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पिता व भाई की प्रताडना से तंगआकर घर से भागी पश्चिम बंगाल की किशोरी पहुंची जींद

Fri, 31 Aug 2018 12:18 AM IST
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:18 AM IST
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पिता व भाई की प्रताडना से तंगआकर घर से भागी पश्चिम बंगाल की किशोरी पहुंची जींद
पिता और भाई की पिटाई से तंग होकर घर से भागी पश्चिम बंगाल की किशोरी पहुंची जींद
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पश्चिमी बंगाल निवासी 15 वर्षीय नाबालिग अपने भाई और पिता की मारपीट से तंग होकर घर से भाग गई। किसी तरह दिल्ली पहुंची किशोरी को कुछ लोगों ने अगवा कर लिया और देह व्यापार के धंधे में धकेलने की कोशिश की। किशोरी किसी तरह उनके चंगुल से फरार होकर जींद पहुंच गई। यहां चाइल्ड हेल्पलाइन में किशोरी का नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। शुक्रवार को किशोरी के परिजनों से बातचीत करके आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किशोरी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास रखा गया है।
वीरवार सुबह चाइल्ड हेल्पलाइन के पास पिंडारा गांव से एक पंच का फोन आया कि यहां 15 वर्षीय लड़की घूम रही है। इसके बाद हेल्प लाइन की टीम गांव पिंडारा पहुंची और किशोरी को ले आई। यहां किशोरी की काउंसिलिंग की गई। इसके बाद किशोरी का मेडिकल करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में लाया गया। मेडिकल रिपोर्ट अभी आई नहीं हैं। किशोरी ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि वह पश्चिमी बंगाल की रहने वाली है। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली। उसके पिता व भाई उसके साथ मारपीट करते हैं। इस कारण वह तंग होकर घर से भाग गई और दिल्ली पहुंच गई। यहां उसे एक लड़का व लड़की मिले जो उसे अपने साथ ले गए। इसके बाद दोनों उसे एक महिला के पास ले गए। महिला ने उसे अपने पास चार-पांच दिन रखा।
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किशोरी ने कहा कि उसे बेहोशी की हालत में रखा गया। उसे उसके साथ क्या-क्या हुआ कुछ भी पता नहीं है। यहां एक युवती ने उसे कहा कि यह बहुत ही गंदी जगह है, यहां से तुम निकल जाओ। इसके बाद मौका पाकर वह वहां से फरार हो गई और रेलगाड़ी में बैठकर जींद पहुंच गई। चाइल्ड वेलफेयर हेल्पलाइन ने किशोरी की काउंसिलिंग की और नागरिक अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया।
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शुक्रवार को लिया जाएगा निर्णय
जिला बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन सोम कुमार ने कहा कि फिलहाल किशोरी चाइल्ड हेल्पलाइन के पास है। किशोरी का मेडिकल करवाकर उनके पास लाया जाएगा। इसके बाद किशोरी के परिजनों के बात की जाएगी। यदि किशोरी अपने परिजनों के पास जाना चाहिए तो उसे उनके पास भेज दिया जाएगा अन्यथा उसे करनाल के नारी निकेतन या भिवानी के बाल आश्रम में भेजा जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि बच्ची के साथ कुछ गलत हुआ है या नहीं।
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