{"_id":"62c6faabb21da11869620ad4","slug":"cm-flying-busted-an-unlicensed-medicine-factory-in-jind","type":"story","status":"publish","title_hn":"भंडाफोड़: प्राइवेट स्कूल परिसर में चल रही थी बिना लाइसेंस के दवाई बनाने वाली फैक्टरी, सीएम फ्लाइंग ने की कार्रवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
भंडाफोड़: प्राइवेट स्कूल परिसर में चल रही थी बिना लाइसेंस के दवाई बनाने वाली फैक्टरी, सीएम फ्लाइंग ने की कार्रवाई
Thu, 07 Jul 2022 08:54 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 07 Jul 2022 08:54 PM IST
सार
डेढ़ क्विंटल दवाइयां व पाउडर बरामद किया गया है। पुलिस ने फैक्टरी को सील कर दिया है। स्कूल संचालक व फैक्टरी संचालक दोनों पुलिस हिरासत में हैं।
विज्ञापन
फैक्टरी में मशीनों द्वारा बनाए गए कैप्सूल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के जींद में सीएम फ्लाईंग ने एक निजी स्कूल में चल रही दवाइयां बनाने की एक फैक्टरी को पकड़ा है। बिना किसी लाइसेंस के यह फैक्टरी चल रही थी। टीम ने मौके से डेढ़ क्विंटल दवाइयां व दवाई बनाने का पाउडर बरामद किया है। इसके अलावा यहां चल रही ऑटोमेटिक मशीन को भी सील किया है। पुलिस ने यहां से स्कूल संचालक व फैक्टरी मालिक को हिरासत में लिया है। टीम फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि नागरिक अस्पताल के पीछे श्योराण कॉलोनी में स्थित एक निजी स्कूल में बिना लाइसेंस के दवाई बनाने की फैक्टरी चल रही है। शाम करीब चार बजे सीएम फ्लाइंग के डीएसपी रविंद्र कुमार ने जिला ड्रग कंट्रोलर विजय राजे, बिजली निगम के एसडीओ कृष्ण कुमार तथा सिविल लाइन थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार को साथ लेकर स्कूल में दबिश दी।
विज्ञापन
टीम को यहां स्कूल परिसर की दीवार के साथ शैड लगाकर दवाई बनाने का काम चलता मिला। यहां पर एक ऑटोमेटिक मशीन चल रही थी, जो कैप्सूल में दवाई डालकर उसको पैक कर रही थी। टीम को यहां से डेढ़ क्विंटल दवाइयां व दवाई बनाने का पाउडर मिला। स्कूल संचालक गौरव ने हाउसिंग बोर्ड निवासी रवि को यह जगह किराए पर दी हुई थी।
विज्ञापन
टीम ने जब फैक्टरी संचालक से दवाई बनाने संबंधी लाइसेंस व अन्य कागजात मांगे तो वह कुछ नहीं दिखा सका। ड्रग कंट्रोलर विजय राजे ने फैक्टरी को सील कर दिया तथा दवाइयों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने इस संबंध में गौरव तथा रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।