फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Kisan Andolan: Shubhakaran death case; Investigation committee reached Jind

Kisan Andolan: शुभकरण मौत मामला; जांच कमेटी को बताया गवाहों पर दबाव बना रही पुलिस, अब चंडीगढ़ में होगी सुनवाई

Thu, 18 Apr 2024 10:28 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद/नरवाना (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद/नरवाना (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 18 Apr 2024 10:28 PM IST
सार

जींद के हरियल रेस्ट हाउस पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने तीन घंटे तक बातचीत की। मामले में अब 6 मई को चंडीगढ़ में सुनवाई होगी। 

विज्ञापन
Kisan Andolan: Shubhakaran death case; Investigation committee reached Jind
जांच कमेटी से बातचीत कर बाहर आते बलबीर सिंह राजेवाल व अन्य किसान नेता। - फोटो : संवाद

विस्तार

किसान आंदोलन के दौरान पंजाब हरियाणा सीमा दाता सिंह वाला बॉर्डर पर पंजाब के युवा शुभकरण सिंह की मौत के मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्य कमेटी वीरवार को हरियल रेस्ट हाउस पहुंची। इस कमेटी में हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस जयश्री ठाकुर, हरियाणा के एडीजीपी अमिताभ सिंह ढिल्लों व पंजाब के एडीजीपी प्रमोद शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों और किसानों से करीब 3 घंटे तक बातचीत की।

विज्ञापन


अधिकारियों और किसानों से बातचीत के बाद जांच टीम ने हरियाणा-पंजाब के दाता सिंह वाला बॉर्डर के दोनों तरफ की जगह का मुआयना किया। वहीं इस दौरान भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल वकीलों और 15 सदस्यीय कमेटी के साथ नरवाना के हरियल रेस्ट हाउस में जांच कमेटी अधिकारियों से मिले। बातचीत चलने तक हरियल रेस्ट हाउस में काफी संख्या में पंजाब और हरियाणा पुलिसबल मौजूद रहा।
विज्ञापन


राजेवाल ने हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त जज जयश्री ठाकुर के सामने हरियाणा पुलिस पर गवाहों पर गिरफ्तारी का दबाव डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि सुनवाई हरियाणा में न होकर पंजाब व चंडीगढ़ में की जाए। इस पर जांच कमेटी ने किसानों की बात मानते हुए अगली सुनवाई 6 मई को चंडीगढ़ के किसान भवन में बुलाई है। इस अवसर पर डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी सुमित कुमार भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच कमेटी सदस्यों के आने के बाद रेस्ट हाउस में तैनात हरियाणा और पंजाब पुलिस बल। 
गौरतलब है कि फरवरी में हुए किसान आंदोलन के दौरान जींद जिले के दाता सिंहवाला बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच सीधा टकराव हुआ था, जिसमें पुलिस को वाटर कैनन तथा रबर बुलेट चलानी पड़ी थी। 21 फरवरी को पंजाब के शुभकरण की मौत हो गई थी, जिसके शव का पोस्टमॉर्टम पटियाला के अस्पताल में करवाया गया था।


इस मामले में सात दिन बाद पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। किसान संगठनों ने आरोप लगाया था कि शुभकरण सिंह की मौत हरियाणा पुलिस की गोली लगने से हुई है। पुलिस ने यह मानने से मना किया था, लेकिन संगरूर के डीसी ने कहा था कि शुभकरण सिंह की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है। बाद में जांच के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने किसान शुभकरण सिंह की मौत के मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।

गिरफ्तारी के डर से रेस्ट हाउस नहीं आए गवाह
भारतीय किसान यूनियन के पंजाब अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि 6 मई को चंडीगढ़ के किसान भवन में गवाहों के साथ अगली बैठक होगी। आरोप है कि गवाहों पर हरियाणा पुलिस दबाव बना रही है और उन्हें गिरफ्तार करने की फिराक में है। इसी डर से गवाह रेस्ट हाउस में नहीं आए, इसलिए उन्होंने मांग रखी थी कि सुनवाई चंडीगढ़ में होनी चाहिए, जिसे जांच कमेटी ने मान लिया है। 6 मई को 30 घायलों और मृतक शुभकरण के परिजनों को भी पेश किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed