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कंपनी में फंसे पैसे निकालने का झांसा देकर पौने छह लाख हड़पे
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Sun, 19 Feb 2017 11:59 PM IST
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इंश्योरेंस कंपनी में निवेश किए गए पैसे को निकालने का झांसा देकर एक व्यक्ति से पांच लाख 82 हजार 555 रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अर्बन एस्टेट निवासी सत्यनारायण शोनक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 31 मार्च 2008 को रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की शेयर मार्केट पर आधारित पॉलिसी 60 हजार रुपये में खरीदी थी।
एजेंट ने उसे दौरान बताया कि वह तीन साल के बाद कभी भी इस राशि को निकाल सकता है और इससे उनको अच्छा मुनाफा होगा। जब उसने 2014 में शेयर मार्केट ऊपर जाने पर कंपनी से पॉलिसी की राशि की डिमांड की तो उन्होंने 34 हजार 834 रुपये ही दिए। इतनी कम राशि मिलने पर उसने आईआरडीए को लिखित में शिकायत दी। उसके कुछ ही दिनों के बाद एसके धवन, मल्होत्रा और अलोक श्रीवास्तव के फोन आने लगे। उन्होंने बताया कि वह आईआरडीए के अधिकारी है और उनकी पॉलिसी के लगभग 15 लाख 57 हजार 432 रुपये की राशि दिलवाने की बात कही।
इसके लिए उन्होंने पॉलिसी का टैक्स के तौर पर 10 प्रतिशत राशि देने की बात कही। इस दौरान उसने उनके बताए खाते में पांच लाख 82 हजार 555 रुपये की राशि जमा करवा दी। लेकिन राशि जमा करवाने की बाद जिन नंबरों से संपर्क होता था वह बंद आने लगे। जब इसके लिए आईआरडीए के कार्यालय में पहुंचे। वहां बताया कि इन नामों के कोई अधिकारी नहीं है और उनको धोखे में रखकर राशि को हड़पा गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईआरडीए के तथाकथित अधिकारी एसके धवन, मल्होत्रा व आलोक श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एजेंट ने उसे दौरान बताया कि वह तीन साल के बाद कभी भी इस राशि को निकाल सकता है और इससे उनको अच्छा मुनाफा होगा। जब उसने 2014 में शेयर मार्केट ऊपर जाने पर कंपनी से पॉलिसी की राशि की डिमांड की तो उन्होंने 34 हजार 834 रुपये ही दिए। इतनी कम राशि मिलने पर उसने आईआरडीए को लिखित में शिकायत दी। उसके कुछ ही दिनों के बाद एसके धवन, मल्होत्रा और अलोक श्रीवास्तव के फोन आने लगे। उन्होंने बताया कि वह आईआरडीए के अधिकारी है और उनकी पॉलिसी के लगभग 15 लाख 57 हजार 432 रुपये की राशि दिलवाने की बात कही।
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इसके लिए उन्होंने पॉलिसी का टैक्स के तौर पर 10 प्रतिशत राशि देने की बात कही। इस दौरान उसने उनके बताए खाते में पांच लाख 82 हजार 555 रुपये की राशि जमा करवा दी। लेकिन राशि जमा करवाने की बाद जिन नंबरों से संपर्क होता था वह बंद आने लगे। जब इसके लिए आईआरडीए के कार्यालय में पहुंचे। वहां बताया कि इन नामों के कोई अधिकारी नहीं है और उनको धोखे में रखकर राशि को हड़पा गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईआरडीए के तथाकथित अधिकारी एसके धवन, मल्होत्रा व आलोक श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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