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ग्रामीण अंचल से निकली दयावंती ने कबड्डी में दिखाया दम
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दयावंती।
- फोटो : Jind
जुलाना की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी दयावंती ने दिखा दिया है कि लड़कियां भी लड़कों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। वह चाहे पढ़ाई, रोजगार का क्षेत्र हो या फिर खेल मैदान का मैदान। महिलाएं पुरुषों को हर क्षेत्र में कड़ी टक्कर दे सकती हैं।
कबड्डी खिलाड़ी दयावंती ने 2005 में जुलाना के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा में कार्यरत कबड्डी कोच चंद्र देवी के सानिध्य में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। दयावंती के पिता जयभगवान शर्मा किसान हैं। दयावंती की चार बहन और एक भाई है। दयावंती ने अपनी सीनियर कबड्डी खिलाड़ी सीमा लाठर, कविता लाठर और सुधीर धनखड़ से कबड्डी के काफी गुर सीखे। इसके साथ ही खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा में कार्यरत कबड्डी कोच चंद्र देवी जो हाल ही में रिटायर्ड कबड्डी कोच ने दयावंती को सुबह तीन घंटे और शाम को ढाई घंटे प्रशिक्षण दिया। दयावंती ने कबड्डी में कुल 12 पदक जीते हैं।
दयावंती ने 2006 में जूनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में जालंधर में प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया। उसके बाद 2007 में जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में अंतर-16 आयु वर्ग में औरंगाबाद में भी प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया। इसके साथ ही वर्ष 2009 में जूनियर नेशनल में जयपुर में टीम का प्रतिनिधित्व किया। 2010 में सीनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में झारखंड में खेलते हुए रजत पदक जीता। 2011 में इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक का प्रतिनिधित्व करते हुए फैजाबाद उत्तर प्रदेश में अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद 2012 में अमृतसर में इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में, वर्ष 2015 में सीनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता और ऑल इंडिया कबड्डी यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक का प्रतिनिधित्व करते हुए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। 2016 में जींद में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में एमडी यूनिवर्सिटी की ओर से खेलते हुए अपनी टीम को रजत पदक दिलवाने में विशेष योगदान दिया। 2018 में ही मलेशिया में आयोजित एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता। दयावंती ने स्नातक के बाद बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन और पीजी डिप्लोमा इन योग साइंस की है। दयावंती की शादी 2016 में हिसार स्थित हांसी में हुई थी। दयावंती के पति अमित शर्मा का ट्रांसपोर्ट का काम है। फिर भी वह उन्हें हमेशा आगे बढ़ने और खेलते रहने के लिए प्रेरित करते हैं। दयावंती अपनी कामायाबी का श्रेय कबड्डी कोच चंद्र देवी और पीटीआई रतिराम और अपने वरिष्ठ खिलाड़ी सीमा लाठर, कविता लाठर, जनक राज और सुधीर धनखड़ को देती हैं।
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कबड्डी खिलाड़ी दयावंती ने 2005 में जुलाना के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा में कार्यरत कबड्डी कोच चंद्र देवी के सानिध्य में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। दयावंती के पिता जयभगवान शर्मा किसान हैं। दयावंती की चार बहन और एक भाई है। दयावंती ने अपनी सीनियर कबड्डी खिलाड़ी सीमा लाठर, कविता लाठर और सुधीर धनखड़ से कबड्डी के काफी गुर सीखे। इसके साथ ही खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा में कार्यरत कबड्डी कोच चंद्र देवी जो हाल ही में रिटायर्ड कबड्डी कोच ने दयावंती को सुबह तीन घंटे और शाम को ढाई घंटे प्रशिक्षण दिया। दयावंती ने कबड्डी में कुल 12 पदक जीते हैं।
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दयावंती ने 2006 में जूनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में जालंधर में प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया। उसके बाद 2007 में जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में अंतर-16 आयु वर्ग में औरंगाबाद में भी प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया। इसके साथ ही वर्ष 2009 में जूनियर नेशनल में जयपुर में टीम का प्रतिनिधित्व किया। 2010 में सीनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में झारखंड में खेलते हुए रजत पदक जीता। 2011 में इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक का प्रतिनिधित्व करते हुए फैजाबाद उत्तर प्रदेश में अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद 2012 में अमृतसर में इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में, वर्ष 2015 में सीनियर नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता और ऑल इंडिया कबड्डी यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक का प्रतिनिधित्व करते हुए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। 2016 में जींद में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता में एमडी यूनिवर्सिटी की ओर से खेलते हुए अपनी टीम को रजत पदक दिलवाने में विशेष योगदान दिया। 2018 में ही मलेशिया में आयोजित एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता। दयावंती ने स्नातक के बाद बैचलर इन फिजिकल एजुकेशन और पीजी डिप्लोमा इन योग साइंस की है। दयावंती की शादी 2016 में हिसार स्थित हांसी में हुई थी। दयावंती के पति अमित शर्मा का ट्रांसपोर्ट का काम है। फिर भी वह उन्हें हमेशा आगे बढ़ने और खेलते रहने के लिए प्रेरित करते हैं। दयावंती अपनी कामायाबी का श्रेय कबड्डी कोच चंद्र देवी और पीटीआई रतिराम और अपने वरिष्ठ खिलाड़ी सीमा लाठर, कविता लाठर, जनक राज और सुधीर धनखड़ को देती हैं।
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