणा बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन रणधीर सिंह बधराण, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ओएसडी महेंद्र सिंह चोपड़ा व सरकारी वकील एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार बैरागी व अन्य ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश को पंजाब से अलग हुए 57 वर्ष हो गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से प्रदेश को अभी तक संपूर्ण स्वायत्त राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया, क्योंकि इसकी अपनी अलग राजधानी और अलग हाईकोर्ट नहीं बना। संयुक्त पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को केंद्र शासित क्षेत्र घोषित कर दोनों राज्यों की राजधानी बना दिया गया, जबकि हिमाचल प्रदेश के राजनैतिक नेतृत्व ने परिपक्वता और दूर दृष्टि का परिचय देते हुए अपनी अलग राजधानी व हाईकोर्ट बनाकर हिमाचल प्रदेश को अलग पहचान व पूर्णता दे दी। प्रदेश में सबसे गंभीर समस्या बेरोजगारी की है। निराश युवा नशा, अपराध की चपेट में आ रहे हैं। युवा आत्महत्या कर रहे हैं या अपनी जान को जोखिम में डालकर दूसरे देशों में पलायन कर रहे हैं। केवल सरकारी खाली पदों पर भर्ती करना इसका हल नहीं हो सकता। इसके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने होंगे, जिसमें प्रदेश की नई राजधानी का निर्माण इस समस्या के निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की तरह विदेशी और निजी अरबों-खरबों रुपये का संभावित निवेश विभिन्न प्रकार के रोजगार सृजन करने का काम करेगा। आधुनिक राजधानी का निर्माण राज्य के अविकसित क्षेत्र के विकास को नई गति देगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुधार करने में कारगर साबित होगा।
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राजधानी के लिए जींद उपयुक्त जिला
अधिवक्ता रणबीर नरवाल ने कहा कि जींद हरियाणा के मध्य में स्थित है। यहां से आठ नेशनल हाईवे गुजरते हैं। प्रदेश के किसी बार्डर से डेढ़ घंटे के समय में जींद पहुंचा जा सकता है। ऐसे में जींद को हरियाणा की राजधानी बनाना सबसे उत्तम रहेगा। महेंद्र सिंह चोपड़ा ने बताया कि हरियाणा की अपनी राजधानी और अपना हाईकोर्ट बनाने की मांग को हरियाणा बनाओ अभियान संगठन की ओर से प्रदेश के सभी विधायकों व सांसदों को ज्ञापन भेजे गए हैं। उसमें कहा गया है कि हरियाणा प्रांत की विशिष्ट पहचान, पूर्णता, प्रगति और प्रतिष्ठा के लिए लोक निष्ठा से अलग राजधानी व अलग हाईकोर्ट बनाने के लिए कार्य करें। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भेजने के साथ-साथ जिलास्तर पर संगोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। जल्द ही हरियाणा बनाओ अभियान संगठन में नियुक्तियां की जाएंगी। उसके बाद मुहिम को ग्रामस्तर पर ले जाकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश को पंजाब से अलग हुए 57 वर्ष हो गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से प्रदेश को अभी तक संपूर्ण स्वायत्त राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया, क्योंकि इसकी अपनी अलग राजधानी और अलग हाईकोर्ट नहीं बना। संयुक्त पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को केंद्र शासित क्षेत्र घोषित कर दोनों राज्यों की राजधानी बना दिया गया, जबकि हिमाचल प्रदेश के राजनैतिक नेतृत्व ने परिपक्वता और दूर दृष्टि का परिचय देते हुए अपनी अलग राजधानी व हाईकोर्ट बनाकर हिमाचल प्रदेश को अलग पहचान व पूर्णता दे दी। प्रदेश में सबसे गंभीर समस्या बेरोजगारी की है। निराश युवा नशा, अपराध की चपेट में आ रहे हैं। युवा आत्महत्या कर रहे हैं या अपनी जान को जोखिम में डालकर दूसरे देशों में पलायन कर रहे हैं। केवल सरकारी खाली पदों पर भर्ती करना इसका हल नहीं हो सकता। इसके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने होंगे, जिसमें प्रदेश की नई राजधानी का निर्माण इस समस्या के निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की तरह विदेशी और निजी अरबों-खरबों रुपये का संभावित निवेश विभिन्न प्रकार के रोजगार सृजन करने का काम करेगा। आधुनिक राजधानी का निर्माण राज्य के अविकसित क्षेत्र के विकास को नई गति देगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुधार करने में कारगर साबित होगा।
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राजधानी के लिए जींद उपयुक्त जिला
अधिवक्ता रणबीर नरवाल ने कहा कि जींद हरियाणा के मध्य में स्थित है। यहां से आठ नेशनल हाईवे गुजरते हैं। प्रदेश के किसी बार्डर से डेढ़ घंटे के समय में जींद पहुंचा जा सकता है। ऐसे में जींद को हरियाणा की राजधानी बनाना सबसे उत्तम रहेगा। महेंद्र सिंह चोपड़ा ने बताया कि हरियाणा की अपनी राजधानी और अपना हाईकोर्ट बनाने की मांग को हरियाणा बनाओ अभियान संगठन की ओर से प्रदेश के सभी विधायकों व सांसदों को ज्ञापन भेजे गए हैं। उसमें कहा गया है कि हरियाणा प्रांत की विशिष्ट पहचान, पूर्णता, प्रगति और प्रतिष्ठा के लिए लोक निष्ठा से अलग राजधानी व अलग हाईकोर्ट बनाने के लिए कार्य करें। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भेजने के साथ-साथ जिलास्तर पर संगोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। जल्द ही हरियाणा बनाओ अभियान संगठन में नियुक्तियां की जाएंगी। उसके बाद मुहिम को ग्रामस्तर पर ले जाकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।