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ढाठरथ गांव का दोनों पक्षों का मंदिर से संबंधित विवाद पंचायत में सुलझा
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अनुसूचित जाति के युवकों को मंदिर में प्रवेश से रोकने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। अनुसूचित जाति के युवाओं को ढाठरथ गांव स्थित सत्यनारायण मंदिर में जाने से रोकने के मामले में प्रशासन द्वारा की गई पहल के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। हालांकि पुजारी हरीश ने कहा कि युवकों ने शराब पी रखी थी, जिसके चलते उन्हें मंदिर में जाने से रोका गया था। वहीं युवकों ने शराब पीने से साफ मना किया है। बहरहाल दोनों पक्षों के बीच थाना में समझौता हो गया कि कोई भी व्यक्ति मंदिर में जाकर पूजा कर सकता है।
शुक्रवार को यह मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने दोनों पक्षों को थाना में बुलाया। यहां गांव के सरपंच रामकेश शर्मा सहित समाज के लोग पुजारी हरीश व अनुसूचित जाति के लोग भी पंचायत में शामिल हुए। गौरतलब है कि गांव के तीन युवकों ने मंदिर में प्रवेश करने से रोकने की शिकायत वीरवार को सीएम विंडो और डीसी कार्यालय में दी थी। इसके बाद थाना में हुई पंचायत में आरोपी पक्ष के लोगों ने कहा कि अनुसूचित जाति के युवक मंदिर में पूजा कर सकते हैं, लेकिन शराब का सेवन करके मंदिर में नहीं आएं। पंचायत में सरपंच रामकेश शर्मा, पुजारी हरीश, सुरजा पंडित, जगता, जगदीश, सूबा सैनी, सतन पंडित, रामभज, ज्ञानी राम, तेलूराम, मोहन, ईश्वर, मौजी राम, मदन, प्रेम, रोहतास पहलवान, सत्यवान, प्रेम, सुरेश, जगत राम मौजूद रहे। पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। ब्राह्मण समाज और पंचायत के लोगों ने लिख कर दिया है कि अनुसूचित जाति के लोग नहा धोकर, समय पर व बिना नशा किए हुए मंदिर में आ सकते हैं। मंदिर में कोई रोक नहीं है। वहीं शिकायतकर्ता राहुल, साहिल और ऋषि ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। मंदिर में वह प्रवेश कर सकते हैं।
यह था पूरा मामला
वीरवार को ढाठरथ गांव के अनुसूचित जाति के युवकों ने डीसी कार्यालय और सीएम विंडो पर शिकायत दी थी कि ढाठरथ गांव के सत्यनाराण मंदिर में मौजूद पुजारी ने 12 मार्च को उनको मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था। शुक्रवार को इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद को सुलझा लिया। सरपंच रामकेश शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों का आपसी सहमति से विवाद सुलझ गया हैं। मंदिर में प्रवेश करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। अनुसूचित जाति के युवाओं को ढाठरथ गांव स्थित सत्यनारायण मंदिर में जाने से रोकने के मामले में प्रशासन द्वारा की गई पहल के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। हालांकि पुजारी हरीश ने कहा कि युवकों ने शराब पी रखी थी, जिसके चलते उन्हें मंदिर में जाने से रोका गया था। वहीं युवकों ने शराब पीने से साफ मना किया है। बहरहाल दोनों पक्षों के बीच थाना में समझौता हो गया कि कोई भी व्यक्ति मंदिर में जाकर पूजा कर सकता है।
शुक्रवार को यह मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने दोनों पक्षों को थाना में बुलाया। यहां गांव के सरपंच रामकेश शर्मा सहित समाज के लोग पुजारी हरीश व अनुसूचित जाति के लोग भी पंचायत में शामिल हुए। गौरतलब है कि गांव के तीन युवकों ने मंदिर में प्रवेश करने से रोकने की शिकायत वीरवार को सीएम विंडो और डीसी कार्यालय में दी थी। इसके बाद थाना में हुई पंचायत में आरोपी पक्ष के लोगों ने कहा कि अनुसूचित जाति के युवक मंदिर में पूजा कर सकते हैं, लेकिन शराब का सेवन करके मंदिर में नहीं आएं। पंचायत में सरपंच रामकेश शर्मा, पुजारी हरीश, सुरजा पंडित, जगता, जगदीश, सूबा सैनी, सतन पंडित, रामभज, ज्ञानी राम, तेलूराम, मोहन, ईश्वर, मौजी राम, मदन, प्रेम, रोहतास पहलवान, सत्यवान, प्रेम, सुरेश, जगत राम मौजूद रहे। पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। ब्राह्मण समाज और पंचायत के लोगों ने लिख कर दिया है कि अनुसूचित जाति के लोग नहा धोकर, समय पर व बिना नशा किए हुए मंदिर में आ सकते हैं। मंदिर में कोई रोक नहीं है। वहीं शिकायतकर्ता राहुल, साहिल और ऋषि ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। मंदिर में वह प्रवेश कर सकते हैं।
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यह था पूरा मामला
वीरवार को ढाठरथ गांव के अनुसूचित जाति के युवकों ने डीसी कार्यालय और सीएम विंडो पर शिकायत दी थी कि ढाठरथ गांव के सत्यनाराण मंदिर में मौजूद पुजारी ने 12 मार्च को उनको मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था। शुक्रवार को इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद को सुलझा लिया। सरपंच रामकेश शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों का आपसी सहमति से विवाद सुलझ गया हैं। मंदिर में प्रवेश करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
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