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नाम पर ग्रामीणों के हड़पे लाखों

Wed, 19 Jul 2017 11:35 PM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:35 PM IST
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नाम पर ग्रामीणों के हड़पे लाखों
लोन देने के नाम पर ग्रामीणों के हड़पे लाखों
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फाइनेंस के नाम से स्थापित किया है कार्यालय
लोन की राशि देने से पूर्व जमा करवाए 15 से 50 हजार रुपये

अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नरवाना में लोन देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। खुलासा सोमवार को तब हुआ जब लोग लोन की राशि लेने पहुंचे। कार्यालय पहुंचने पर लोगों ने देखा कि जहां उनको लोन के रुपये मिलने थे वहां कोई भी फाइनेंस कर्मचारी मौजूद नहीं था। यह सब देखकर लोगों के होश उड़ गए। लोगों ने झांसे में आकर लोन लेने से पहले ही 15 से 50 हजार रुपये जमा करवाए थे। ग्रामीण क्षेत्र के सुखबीर, नानू राम, सीता देवी, पिंकी, नीलम, कमलेश ने बताया कि लोन मिलने के झांसे में आकर यहां इस फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के पास अपने जरूरी दस्तावेजों की फोटो कॉपी व रुपये जमा करवाए थे। लोगों ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें बस स्टैंड के सामने स्थित सीटीएस माइक्रो फाइनेंस के कार्यालय में लोन देेने के लिए बुलाया था। जब वह उस कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। जब कंपनी के कर्मचारियों के घर पर जाकर पूछा तो उन्होंने बताया कि वह तो घर से कई दिनों से गायब है और वे उसके बारे में कुछ नहीं जानते। इस कंपनी में अगर एक व्यक्ति को चार लाख का लोन लेना है तो लोन होने से पहले 15 हजार रुपये जमा करवाने थे। उन्होंने भी ऐसा किया, जिसने जितना लोन लेना था। उसके हिसाब से इस कंपनी के कार्यालय के कर्मचारियों को नकद रुपये दे दिए। लोगों ने कहा कि जब यह कार्यालय खुला था तो यहां लगभग 15 कर्मचारी काम करते थे, लेकिन जब यहां सिर्फ रद्दी कागज पड़े हैं। एक भी कर्मचारी का यह पता नहीं है कि वह कहां का था और कहां चला गया।

46 हजार 200 रुपये जमा करवाए
गांव घोघड़िया निवासी सुखबीर ने बताया कि इस कंपनी का नाम सुना तो वह भी लोन लेने के लिए नरवाना आया। उसे ज्यादा लोन चाहिए था। यहां मौजूद कर्मचारियों ने उससे 46200 रुपये मांगे। सुखबीर ने ये रुपये इस कंपनी के एक कर्मचारी को अपने घर बुलाकर दिए और उसकी रसीद भी ली। लेकिन जब वह अपने लोन के रुपये लेने नरवाना पहुंचा तो वहां न रुपये मिले और न कोई कर्मचारी मिला। जिससे उसे आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
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दिहाड़ी मजदूरी करके जमा करवाए थे 15 हजार
ढाकल गांव के नानू ने बताया कि वह मजदूरी करता है। जब उसे पता चला कि कोई कंपनी 15 हजार रुपये में एक लाख रुपये का लोन देती है तो वह अपनी खून पसीने की कमाई के 15 हजार रुपये लेकर यहां इस कंपनी के कार्यालय में पहुंचा और कर्मचारियों की उसके सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी लेकर अपने लोन के रुपये ले जाने के लिए कहा, लेकिन जब से खुशी खुशी अपने एक लाख रुपये लेने नरवाना पहुंचा तो फाइनेंस के कार्यालय में कोई नहीं मिला।
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मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई। अगर शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। लोगों को भी सोच-समझकर रुपये देने चाहिए। पहले कंपनी की जांच-पड़ताल करनी चाहिए।
जगबीर सिंह, शहर थाना प्रभारी नरवाना


फोटो कैप्शन
19जेएनडी 22: लोन की राशि लेने के लिए फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में पहुंचे लोग।
19जेएनडी 23: सुखबीर
19जेएनडी 24 : नानू
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