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पेंशन देने के लिए तैयार हो रहा कैंसर पीड़ितों का डाटा
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जींद। राज्य सरकार ने तीसरे और चौथे स्टेज के कैंसर पीड़ितों को पेंशन देने का निर्णय लिया है। इसको लेकर नागरिक अस्पताल में कैंसर पीड़ितों का डाटा तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में 2169 कैंसर पीड़ित पंजीकृत हैं। स्वास्थ्य अधिकारी कैंसर पीड़ितों की रिपोर्ट तीसरे और चौथे स्टेज के पीड़ितों की रिपोर्ट तैयार करेंगे और उनका रिकार्ड सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद मरीजों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने नौ मई को प्रदेशभर के कैंसर पीड़ितों को पेंशन देने की घोषणा की थी। इसमें तीसरे और चौथे स्टेज पर पहुंच चुके मरीजों ही पेंशन मिलेगी। इन स्टेजों पर पहुंचे पीड़ित काम करने में अक्षम हो जाते हैं। इसलिए इन लोगों को सरकार ने पेंशन देने का निर्णय लिया है। यह पेंशन वृद्धावस्था सम्मान भत्ता की तरह ही दी जाएगी। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय ने सिविल सर्जन को पत्र जारी करते हुए जिले में कैंसर पीड़ितों का रिकार्ड मांगा है। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल को निर्देश देते हुए यह रिकार्ड मुख्यालय भेजने को कहा है। ताकि इन लोगों को जल्द से जल्द पेंशन की सुविधा मिल सके। जिले में इस समय 2169 लोग हैं, जो कैंसर से पीड़ित हैं। इन सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बस पास की सुविधा दी हुई है। इसके अलावा काफी लोग ऐसे भी हैं, जो जिले से बाहर अपना इलाज करवा रहे हैं और उनका रिकार्ड स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। यह लोग बस पास की सुविधा नहीं लेते। स्वास्थ्य विभाग के पास केवल बस पास बनवाने के लिए ही कैंसर पीड़ित हैं, क्योंकि इस तरह का इलाज नागरिक अस्पताल जींद में नहीं है। कैंसर का इलाज पीजीआई रोहतक में किया जाता है।
जिले में 2169 लोग कैंसर पीड़ित हैं। ये किस स्टेज पर हैं, इसका कोई रिकार्ड नहीं है। रोगियों की रिपोर्ट देखकर इसका पता लगाया जाएगा। इसके बाद इन सभी का रिकार्ड मुख्यालय को भेजा जाएगा ताकि जल्द इन लोगों को पेंशन की सुविधा मिल सके। -डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सिविल सर्जन।
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मुख्यमंत्री ने नौ मई को प्रदेशभर के कैंसर पीड़ितों को पेंशन देने की घोषणा की थी। इसमें तीसरे और चौथे स्टेज पर पहुंच चुके मरीजों ही पेंशन मिलेगी। इन स्टेजों पर पहुंचे पीड़ित काम करने में अक्षम हो जाते हैं। इसलिए इन लोगों को सरकार ने पेंशन देने का निर्णय लिया है। यह पेंशन वृद्धावस्था सम्मान भत्ता की तरह ही दी जाएगी। इसके बाद स्वास्थ्य निदेशालय ने सिविल सर्जन को पत्र जारी करते हुए जिले में कैंसर पीड़ितों का रिकार्ड मांगा है। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल को निर्देश देते हुए यह रिकार्ड मुख्यालय भेजने को कहा है। ताकि इन लोगों को जल्द से जल्द पेंशन की सुविधा मिल सके। जिले में इस समय 2169 लोग हैं, जो कैंसर से पीड़ित हैं। इन सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बस पास की सुविधा दी हुई है। इसके अलावा काफी लोग ऐसे भी हैं, जो जिले से बाहर अपना इलाज करवा रहे हैं और उनका रिकार्ड स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। यह लोग बस पास की सुविधा नहीं लेते। स्वास्थ्य विभाग के पास केवल बस पास बनवाने के लिए ही कैंसर पीड़ित हैं, क्योंकि इस तरह का इलाज नागरिक अस्पताल जींद में नहीं है। कैंसर का इलाज पीजीआई रोहतक में किया जाता है।
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जिले में 2169 लोग कैंसर पीड़ित हैं। ये किस स्टेज पर हैं, इसका कोई रिकार्ड नहीं है। रोगियों की रिपोर्ट देखकर इसका पता लगाया जाएगा। इसके बाद इन सभी का रिकार्ड मुख्यालय को भेजा जाएगा ताकि जल्द इन लोगों को पेंशन की सुविधा मिल सके। -डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सिविल सर्जन।
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