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ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर से प्राचानीकाल की दो मूर्तियां चोरी
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2016 12:13 AM IST
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शहर के प्राचीन जयंती देवी मंदिर से बुधवार रात को चोरों ने सैकड़ों वर्ष पुरानी माता की दो मूर्ति, उनके श्रंगार से सोने व चांदी के जेवरात चोरी कर लिए।
एक मूर्ति गुप्त काल की और दूसरी करीब 12वीं शताब्दी की बताई जा रही है। इसी मंदिर के नाम से जींद का नाम पड़ा है।
मंदिर में चोरी की सूचना पाकर एसएसपी अभिषेक जोरवाल मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने मंदिर के पुजारी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शहर के प्राचीन जयंती देवी मंदिर में बुधवार रात को चोर मंदिर के कैंची गेट के ताले को तोड़कर अंदर घुस गए। जहां से चोरों ने काले पत्थर की मां भगवती की मूर्ति तथा पीतल की मां महीषासुर मर्दानी की मूर्ति को चोरी कर लिया।
इस दौरान चोरों ने मंदिर की दूसरी मूर्तियों पर श्रंगार के सोने व चांदी के जेवरात तथा दानपात्र से हजारों रुपये चोरी कर लिए। मूर्ति चोरी की घटना का पता बृहस्पतिवार सुबह चार बजे लगा जब मंदिर का पुजारी नवीन शस्त्री मंदिर में दरबार सजाने के लिए पहुंचा तो कैची गेट का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखी कीमती मूर्ति गायब थी।
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मूर्तियों के ऊपर श्रंगार के लिए लगाए गए कपड़े बाथरूम में पड़े मिले। मंदिर में चोरी की घटना का पता चलते ही भक्त मौके पर पहुंच गए और चोरी की घटना पर रोष जताया।
बाद में सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी तेजबीर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। एसएफएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्यों को जुटाया। पुलिस ने मंदिर के पुजारी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
नवरात्रों में ही स्थापित होती थी मूर्ति
जयंती देवी मंदिर की आसपास के क्षेत्र में काफी मान्यता है और नवरात्रों के समय में मंदिर में काफी भीड़ लगती है। चोरी हुई दोनों मूर्तियों को नवरात्रों के समय मंदिर के दरबार में स्थापित किया जाता था। मूर्तियां प्राचानीकाल की होने के चलते इनको काफी संभाल कर रखा हुआ था।
लेकिन चोरों ने दरबार में स्थापित अन्य मूर्तियों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की, बल्कि प्राचानीकाल की दोनों मूर्तियों को ही चोरी किया।
मंदिर में नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
जयंती देवी मंदिर जिला प्रशासन की देखरेख में चलता है और मंदिर का पूरा लेखाजोखा भी प्रशासन की देखरेख में होता है। मंदिर सीमित का चेयरमैन जींद एसडीएम होते हैं। लेकिन प्रशासन की देखरेख में मंदिर चलने के बावजूद भी आज तक मंदिर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए है।
जबकि प्रशासन लगातार शहर के दुकानदारों और व्यवसायियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दे रहा है, लेकिन खुद के अंतर्गत आने वाले मंदिर में आज तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए है। एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने तुरंत ही मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए है।
संग्रहालय की सुरक्षा पर सवाल
जयंती देवी मंदिर परिसर में ही जिला प्रशासन द्वार संग्रहालय का निर्माण भी किया गया है। संग्रहालय में जींद के इतिहास को संजोया गया है। चोरी की इस घटना से इसकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ गए हैं। संग्रहालय में जींद रियासत और प्राचीन इतिहास को संजोया गया है।
जींद को भारी क्षति
इस बारे में जब राजकीय महिला कालेज के इतिहास के प्राध्यापक बीबी कौशिक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह जींद को काफी बड़ी क्षति है। प्रशासन को यहां की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिएं। यहां काले पत्थर की मूर्ति करीब 12वीं शताब्दी और पीतल की मूर्ति चौथी या पांचवीं शताब्दी की रही है।
संग्रहालय की हो सुरक्षा
पूरे प्रकरण में संग्रहालय की चिंता सामने आ रही है। यहां इतिहास भरा पड़ा है। ऐसे में मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लाए जाएं और पूर्व डीसी अजीत बालाजी जोशी की योजना के अनुरूप इसे लघु सचिवालय में स्थापित किया जाए।
गुलशन भारद्वाज, इतिहासकार
मंदिर से प्राचीनकाल की दो मूर्तियां चोरी हुई है। मूर्ति चोरों का सुराग लगाने के लिए टीमों का गठन किया है। चोरों का जल्द ही सुराग लगा लिया जाएगा।
तेजबीर दहिया, शहर थाना प्रभारी
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एक मूर्ति गुप्त काल की और दूसरी करीब 12वीं शताब्दी की बताई जा रही है। इसी मंदिर के नाम से जींद का नाम पड़ा है।
मंदिर में चोरी की सूचना पाकर एसएसपी अभिषेक जोरवाल मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने मंदिर के पुजारी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शहर के प्राचीन जयंती देवी मंदिर में बुधवार रात को चोर मंदिर के कैंची गेट के ताले को तोड़कर अंदर घुस गए। जहां से चोरों ने काले पत्थर की मां भगवती की मूर्ति तथा पीतल की मां महीषासुर मर्दानी की मूर्ति को चोरी कर लिया।
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इस दौरान चोरों ने मंदिर की दूसरी मूर्तियों पर श्रंगार के सोने व चांदी के जेवरात तथा दानपात्र से हजारों रुपये चोरी कर लिए। मूर्ति चोरी की घटना का पता बृहस्पतिवार सुबह चार बजे लगा जब मंदिर का पुजारी नवीन शस्त्री मंदिर में दरबार सजाने के लिए पहुंचा तो कैची गेट का ताला टूटा हुआ था और अंदर रखी कीमती मूर्ति गायब थी।
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मूर्तियों के ऊपर श्रंगार के लिए लगाए गए कपड़े बाथरूम में पड़े मिले। मंदिर में चोरी की घटना का पता चलते ही भक्त मौके पर पहुंच गए और चोरी की घटना पर रोष जताया।
बाद में सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी तेजबीर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। एसएफएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्यों को जुटाया। पुलिस ने मंदिर के पुजारी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
नवरात्रों में ही स्थापित होती थी मूर्ति
जयंती देवी मंदिर की आसपास के क्षेत्र में काफी मान्यता है और नवरात्रों के समय में मंदिर में काफी भीड़ लगती है। चोरी हुई दोनों मूर्तियों को नवरात्रों के समय मंदिर के दरबार में स्थापित किया जाता था। मूर्तियां प्राचानीकाल की होने के चलते इनको काफी संभाल कर रखा हुआ था।
लेकिन चोरों ने दरबार में स्थापित अन्य मूर्तियों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की, बल्कि प्राचानीकाल की दोनों मूर्तियों को ही चोरी किया।
मंदिर में नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
जयंती देवी मंदिर जिला प्रशासन की देखरेख में चलता है और मंदिर का पूरा लेखाजोखा भी प्रशासन की देखरेख में होता है। मंदिर सीमित का चेयरमैन जींद एसडीएम होते हैं। लेकिन प्रशासन की देखरेख में मंदिर चलने के बावजूद भी आज तक मंदिर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए है।
जबकि प्रशासन लगातार शहर के दुकानदारों और व्यवसायियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दे रहा है, लेकिन खुद के अंतर्गत आने वाले मंदिर में आज तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए है। एसएसपी अभिषेक जोरवाल ने तुरंत ही मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए है।
संग्रहालय की सुरक्षा पर सवाल
जयंती देवी मंदिर परिसर में ही जिला प्रशासन द्वार संग्रहालय का निर्माण भी किया गया है। संग्रहालय में जींद के इतिहास को संजोया गया है। चोरी की इस घटना से इसकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ गए हैं। संग्रहालय में जींद रियासत और प्राचीन इतिहास को संजोया गया है।
जींद को भारी क्षति
इस बारे में जब राजकीय महिला कालेज के इतिहास के प्राध्यापक बीबी कौशिक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह जींद को काफी बड़ी क्षति है। प्रशासन को यहां की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिएं। यहां काले पत्थर की मूर्ति करीब 12वीं शताब्दी और पीतल की मूर्ति चौथी या पांचवीं शताब्दी की रही है।
संग्रहालय की हो सुरक्षा
पूरे प्रकरण में संग्रहालय की चिंता सामने आ रही है। यहां इतिहास भरा पड़ा है। ऐसे में मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लाए जाएं और पूर्व डीसी अजीत बालाजी जोशी की योजना के अनुरूप इसे लघु सचिवालय में स्थापित किया जाए।
गुलशन भारद्वाज, इतिहासकार
मंदिर से प्राचीनकाल की दो मूर्तियां चोरी हुई है। मूर्ति चोरों का सुराग लगाने के लिए टीमों का गठन किया है। चोरों का जल्द ही सुराग लगा लिया जाएगा।
तेजबीर दहिया, शहर थाना प्रभारी