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आतंक का पर्याय बना बदमाश कड़वा काबू
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:54 AM IST
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पुलिस टीम के साथ पकड़ा गया आरोपी कड़वा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव दालमवाला में आतंक का पर्याय बने बदमाश कड़वा उर्फ पुनीत को पुलिस ने पिंडारा गांव के निकट से काबू कर लिया। पुलिस ने जब उसे काबू किया उसके पास से एक 315 बोर का पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। आरोपी के पकड़े जाने के बाद स्कूल स्टाफ और पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस जांच में सामने आया कि कड़वा पर इससे पहले रोहतक, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, हांसी में लूट, डकैती, मर्डर के लगभग आठ मामले दर्ज है और दो संगीन मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने उसे छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि 11 सितंबर को प्राचार्य को धमकी देने के बाद से आरोपी कड़वा ने लोकेशन बदल लिया। इस दौरान वह मुढ़ाल, बहादुरगढ़ क्षेत्र में घूमता रहा।
कड़वा सुबह गांव में पहुंचकर स्कूल और गांव में हथियार लहराकर दहशत फैला देता और उसके बाद दिल्लूवाला के खेतों में जाकर छुप जाता। पूछताछ में आरोपी कड़वा ने खुलासा किया कि वह हार्ड कोर बदमाश बन अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता है। अपराध की दुनिया में उसने नाबालिग अवस्था में ही पांव रख लिए थे। उसने दादरी क्षेत्र में हत्या और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दिया, लेकिन वहां से नाबालिग होने का फायदा मिल गया। उसके बाद से वह मुढ़ाल और बहादुरगढ़ क्षेत्र में शातिर बदमाशों के साथ मिलकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। लगभग दो वर्ष पहले वह 11वीं कक्षा में दालमवाला स्कूल में पढ़ता था, इसी के चलते उसने स्कूल के प्राचार्य से 11 सितंबर को फोन करके एक लाख रुपये की रंगदारी देने की धमकी दी। जब प्राचार्य ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी तो वह पिस्तौल से लैस होकर स्कूल में पहुंच गया। जहां पर प्राचार्य नहीं मिलने पर पिस्तौल लहराकर दहशत फैला दी। इसके बाद 19 सितंबर को फिर से दो पिस्तौलों के लैस होकर स्कूल में पहुंचा और फिर से स्कूल में दहशत फैलाई।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। मंगलवार को अपराध शाखा पुलिस की टीम ने गांव पिंडारा के निकट से काबू कर लिया। पुलिस को आशंका है कि रिमांड के दौरान आरोपी से दूसरे हथियार बरामद कर सकते है। इसके अलावा अपराध की दुनिया में उसका सहयोग करने वाले लोगों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। पैसा इकट्ठा करने के लिए प्राचार्य को दी धमकी एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि आरोपी कड़वा ने खुलासा किया कि प्राचार्य से पैसे लेने के लिए धमकी दी थी। वह पैसे इकट्ठा करना ही उसका मकसद था। अपराधी गतिविधियों को अंजाम देने के बाद कड़वा से अधिकतर समय भिवानी जिले के मुढ़ाल और बहादुरगढ़ में बीतता था। वहां आपराधिक गतिविधियों में शामिल अन्य साथी भी रहते हैं। पुलिस उनके बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी पर दर्ज है आठ मामले, दो मामलों में वांछित एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि कड़वा के खिलाफ जींद शहर के साथ रोहतक, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, हांसी में भी मामले दर्ज हैं।
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कड़वा के खिलाफ पहला मामला दर्ज 27 अगस्त 2013 को सदर भिवानी में मर्डर और धमकी देने का मामला दर्ज हैं। इसके साथ ही सात अक्तूबर 2014 को सदर रोहतक में डकैती, लूट का मामला दर्ज हैं। 11 जून 2015 को शस्त्र अधिनियम के तहत हांसी में मामला दर्ज हैं। 29 सितंबर 2015 को सदर जींद गांव दालमवाला में परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड नरेश कुमार पर नकल करने से रोकने पर उस पर पिस्तौल तानकर जान से मारने, धमकी देने व काम में बाधा डालने का मामला दर्ज है। इस मामले में कड़वा सहित उसके साथी दालमवाला गांव निवासी शमशेर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन उसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा हो गया था। 11 सितंबर को दालमवाला गांव के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य को भी धमकी देकर रंगदारी मांगने का मामला हैं। इसके अलावा दो अक्टूबर को शहर थाना दादरी में अवैध पिस्तौल रखने का भी मामला दर्ज हैं।
साथ ही कड़वा दो मुकदमों में वांटेड भी बना है। इसमें 27 अगस्त 2016 को शहर थाना दादरी में फौगाट खाप के प्रधान बॉबी फौगाट को गोली मारने का मामला दर्ज हैं। इतना ही नहीं लगभग 10 दिन पहले भिवानी जिले के बौंद गांव में एक फौजी नामक व्यक्ति पर गोली चलाने का भी मामला दर्ज हुआ हैं। दूसरी वारदातों का होगा खुलासा एसएसपी शशांक आनंद ने कहा कि आरोपी को छह दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से दूसरी आपराधिक मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
कड़वा सुबह गांव में पहुंचकर स्कूल और गांव में हथियार लहराकर दहशत फैला देता और उसके बाद दिल्लूवाला के खेतों में जाकर छुप जाता। पूछताछ में आरोपी कड़वा ने खुलासा किया कि वह हार्ड कोर बदमाश बन अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता है। अपराध की दुनिया में उसने नाबालिग अवस्था में ही पांव रख लिए थे। उसने दादरी क्षेत्र में हत्या और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दिया, लेकिन वहां से नाबालिग होने का फायदा मिल गया। उसके बाद से वह मुढ़ाल और बहादुरगढ़ क्षेत्र में शातिर बदमाशों के साथ मिलकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। लगभग दो वर्ष पहले वह 11वीं कक्षा में दालमवाला स्कूल में पढ़ता था, इसी के चलते उसने स्कूल के प्राचार्य से 11 सितंबर को फोन करके एक लाख रुपये की रंगदारी देने की धमकी दी। जब प्राचार्य ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी तो वह पिस्तौल से लैस होकर स्कूल में पहुंच गया। जहां पर प्राचार्य नहीं मिलने पर पिस्तौल लहराकर दहशत फैला दी। इसके बाद 19 सितंबर को फिर से दो पिस्तौलों के लैस होकर स्कूल में पहुंचा और फिर से स्कूल में दहशत फैलाई।
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इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। मंगलवार को अपराध शाखा पुलिस की टीम ने गांव पिंडारा के निकट से काबू कर लिया। पुलिस को आशंका है कि रिमांड के दौरान आरोपी से दूसरे हथियार बरामद कर सकते है। इसके अलावा अपराध की दुनिया में उसका सहयोग करने वाले लोगों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। पैसा इकट्ठा करने के लिए प्राचार्य को दी धमकी एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि आरोपी कड़वा ने खुलासा किया कि प्राचार्य से पैसे लेने के लिए धमकी दी थी। वह पैसे इकट्ठा करना ही उसका मकसद था। अपराधी गतिविधियों को अंजाम देने के बाद कड़वा से अधिकतर समय भिवानी जिले के मुढ़ाल और बहादुरगढ़ में बीतता था। वहां आपराधिक गतिविधियों में शामिल अन्य साथी भी रहते हैं। पुलिस उनके बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी पर दर्ज है आठ मामले, दो मामलों में वांछित एसएसपी शशांक आनंद ने बताया कि कड़वा के खिलाफ जींद शहर के साथ रोहतक, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, हांसी में भी मामले दर्ज हैं।
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कड़वा के खिलाफ पहला मामला दर्ज 27 अगस्त 2013 को सदर भिवानी में मर्डर और धमकी देने का मामला दर्ज हैं। इसके साथ ही सात अक्तूबर 2014 को सदर रोहतक में डकैती, लूट का मामला दर्ज हैं। 11 जून 2015 को शस्त्र अधिनियम के तहत हांसी में मामला दर्ज हैं। 29 सितंबर 2015 को सदर जींद गांव दालमवाला में परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड नरेश कुमार पर नकल करने से रोकने पर उस पर पिस्तौल तानकर जान से मारने, धमकी देने व काम में बाधा डालने का मामला दर्ज है। इस मामले में कड़वा सहित उसके साथी दालमवाला गांव निवासी शमशेर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन उसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा हो गया था। 11 सितंबर को दालमवाला गांव के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य को भी धमकी देकर रंगदारी मांगने का मामला हैं। इसके अलावा दो अक्टूबर को शहर थाना दादरी में अवैध पिस्तौल रखने का भी मामला दर्ज हैं।
साथ ही कड़वा दो मुकदमों में वांटेड भी बना है। इसमें 27 अगस्त 2016 को शहर थाना दादरी में फौगाट खाप के प्रधान बॉबी फौगाट को गोली मारने का मामला दर्ज हैं। इतना ही नहीं लगभग 10 दिन पहले भिवानी जिले के बौंद गांव में एक फौजी नामक व्यक्ति पर गोली चलाने का भी मामला दर्ज हुआ हैं। दूसरी वारदातों का होगा खुलासा एसएसपी शशांक आनंद ने कहा कि आरोपी को छह दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से दूसरी आपराधिक मामलों का भी खुलासा हो सकता है।