{"_id":"5c75832ebdec22090f3fce75","slug":"61551205166-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिडवाड़ा गांव में 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस ने किया हत्या का केस दर्ज, परिजन बोले बीमार थी युवती","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डिडवाड़ा गांव में 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस ने किया हत्या का केस दर्ज, परिजन बोले बीमार थी युवती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युवती की हत्या के शक में चिता को बुझाकर पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। डिडवाड़ा गांव की रहने वाली 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया, लेकिन देर रात पुलिस को सूचना मिली कि युवती की हत्या की गई है। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जल रही चिता को बुझाया। एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर परिवार के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हुआ है। बता दें कि दो साल पहले दसवीं कक्षा में फेल होने पर युवती ने पढ़ाई छोड़ दी थी।
पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय अंजना की मौत सोमवार सुबह करीब दस बजे हुई थी। इस पर परिजनों ने दोपहर साढ़े तीन बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद किसी ने फोन कर पुलिस को सूचना दी कि लड़की की हत्या की गई है। रात नौ बजे पुलिस श्मशानघाट पहुंची और जल रही चिता को बुझाया। इसके बाद एफएसएल टीम ने चिता से साक्ष्य लिए। इस मौके पर नायब तहसीलदार रामपाल, एएसपी अजीत सिंह शेखावत व कार्यकारी थाना प्रभारी छत्रपाल भी मौजूद रहे। पुलिस ने फिलहाल हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
युवती के घर से भी लिए सैंपल
पुलिस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस ने युवती के घर की भी तलाशी ली है। इस दौरान युवती के कुछ कपड़ों को भी कब्जे में लिया है।
विज्ञापन
मां बोली-पेट में दर्द होने से हुई मौत
लड़की की मां सरोज के अनुसार उसकी बेटी पेट में दर्द होने के कारण सुबह घर में अंदर चारपाई पर सो रही थी। दिन में जब दिखाने के लिए गांव के ही एक डाक्टर को बुलाया तो वह मृत मिली।
पुलिस ने तीन को लिया हिरासत में तो थाना पहुंच ग्रामीण
इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता चांदी राम, ताऊ श्रीनिवास व गांव के एक डॉक्टर को हिरासत में लिया तो गांव के दर्जनभर लोग लड़की के परिजनों के पक्ष में उतर गए। उन्होंने डॉक्टर व परिजन को निर्दोष बताया। गांव के पूर्व सरपंच बलवान शर्मा, पड़ोसी दया सिंह, अनिल, कृष्ण, काला, मंगत राम, रवि ने कहा कि अगर परिजनों ने अपनी लड़की को मारना होता तो वे यह काम रात को करते, लेकिन लड़की की मौत सुबह करीब साढ़े दस बजे के आस-पास हुई और अंतिम संस्कार भी दोपहर बाद किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस अपनी जांच जरूर करें लेकिन किसी भी निर्दोष को परेशान न करे।
रात को पुलिस ने बुझाई चिता
श्मशानघाट में रह रहे हरदीप ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे दो-तीन गाड़ियों में पुलिस श्मशानघाट पहुंचे। उन्होंने पानी डालकर लड़की की जल रही चिता को बुझाया। इसके के बाद उन्होंने करीब आधा घंटे श्मशानघाट में जांच की।
चचेरे भाई ने कहा-पेट में थी पथरी
थाना पहुंचे लड़की के चचेरे भाई सुनील ने बताया कि उसकी बहन के पेट मेें पथरी थी। करीब तीन साल पहले मतलौड़ा से दवाइयां भी दिलवाई थीं। उसने कहा कि पिता श्रीनिवास ने हत्या नहीं की है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। श्मशानघाट से लिए गए साक्ष्य व कुछ हड्डियों को जांच के लिए मधुबन भेज दिया गया है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
अजीत सिंह शेखावत, एएसपी
मेरे पास तो एसडीएम साहब का फोन आया था कि आपको मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। मैं गांव डिडवाड़ा के श्मशानघाट में रात को गया था। पुलिस ने अपनी जांच में शामिल कुछ अंश व साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
रामपाल, नायब तहसीलदार
गांव में पसरा सन्नाटा, जुबान बंद
वहीं इस मामले में गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई अपने-अपने तरीके से घटना को ले रहा है। गांव में हर चौक चौराहे व नुक्कड़ पर सिर्फ इसी घटना की चर्चा है। दिनभर पुलिस गांव के चक्कर लगाती रही। पुलिस ने परिजनों व आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई भी घटना पर पूरी तरह से मुंह खोलने का राजी नहीं है। बहरहाल इस मामले में क्या निकलेगा, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। डिडवाड़ा गांव की रहने वाली 20 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया, लेकिन देर रात पुलिस को सूचना मिली कि युवती की हत्या की गई है। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जल रही चिता को बुझाया। एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर परिवार के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हुआ है। बता दें कि दो साल पहले दसवीं कक्षा में फेल होने पर युवती ने पढ़ाई छोड़ दी थी।
पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय अंजना की मौत सोमवार सुबह करीब दस बजे हुई थी। इस पर परिजनों ने दोपहर साढ़े तीन बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद किसी ने फोन कर पुलिस को सूचना दी कि लड़की की हत्या की गई है। रात नौ बजे पुलिस श्मशानघाट पहुंची और जल रही चिता को बुझाया। इसके बाद एफएसएल टीम ने चिता से साक्ष्य लिए। इस मौके पर नायब तहसीलदार रामपाल, एएसपी अजीत सिंह शेखावत व कार्यकारी थाना प्रभारी छत्रपाल भी मौजूद रहे। पुलिस ने फिलहाल हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
युवती के घर से भी लिए सैंपल
पुलिस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पुलिस ने युवती के घर की भी तलाशी ली है। इस दौरान युवती के कुछ कपड़ों को भी कब्जे में लिया है।
विज्ञापन
मां बोली-पेट में दर्द होने से हुई मौत
लड़की की मां सरोज के अनुसार उसकी बेटी पेट में दर्द होने के कारण सुबह घर में अंदर चारपाई पर सो रही थी। दिन में जब दिखाने के लिए गांव के ही एक डाक्टर को बुलाया तो वह मृत मिली।
पुलिस ने तीन को लिया हिरासत में तो थाना पहुंच ग्रामीण
इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता चांदी राम, ताऊ श्रीनिवास व गांव के एक डॉक्टर को हिरासत में लिया तो गांव के दर्जनभर लोग लड़की के परिजनों के पक्ष में उतर गए। उन्होंने डॉक्टर व परिजन को निर्दोष बताया। गांव के पूर्व सरपंच बलवान शर्मा, पड़ोसी दया सिंह, अनिल, कृष्ण, काला, मंगत राम, रवि ने कहा कि अगर परिजनों ने अपनी लड़की को मारना होता तो वे यह काम रात को करते, लेकिन लड़की की मौत सुबह करीब साढ़े दस बजे के आस-पास हुई और अंतिम संस्कार भी दोपहर बाद किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस अपनी जांच जरूर करें लेकिन किसी भी निर्दोष को परेशान न करे।
रात को पुलिस ने बुझाई चिता
श्मशानघाट में रह रहे हरदीप ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे दो-तीन गाड़ियों में पुलिस श्मशानघाट पहुंचे। उन्होंने पानी डालकर लड़की की जल रही चिता को बुझाया। इसके के बाद उन्होंने करीब आधा घंटे श्मशानघाट में जांच की।
चचेरे भाई ने कहा-पेट में थी पथरी
थाना पहुंचे लड़की के चचेरे भाई सुनील ने बताया कि उसकी बहन के पेट मेें पथरी थी। करीब तीन साल पहले मतलौड़ा से दवाइयां भी दिलवाई थीं। उसने कहा कि पिता श्रीनिवास ने हत्या नहीं की है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। श्मशानघाट से लिए गए साक्ष्य व कुछ हड्डियों को जांच के लिए मधुबन भेज दिया गया है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
अजीत सिंह शेखावत, एएसपी
मेरे पास तो एसडीएम साहब का फोन आया था कि आपको मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। मैं गांव डिडवाड़ा के श्मशानघाट में रात को गया था। पुलिस ने अपनी जांच में शामिल कुछ अंश व साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
रामपाल, नायब तहसीलदार
गांव में पसरा सन्नाटा, जुबान बंद
वहीं इस मामले में गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई अपने-अपने तरीके से घटना को ले रहा है। गांव में हर चौक चौराहे व नुक्कड़ पर सिर्फ इसी घटना की चर्चा है। दिनभर पुलिस गांव के चक्कर लगाती रही। पुलिस ने परिजनों व आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई भी घटना पर पूरी तरह से मुंह खोलने का राजी नहीं है। बहरहाल इस मामले में क्या निकलेगा, यह पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा।