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आपदाओं की वजह जंगलों की कटाई : बलबीर
Fri, 10 Oct 2025 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:08 AM IST
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09जेएनडी28 : धरने पर बैठे किसान व किसान नेता। स्रोत किसान।
नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चे का धरना तहसील कार्यालय परिसर में 1269वें दिन भी जारी रहा। मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर कॉरपोरेट कब्जा, जंगलों की अंधाधुंध कटाई और हिमालयी क्षेत्रों में अवैज्ञानिक परियोजनाएं उत्तर भारत में आई आपदाओं की प्रमुख वजह हैं।
उन्होंने पंजाब सरकार पर प्रभावित गांवों में वास्तविक नुकसान दर्ज न करने और राहत कार्यों में विफल रहने का आरोप लगाया। किसान मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से न्यायिक जांच और आपदा प्रभावित राज्यों के लिए एक लाख करोड़ रुपये का विशेष वित्तीय पैकेज देने की मांग की।
इसके साथ ही किसान मोर्चा ने 26 नवंबर 2025 को देशभर में पांचवीं वर्षगांठ पर बड़े विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने और कपास पर हटाए गए 11% आयात शुल्क को बहाल करने की भी मांग की।
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धरने में मास्टर बलजीत सिंह, रामधारी ढाकल, बलदेव ढाकल, सुरजन, मांगेराम और सतबीर खरल मौजूद रहे। मोर्चा ने घोषणा की कि दस अक्तूबर को नरवाना तहसील में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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उन्होंने पंजाब सरकार पर प्रभावित गांवों में वास्तविक नुकसान दर्ज न करने और राहत कार्यों में विफल रहने का आरोप लगाया। किसान मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से न्यायिक जांच और आपदा प्रभावित राज्यों के लिए एक लाख करोड़ रुपये का विशेष वित्तीय पैकेज देने की मांग की।
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इसके साथ ही किसान मोर्चा ने 26 नवंबर 2025 को देशभर में पांचवीं वर्षगांठ पर बड़े विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने और कपास पर हटाए गए 11% आयात शुल्क को बहाल करने की भी मांग की।
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धरने में मास्टर बलजीत सिंह, रामधारी ढाकल, बलदेव ढाकल, सुरजन, मांगेराम और सतबीर खरल मौजूद रहे। मोर्चा ने घोषणा की कि दस अक्तूबर को नरवाना तहसील में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।