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Crime: कहीं आपने तो नहीं करवाई आरडी और एफडी, हरियाणा में हुआ खेल, 15 लोगों के 86 लाख डूबे
Mon, 14 Apr 2025 05:58 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना (हरियाणा)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 14 Apr 2025 05:58 PM IST
सार
हरियाणा में आरडी और एफडी के नाम पर लोगों के साथ धोखा हुआ है। जींद के जुलाना में 15 लोगों के 86 लाख रुपये लेकर सोसाइटी के अधिकारी फरार हो गए हैं।
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पुलिस ने सेंटर संचालक को गिरफ्तार किया है।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के जींद में लाखों रुपये का हेरफेर हुआ है। 15 लोगों से 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जुलाना कस्बे में आरडी और एफडी के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस की एसआईटी लगातार दूसरे दिन जांच के दौरान सेंटर संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोनीपत जिले के छपरा गांव निवासी जसबीर की गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे होने की संभावना है। इस मामले में जो भी शामिल पाया जाएगा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार करेगी और जांच में शामिल करेगी।
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22 मार्च को पुलिस ने एक एजेंट की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। एसआई पवन कुमार के नेतृत्व में टीम जुलाना पहुंची और आरडी एफडी के नाम पर जिन लोगों ने निवेश किया था उनके बयान दर्ज किए।
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सोनीपत जिले के छपरा गांव निवासी जसवीर ने पुलिस को बताया कि वह ह्यूमैन वेल्फेयर क्रेडिट कॉओपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में एजेंट के रूप में काम करता था। जसवीर ने आरोप लगाया कि सोसाइटी ने जनता को वित्तीय योजनाओं के माध्यम से धोखा देने का गंभीर अपराध किया है।
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सोसाइटी के मालिक और अधिकारी लगातार निवेशकों और एजेंट्स को यह विश्वास दिलाते रहे कि उनका मॉडल मजबूत और पारदर्शी है। इस दौरान, सोसाइटी ने अपनी वास्तविक मंशा को छिपाते हुए धोखाधड़ी के लिए एक ठोस आधार तैयार किया। 2023 में सोसाइटी के कामकाज में गंभीर समस्याएं आनी शुरू हुईं। पहले एजेंट्स के इंसेंटिव रोक दिए गए। निवेशकों की परिपक्यता राशि का भुगतान भी बाधित होने लगा। सोसाइटी के अधिकारी "सिस्टम अपग्रेडेशन" का बहाना बनाकर देरी को जायज ठहराने की कोशिश करते रहे। निवेशकों और एजेंट्स ने जब इन समस्याओं को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें झूठे आश्वासन दिए गए। धीरे-धीरे, सोसाइटी के मालिकों ने सभी संपर्क समाप्त कर दिए और निवेशकों को उनकी मेहनत की कमाई वापस नहीं मिली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सोसाइटी व उसके के सीएमडी समीर अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बॉलीवुड एक्टर श्रेयस तलपड़े और आलोकनाथ भी आरोपी
जुलाना में खोले गए सोसाइटी के केंद्र के एजेंट जसवीर ने बताया कि सोसाइटी के प्रचार के लिए बॉलीवुड एक्टर तलपड़े और आलोकनाथ को ब्रांड एंबेसेडर बनाया गया था। इसके अलावा दुबई और मुंबई के कई बड़े नाम भी आरोपियों में शामिल हैं।
अभी तक 86 लाख 36 हजार हड़पने का मामला आया सामने, राशि हो सकती है करोड़ों में
जुलाना के नत्थूराम मार्केट में सेंटर खोला गया था। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में केवल 15 निवेशकों द्वारा निवेश की गई राशि का जिक्र है, जबकि सेंटर पर सैकड़ों एजेंट हजारों निवेशकों की राशि को जमा करवाते थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब 15 निवेशकों के 86 लाख 36 हजार रुपये जमा हैं तो हजारों लोगों के कितने होंगे।
मैच्योरिटी नहीं मिलने पर सीपी ने किया था हंगामा
जुलाना में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कॉ ऑपरेटिव सोसाइटी के नाम से कार्यालय लगभग 8 साल से चलाया जा रहा था। सोसाईटी एफडी और आरडी के नाम पर बाजार में सीपी निवेशकों से रूपये जमा करवाते थे। सोसाईटी के एजेंट सोनू ने बताया कि उसने लगभग 500 लोगों का सोसाइटी में निवेश करवाया है। ऐसे में लगभग करोड़ों रूपये उसके उपभोक्ताओं के सोसाइटी में जमा है। इसके अलावा काफी लोग स्वयं भी कार्यालय में जमा करवाते थे। सोसाइटी के शुरुआती दिनों में समय पर लेनदेन होता रहा है। ऐसे में निवेशकों का भरोसा सोसाइटी पर हो गया और लोग काफी संख्या में निवेश करने लगे। सोसाइटी में लोगों ने करोड़ो रुपये निवेश कर दिए। तीन माह बीत जाने के बावजूद सोसाइटी ने लोगों की समयावधि पूरी होने पर भी रुपये नहीं दिए जा रहे थे तो सीपी ने कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया तो वहां से एजेंट और कार्यालय स्टाफ भाग गए। पुलिस ने जांच के दौरान जब बुलाया तो 10 दिन में मैच्योरिटी देने की बात सहमति बन गई। कुछ दिन बाद कार्यालय को बंद कर दिया गया।