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दोपहर एक बजे पहुंचा डीएपी, सुबह पांच बजे से लाइन में थे किसान

Sat, 13 Nov 2021 10:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 10:24 PM IST
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DAP reached at one o'clock in the afternoon, farmers were in line since five in the morning
पुरानी मंडी में सरकारी दुकान के बाहर लाइन में लगे किसान। - फोटो : Jind
जींद/उचाना। डीएपी की किल्लत के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुरानी मंडी में सरकारी और प्राइवेट दुकान पर डीएपी आने की जानकारी मिलने के बाद किसान सुबह पांच बजे ही मंडी पहुंचे शुरू हो गए। डीएपी लेने के लिए वे परिवार के सदस्यों के साथ लाइन में लग गए।
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किसानों के छह से सात घंटे तक लाइन में लगे-लगे इंतजार करने के बाद दोपहर को करीब एक बजे डीएपी सरकारी और प्राइवेट दुकान पर आया। पुराना रजवाहा पर कपास मंडी गेट के पास प्राइवेट दुकान पर डीएपी खाद आते ही किसान काफी संख्या में यहां पहुंच गए। यहां पर अधिक भीड़ होने पर कोई हंगामा नहीं हो, इसके लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस के आने के बाद लाइन लगाकर डीएपी खाद के लिए पर्ची काटी गई। सरकारी दुकान पर पुलिस ने पहुंच कर लाइन लगवाई। दोनों जगहों पर पुलिस की मौजूदगी में डीएपी को बांटा गया। किसान सुशील, अमरजीत, नरेंद्र व मनोज ने कहा कि गेहूं की बिजाई में देरी हो रही है। शुक्रवार को खाद आने की सूचना मिलने पर दोपहर तक पुरानी मंडी में सरकारी दुकान के बाहर लाइन में लगे रहे। सुबह पांच बजे गांवों से मंडी में किसान आए गए थे। लंबी लाइनों में लगकर बड़ी मुश्किल से खाद मिला। उन्होंने कहा कि किसान को उसकी जरूरत के हिसाब से खाद देना चाहिए। समय पर डीएपी नहीं मिलने से गेहूं की बिजाई में देरी हो रही है। गेहूं की बिजाई देरी से होगी तो उत्पादन कम होगा।
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शुरू से है डीएपी की किल्लत
टोल कमेटी प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि डीएपी की किल्लत शुरू से ही है। सरकार किसानों की आमदनी दोगुना करने की बात तो कह रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि उसे डीएपी खाद तक नहीं मिल रहा है। डीएपी लेने के लिए किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में सुबह से लगना पड़ रहा है। लाइन में लगने के बाद भी यह पक्का नहीं है कि डीएपी मिलेगा या नहीं।
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कृषि विभाग जींद के गुणवत्ता निरीक्षक डॉ. नरेंद्र पाल ने बताया कि जिले में शनिवार को डीएपी के 25 हजार कट्टे पहुंचे। सरकारी और प्राइवेट दुकान पर आए डीएपी के पांच-पांच बैग प्रति किसान को दिए गए हैं। आधार कार्ड पर किसान को खाद दिया गया। किसान को एक आधार कार्ड पर पांच कट्टे दिए गए।
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