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भ्रूण लिंग जांच के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी दबोचे

Fri, 02 Dec 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद Updated Fri, 02 Dec 2016 12:34 AM IST
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अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंची झज्जर की टीम। - फोटो : jind
झज्जर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को शहर की स्कीम नंबर-19 स्थित एक निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा मारा। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम जांच में अल्ट्रासाउंड केंद्र में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। लेकिन जो लोग महिला को जांच के लिए लाए थे, वे गिरोह चलाते हैं। दोनों दलाल सामान्य अल्ट्रासाउंड करवाकर ग्राहकों को अपने अनुसार ही भ्रूण का लिंग बता रहे थे। आरोपियों के कब्जे से पैसे भी बरामद किए गए हैं और उनके खिलाफ एफआईआर करवाई जा रही है। टीम के साथ झज्जर सीआईए की टीम मौजूद रही।
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स्वास्थ्य विभाग झज्जर को सूचना मिली कि जींद में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद डमी ग्राहक तैयार की गई है। डमी  ग्राहक ने अधिकारियों को बताया कि झज्जर निवासी कुलवंती और जींद के पोली गांव निवासी सतपाल अल्ट्रासाउंड करने वाली डॉक्टर के संपर्क में हैं। विभाग की टीम ने डम्मी ग्राहक को दो-दो हजार के दस नोट दिए। डमी ग्राहक झज्जर से कुलवंती नामक महिला के साथ चली तो स्वास्थ्य विभाग और सीआईए की टीम भी पीछा करती हुई जींद पहुंच गई। झज्जर नागरिक अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश के अनुसार कुलवंती महिला को पहले कलानौर और फिर महम लेकर गई। इसके बाद उन्हें जींद लाया गया। जींद में सतपाल को भी साथ लिया गया और ये लोग अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंच गए। डॉ. राजेश के अनुसार, पोली गांव निवासी सतपाल नामक दलाल ने ही महिला को बताया है कि उसके गर्भ में लड़का है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने लिंग परीक्षण नहीं किया है।
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महिला को डॉक्टर ने कहा, ठीक है
परीक्षण करवाने आई महिला ने बताया कि जांच के बाद जब उसने डॉक्टर से गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग के बारे में पूछा तो उसे कहा गया कि ठीक है। डॉ. राजेश के अनुसार इस वाक्य को आधार नहीं बनाया जा सकता, लेकिन फिर भी डॉक्टर के खिलाफ यदि कोई सबूत मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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समय के बाद बदलती रही कहानी
जिस समय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां छापा मारा, डमी ग्राहक महिला स्वयं कह रही थी कि डॉक्टर ने उसे भ्रूण का लिंग बताया है। इसके बाद अधिकारियों ने सारा मामला पोली गांव निवासी सतपाल पर डाल दिया। जब मामला मीडिया में सामने आया तो कुलवंती को भी इसमें शामिल कर लिया गया।

कुलवंती पर पहले भी दर्ज हैं मामले
झज्जर निवासी कुलवंती पहले भी भ्रूण लिंग जांच के मामले में शामिल रही है। नौ सितंबर को झज्जर में हुई छापामारी में भी कुलवंती संलिप्त पाई गई थी। टीम के साथ आई महिला चिकित्सक डॉ. सरिता के अनुसार भ्रूण लिंग जांच के मामले में ही कुलवंती जेल में रही है। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।

कुलवंती और सतपाल का कनेक्शन
जींद के गांव पोली निवासी सतपाल कुछ समय पहले तक झज्जर के एक निजी अस्पताल में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुलवंती से हुई। हालांकि, सतपाल ने बताया कि उसे सिर्फ दो हजार रुपये दिए गए थे, जो उसने महिला को दे दिए।


छापामारी के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र के रिकार्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल, दो दलालों की भूमिका सामने आई है। उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया जा रहा है। यदि डॉक्टर की भूमिका पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
डॉ. प्रभूदयाल, नोडल अधिकारी, नागरिक अस्पताल, जींद
 
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