फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   dead 12 animals, due to drink wather, jind

जहरीले पानी ने ली चौदह पशुओं की जान

Tue, 26 Jul 2016 12:53 AM IST
jind
jind Updated Tue, 26 Jul 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
dead 12 animals, due to drink wather, jind
निडाना गांव में बीमार पशु के पास ग्रामीण। - फोटो : bureau
 निडाना गांव में संदिग्ध बीमारी के चलते 14 पशुओं की मौत हो गई और दर्जनों पशु बीमार हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की टीम दो दिन से गांव में पड़ी है और स्थिति नियंत्रण में है। अभी तक ग्रामीण इस दहशत से नहीं उबर पा रहे हैं। गांव के पश्चिम में मंगोल वाला पशु तालाब है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तालाब में पानी पीने वाले पशु बीमार हुए हैं और उनकी ही मौत हुई है। यह सिलसिला रविवार से शुरू हुआ, जो सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को गांव में करीब आधा दर्जन पशुओं की मौत हुई। इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत के बाद चिकित्सकों की टीम को हर कोई अपने घर ले जाकर अपने पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करवा रहा है। गांव में करीब 2400 पशु हैं और बीमारी की स्थिति को देखकर पशुपालकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंची हुई हैं।
विज्ञापन


चार दुधारू भैंसों की मौत
पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. राजबीर के अनुसार गांव में कुल 14 पशुओं की मौत हुई है। इसमें चार दुधारू पशु शामिल हैं। इसके अलावा आठ माह से दो साल तक के आधा दर्जन से अधिक बच्चे व कुछ अन्य पशु शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रशका की एक, महावीर की दो, सत्यवान की एक, कर्ण सिंह की एक, सुरेंद्र की एक भैंस, महा सिंह का एक भैंसा, कुलदीप की दो भैंस, रमेश की एक भैंस, राकेश की एक भैंस, सुरेश की एक, सूरता की एक, शिशपाल का एक कटड़ा, सुरेश की एक भैंस, व रघुबीर की एक भैंस बीमारी के कारण मर चुकी हैं।
विज्ञापन


पानी में हो सकता है जहर
ग्रामीणों के अनुसार जिन पशुओं की मौत हुई है, वे मंगोल वाला तालाब में पानी पीने वाले हैं। ऐसे में इस तालाब में जहर हो सकता है। ग्रामीण रणबीर ने बताया कि इस तालाब में पास के खेतों से भी पानी आ जाता है। ऐसे में संभावना है कि धान की फसल में डाली गई कीटनाशक के कारण ऐसा हुआ हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


जोहड़ से लौटकर दो घंटे में ही शुरू हो जाती है बीमारी
ग्रामीण कुलदीप, दिलबाग, जय कुमार, रणबीर, सुरेश ने बताया कि जो पशु मंगोल वाला तालाब में जाते हैं, वहां से पानी पीकर आने के करीब दो घंटे के बाद ही बीमारी के लक्षण शुरू हो जाते हैं। पशु के मुंह से पानी गिरना शुरू हो जाता है फिर अफारा व बुखार से पशु की मौत हो जाती है।

डीसी ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
डीसी विनय सिंह सोमवार रात को गांव में पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। इस पर कुछ लोगों ने मुआवजे की मांग की। डीसी ने इसमें कहा कि आपकी बात सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। अगर सरकार मंजूरी देती है तो मुआवजा भी मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों की टीम को उचित इलाज देने की बात कही है।  

इलाज के लिए हिसार गई भैंसें
ग्रामीण सूरता की एक भैंस की मौत के बाद उसने कोई जोखिम नहीं उठाया और अपनी शेष भैंसों को इलाज के लिए हिसार ले गया। चिकित्सकों के अनुसार अब भैंस ठीक हैं।

इसी तालाब के पास पांच युवकों ने गंवाई थी जान
करीब दो महीने पहले इसी तालाब के पास कुएं की सफाई के दौरान पांच युवकों की भी निडाना गांव में मौत हो गई थी। अब यह घटना भी उसी कुएं के साथ वाले तालाब में हुई है।


बीमारी से 14 पशुओं की मौत हुई है। करीब दर्जन भर पशु बीमार हैं और इनके संपर्क में आने वाले अन्य पशुओं को भी निगरानी में रखा गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं। पशु तालाब के पानी की जांच करवाई जाएगी। वहीं तालाब में क्लोरीनेशन करवाया जा रहा है। सोमवार दोपहर बाद किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है।
-डॉ. राजबीर, सदस्य विशेष टीम
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed