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जींद: धार्मिक स्थल में पकड़ी अफीम की खेती, 1540 किलोग्राम पौधे जब्त, जिले में नौ दिन में तीसरा मामला

Sun, 20 Mar 2022 11:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 20 Mar 2022 11:14 PM IST
सार

नौ दिन में पुलिस ने तीन जगह छापा मारकर खेती पकड़ी। पीपलथा में गेहूं की मेढ़ तो सफीदों व कुचराना खुर्द में क्यारियों में पौधे लगाए गए थे।

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Opium cultivation caught in Jind of Haryana
अफीम के लगाए गए पौधे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के जींद जिले में अफीम की खेती करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार को सफीदों में एक धार्मिक स्थल में अफीम की खेती पकड़ी गई। इससे नौ दिन पहले नरवाना के पीपलथा, अलेवा थाना के कुचराना खुर्द में अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ था। जिला पुलिस अब जगह-जगह छापा मारकर अफीम की खेती करने वालों की धरपकड़ कर रही है।

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जींद डिटेक्टिव स्टाफ की टीम को शनिवार देर शाम को सफीदों के हांसी ब्रांच नहर के पास एक धार्मिक स्थल में अफीम की खेती की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस कृषि विभाग मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ विकास गुप्ता के साथ वहां पहुंची। जब टीम ने हांसी ब्रांच नहर सफीदों की उत्तर दिशा की पटड़ी के साथ बने धार्मिक स्थल में छापा मारा तो परिसर में काफी बड़ी क्यारी में अफीम की खेती हो रही थी।
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पौधों पर डोडे लगे हुए मिले, लेकिन वहां धार्मिक स्थल का कोई व्यक्ति या संचालक नहीं मिला। इस पर टीम ने सभी पौधों को कटवाकर उनका वजन करवाया तो 1540 किलोग्राम हुआ। डिटेक्टिव टीम ने आसपास के लोगों को बुलाकर अफीम उगाने वाले के बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई कुछ नहीं बता पाया। फिलहाल पुलिस ने अफीम उगाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।  
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धार्मिक स्थल की देखरेख करने वाले की हो 28 फरवरी को हो चुकी है मौत
पुलिस के मुताबिक धार्मिंक स्थल की देखरेख करने वाली त्रिलोक सिंह यहां 50 साल से रहते थे, लेकिन 28 फरवरी को उनकी मौत हो गई। इसलिए यह अफीम के पौधे किसने उगाए, इसकी जानकारी फिलहाल पुलिस को नहीं लगी। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

धार्मिक स्थल में कार्यरत सेवादार कश्मीर सिंह ने कहा कि त्रिलोक सिंह काफी समय से धार्मिक स्थल में अफीम उगाता था। उसकी आज तक किसी ने शिकायत नहीं की थी। इसलिए पुलिस को पता नहीं चला। 28 फरवरी को उसकी मौत हो गई। अब किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी है। मुझे भी अभी कुछ दिन पहले ही इसके बारे में पता चला।


पुलिस हुई अलर्ट

जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अफीम की खेती करने वालों को रोकने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। पुलिस की सतर्कता के चलते ही नौ दिन में तीन जगह पुलिस टीम ने अफीम की खेती पकड़ी। लोगों से आग्रह है कि यदि उन्हें भी इस तरह की खेती के बारे में जानकारी मिले तो वह भी पुलिस को सूचित कर करें, ताकि नशीले पौधों की खेती से जिले में पनपने वाले नशे को रोका जा सके। - जितेंद्र खटकड़ डीएसपी हेड क्वार्टर जींद।

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