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ठंड के कारण बेसहारा व्यक्ति की मौत

Thu, 17 Jan 2019 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jan 2019 12:51 AM IST
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ठंड के कारण बेसहारा व्यक्ति की मौत
ठंड लगने से व्यक्ति की मौत, बेसहारों को ठहराने की नहीं स्थायी व्यवस्था
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। स्थानीय गांव रोहड़ के बस अड्डे पर मंगलवार रात्रि ठं लगने से 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गी। मामले की सूचना पुलिस को मिलते ही वह मौके पर पहुंची और शव अपने कब्जे में लेकर शनाख्त के लिए सफीदों के नागरिक अस्पताल में रखवा दिया। मरने वाले व्यक्ति के पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिलने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी।
रोहड़ गांव के सरपंच प्रीतम सिंह के अनुसार उक्त व्यक्ति अपना नाम जोगिंद्र बताता था, और लोगों से खाना मांगकर खाकर इधर-उधर शो जाता था। पूछे जाने पर उसने अपने गांव का नाम रामपुरा बताता था, लेकिन सफीदों पुलिस ने रामपुरा में भी मृतक व्यक्ति की शिनाख्त करवाने की कोशिश की, पर पहचान नहीं हो सकी। सफीदों में ठंड के कारण यह कोई पहली मौत नहीं है। दो महीने पहले रेलवे स्टेशन के पास एक कबाड़ चुगकर जीवनयापन करने वाले कृष्ण बाल्मीकि की मौत हो गई थी।
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सफीदो रेलवे स्टेशन पर रहने वाले कृष्ण के साथी राजकुमार से बात की गई तो उसने बताया कि वह पिछले दो साल से रेलवे स्टेशन व इसके आसपास रहता है। उसने बताया कि वह तलोड़ा गांव का रहने वाला है। पत्नी की मौत के बाद उसका कोई सहारा नहीं रहा था। उस रात वह कृष्ण के साथ ही एक बड़ के पेड़ के नीचे सो रहा था कि अचानक कृष्ण ने ठंड अधिक लगने की बात कही। जिसकी सुबह अचालक मौत हो गई।
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बेसहारा लोगों के ठहरने के लिए हर शहर में रैन बसेरे की व्यवस्था होती है मगर सफीदों में कोई स्थायी रैन बसेरा नहीं है। इसे लेकर इस साल नगर पालिका ने दो धर्मशालाओं को अस्थायी रूप से रैन बसेरा बनाया है। मगर उसमें रहने के लिए कोई नहीं जाता। इस मामले में जब नपा के प्रधान सेवाराम सैनी ने बात की गई तो उन्होंने बताया कि सफीदों में अग्रवाल और जाट धर्मशाला को इस वर्ष अस्थायी रैन बसेरा घोषित किया गया है, लेकिन अधिकतर व्यक्ति धर्मशालाओं में रहना पसंद ही नहीं करते, क्योंकि उनके में अधिकतर शराब के आदी होते हैं। वे धर्मशाला में शराब का सेवन नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि जो भी ठहराता है तो उसका खर्च भी नगरपालिका धर्मशाला मेें देती है।

जाट धर्मशाला के मैनेजर प्रताप सिंह व कोषाध्यक्ष सुभाष कुंडू ने कहा कि फिलहाल धर्मशाला में कोई व्यक्ति नहीं है। अगर कोई आता है तो उसे ठहरने के लिए जगह भी दी जाती है। लेकिन इस साल नगरपालिका द्वारा एक भी व्यक्ति धर्मशाला में नहीं लाया गया। पिछले साल दर्जनभर लोग आए थे।
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