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मखंड गांव के पास वीटा प्लांट में दूध लेकर जा रही गाड़ी को जबरन रोकर सड़क पर फैंका दूध
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:08 AM IST
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उचाना। वीटा प्लांट में दूध देने जा रही पिकअप गाड़ी को मखंड गांव के पास बाइक सवार 10-12 लोगों ने रोक कर इससे दूध के 12 ड्रम सड़क पर फेंक दिए जिनमें करीब 500 लीटर दूध था। इसके बाद आरोपियों ने ईंट मार कर गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। इसके बाद ये लोग फरार हो गए। पुलिस ने गाड़ी चालक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गाड़ी चालक दीपक ने शिकायत दी कि वह विभिन्न गांवों से दूध एकत्रित करके जींद वीटा प्लांट में पहुंचाता है। वीरवार रात करीब साढ़े दस बजे जब वह गांवों से दूध एकत्रित कर मखंड गांव पहुंचा तो यहां पर डेयरी सुपरवाइजर पाला राम उसे मिला। दीपक के अनुसार उसने पालाराम के पास गाड़ी रोक ली। जब गाड़ी रोककर खड़े थे तो चार बाइक पर दस से 12 व्यक्ति आए। इन्होंने आते ही मारपीट करनी शुरू कर दी। गाड़ी से दूध के भरे ड्रम सड़क पर फेंक दिए और भविष्य में यहां दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी।
मंडी चौकी प्रभारी रामफल ने बताया कि अज्ञात 10-12 लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गौरतलब है कि वीटा की सहकारी समितियों की एक सप्ताह हड़ताल चली जोकि वीरवार को समाप्त हो गई है। हड़ताल के चलते समितियों ने वीटा को दूध की सप्लाई बंद कर रखी थी। हालांकि सरकार के साथ बातचीत के बाद दूध की सप्लाई कुछ जगह से शुरू हो गई है, लेकिन जिले में इस प्रकार जबरन दूध को रोकने का यह पहला मामला आया है।
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गाड़ी चालक दीपक ने शिकायत दी कि वह विभिन्न गांवों से दूध एकत्रित करके जींद वीटा प्लांट में पहुंचाता है। वीरवार रात करीब साढ़े दस बजे जब वह गांवों से दूध एकत्रित कर मखंड गांव पहुंचा तो यहां पर डेयरी सुपरवाइजर पाला राम उसे मिला। दीपक के अनुसार उसने पालाराम के पास गाड़ी रोक ली। जब गाड़ी रोककर खड़े थे तो चार बाइक पर दस से 12 व्यक्ति आए। इन्होंने आते ही मारपीट करनी शुरू कर दी। गाड़ी से दूध के भरे ड्रम सड़क पर फेंक दिए और भविष्य में यहां दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी।
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मंडी चौकी प्रभारी रामफल ने बताया कि अज्ञात 10-12 लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गौरतलब है कि वीटा की सहकारी समितियों की एक सप्ताह हड़ताल चली जोकि वीरवार को समाप्त हो गई है। हड़ताल के चलते समितियों ने वीटा को दूध की सप्लाई बंद कर रखी थी। हालांकि सरकार के साथ बातचीत के बाद दूध की सप्लाई कुछ जगह से शुरू हो गई है, लेकिन जिले में इस प्रकार जबरन दूध को रोकने का यह पहला मामला आया है।