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Jind News: बधाना जलघर पर करोड़ों खर्च, फिर भी लोगों के कंठ सूखे
Wed, 24 May 2023 02:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 24 May 2023 02:29 AM IST
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अलेवा। बधाना गांव के जलघर पर करोड़ों रुपये का बजट सुधारीकरण के नाम पर आने के बावजूद आधे-अूधरे पड़े कामों के चलते लोगों को पीने के लिए नहरी पानी नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा करोड़ोंं रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी अभी तक जलघर में आधे-अधूरे काम पड़े हैं।
हालांकि विभाग ने जलघर में बने टैंक में नहरी पानी का इंतजाम तो कर दिया, लेकिन लोगों को नहरी पानी के बजाय सबमर्सिबल आधारित पीनी की सप्लाई दी जा रही है। इस कारण गांव के लोगों में सरकार और जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ रोष है।
बधाना निवासी रामकरण, कुलवंत, रमेश, राजेश, संदीप, विकास, जोगिंद्र ने बताया कि जलघर में सुधारीकरण के नाम पर करोड़ों का बजट आया हुआ है। इसमें चहारदीवारी से लेकर फिल्टर, टैंक की मरम्मत और अन्य उपकरणों पर बजट खर्च होने था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार आधे से ज्यादा बजट खर्च भी हो चुका है, लेकिन जलघर में आधे से ज्यादे काम अधूरे पड़े हैं।
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टैंकों में पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी तो भरा जाता है लेकिन विभाग के अधिकारियों द्वारा पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी के बजाय सबमर्सिबल आधारित पेयजल की सप्लाई दी जाती है। जलघर में कामों के मामले में मौके पर जाकर देखा जाए तो ठेकेदार तथा विभाग के अधिकारियों द्वारा सुधारीकरण के नाम पर केवल मात्र खानापूर्ति ही नजर आएगी।
गांव के लोगों को कहना है कि नहरी पानी के अभाव में प्रति काॅलोनी तीन से चार दिन में एक बार ही सबमर्सिबल से पीने के पानी की सप्लाई दी जाती है, लेकिन कहने के बावजूद अधिकारी लोगों की मांगों की तरफ तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है तो पेयजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। गांव के लोगों ने विभाग के उच्चाधिकारियों से नहरी पानी की सप्लाई चालू करने की मांग की है।
खर्च हुए रुपयों में पूरी तरह से घालमेल हुआ : सरपंच
बधाना गांव के सरपंच राममेहर ने बताया कि जलघर में पेयजल कनेक्शनों के अलावा अन्या कामों पर खर्च हुए रुपयों में पूरी तरह से घालमेल हुआ है। विभाग कामों पर आधे से ज्यादा बजट खर्च दिखा रहा है लेकिन धरातल पर अभी भी स्थिति ज्यों की त्यों है। इसके लिए एक-दो बार ठेकेदार तथा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। जल्द ही मामले को लेकर जांच करवाने का काम किया जाएगा।
ठेकेदार द्वारा काम बंद करने के मामले मेंं पत्र लिखा गया है : जेई
जलापूर्ति विभाग के जेई रोहित ने बताया कि बधाना जलघर में उसके कार्यकाल से पहले के काम है, हालांकि ठेकेदार द्वारा काम बंद करने के मामले मेंं पत्र लिखा गया है। नहरी पानी की सप्लाई के लिए भी अभी काम अधूरे हैं। कामों के पूरा होते ही नहरी पानी सप्लाई दे जाएगी।
फोटो कैप्शन
23जेएनडी06: जर्जर हालात में बधाना गांव का जलघर। संवाद
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हालांकि विभाग ने जलघर में बने टैंक में नहरी पानी का इंतजाम तो कर दिया, लेकिन लोगों को नहरी पानी के बजाय सबमर्सिबल आधारित पीनी की सप्लाई दी जा रही है। इस कारण गांव के लोगों में सरकार और जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ रोष है।
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बधाना निवासी रामकरण, कुलवंत, रमेश, राजेश, संदीप, विकास, जोगिंद्र ने बताया कि जलघर में सुधारीकरण के नाम पर करोड़ों का बजट आया हुआ है। इसमें चहारदीवारी से लेकर फिल्टर, टैंक की मरम्मत और अन्य उपकरणों पर बजट खर्च होने था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार आधे से ज्यादा बजट खर्च भी हो चुका है, लेकिन जलघर में आधे से ज्यादे काम अधूरे पड़े हैं।
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टैंकों में पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी तो भरा जाता है लेकिन विभाग के अधिकारियों द्वारा पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी के बजाय सबमर्सिबल आधारित पेयजल की सप्लाई दी जाती है। जलघर में कामों के मामले में मौके पर जाकर देखा जाए तो ठेकेदार तथा विभाग के अधिकारियों द्वारा सुधारीकरण के नाम पर केवल मात्र खानापूर्ति ही नजर आएगी।
गांव के लोगों को कहना है कि नहरी पानी के अभाव में प्रति काॅलोनी तीन से चार दिन में एक बार ही सबमर्सिबल से पीने के पानी की सप्लाई दी जाती है, लेकिन कहने के बावजूद अधिकारी लोगों की मांगों की तरफ तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है तो पेयजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। गांव के लोगों ने विभाग के उच्चाधिकारियों से नहरी पानी की सप्लाई चालू करने की मांग की है।
खर्च हुए रुपयों में पूरी तरह से घालमेल हुआ : सरपंच
बधाना गांव के सरपंच राममेहर ने बताया कि जलघर में पेयजल कनेक्शनों के अलावा अन्या कामों पर खर्च हुए रुपयों में पूरी तरह से घालमेल हुआ है। विभाग कामों पर आधे से ज्यादा बजट खर्च दिखा रहा है लेकिन धरातल पर अभी भी स्थिति ज्यों की त्यों है। इसके लिए एक-दो बार ठेकेदार तथा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। जल्द ही मामले को लेकर जांच करवाने का काम किया जाएगा।
ठेकेदार द्वारा काम बंद करने के मामले मेंं पत्र लिखा गया है : जेई
जलापूर्ति विभाग के जेई रोहित ने बताया कि बधाना जलघर में उसके कार्यकाल से पहले के काम है, हालांकि ठेकेदार द्वारा काम बंद करने के मामले मेंं पत्र लिखा गया है। नहरी पानी की सप्लाई के लिए भी अभी काम अधूरे हैं। कामों के पूरा होते ही नहरी पानी सप्लाई दे जाएगी।
फोटो कैप्शन
23जेएनडी06: जर्जर हालात में बधाना गांव का जलघर। संवाद