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शादी समारोह की खुशी में चलाई गोली ने उजाड़ दिया हंसता खेलता परिवार

Thu, 28 Feb 2019 11:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Feb 2019 11:41 PM IST
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शादी समारोह की खुशी में चलाई गोली ने उजाड़ दिया हंसता खेलता परिवार
शादी में चली गोली ने छीन ली लकवाग्रस्त पिता का इकलौता सहारा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शादी समारोह में फायरिंग का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। यह लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ऐसी ही घटना ने गांव दालमवाला में शादी की खुशी में चलाई गई गोली ने गांव के ही एक परिवार को उजाड़ दिया। उसका इकलौता बेटा 14 वर्षीय सुमित गोली का शिकार हो गया। सुमित की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। सुमित के माता-पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा कि उनका सुमित अब इस दुनिया में नहीं है।
दरअसल दालमवाला गांव में जसबीर नामक युवक की शादी थी। बुधवार रात जसबीर की शादी में कई लोग आए थे। खुशी का मौका होने के कारण जसबीर के घर के बाद डीजे बज रहा था। जसबीर के कुछ दोस्त भी शादी में आए हुए थे। सभी डीजे पर नाच-गा रहे थे। पड़ोस में होने के कारण सुमित भी अपने पिता से डीजे देखने की बात कही। वह डीजे देखने चला गया। शाम को साढ़े सात बजे के आसपास किसी व्यक्ति ने गोली हवा में दाग दी जो सुमित को लगी और वह जमीन पर गिर गया। लोग उसे नागरिक अस्पताल लेकर गए मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें यह पता नहीं चला कि सुमित को गोली लगी है। उन्होंने सोचा कि सुमित को कुछ हो गया है, जिसकी वजह से वह गिर गया है। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने बताया कि गोली सुमित के सीने से पार हो गई है।
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घर का इकलौता बेटा था सुमित
सुमित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह गांव के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छठी कक्षा का छात्र था। उसके पिता धर्मबीर का सपना था कि वह अपने बेटे को पढ़ा-लिखाकर कुछ बना सके। इसलिए वह उस पर बहुत ध्यान रखता था। सुमित की एक 15 वर्षीय बहन काजल भी है, जो गांव के ही सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा है।
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चार साल पहले लकवे का शिकार हुआ था धर्मबीर
43 वर्षीय धर्मबीर गांव चांदपुर में एक पेय पदार्थ के गोदाम में गाड़ी चलाने का काम करते थे। चार साल पहले वह लकवे का शिकार हो गए थे। तब से वह चारपाई पर ही हैं। उनसे अब चला नहीं जाता। सुमित की मौत से उन पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। धर्मबीर की एक बेटी काजल है जो नौवीं कक्षा की छात्रा है और वह गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती है। सुमित के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है।
नहीं पता गोली किसने चलाई
धर्मबीर ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि उसे नहीं पता कि गोली किसने चलाई है। शादी में कौन-कौन आए हुए थे। वह घर में ही चारपाई पर था। उसे तो पड़ोस के ही लोगों ने बताया कि उसके बेटे को गोली लग गई है। वह अस्पताल में है। उसने आसपास के लोगों से भी पूछा कि किसने गोली मारी है, लेकिन कोई व्यक्ति गोली चलाने वाले का नाम नहीं बता रहा है।

घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं
धर्मबीर के घर की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। वह केवल अपने पास आधा एकड़ जमीन में ही खेती करके गुजारा कर रहे हैं। चार साल पहले तक धर्मबीर ठीक था तो ड्राइवरी करके अपना गुजर-बसर कर रहा था। अब वह मुश्किल से अपना व अपने बच्चों का पालन-पोषण करता है। अब सुमित की मौत के बाद तो धर्मबीर बिल्कुल टूट गया है।
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