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पिल्लूखेड़ा में रोड़ी-क्रेशर ठेकेदार ने अपने घर जहरीला पदार्थ खाकर दी जान
Updated Tue, 06 Nov 2018 11:08 PM IST
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क्रशर ठेकेदार ने जहरीला पदार्थ खाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। गांव पिल्लूखेड़ा निवासी ठेकेदार ने मंगलवार सुबह अपने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें अपनी मौत के लिए यमुनानगर के डीडीपीओ गगनदीप को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने डीडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव पिल्लूखेड़ा निवासी 50 वर्षीय राजेंद्र पिल्लूखेड़ा में रोड़ी क्रशर का काम करता है। मंगलवार सुबह उसने अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने उसे नागरिक अस्पताल जींद में दाखिल करवाया, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिल्लूखेड़ा पुलिस को राजेंद्र की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने लिखा है कि वह यमुनानगर के भगवानपुरा में रोड़ी क्रशर का स्क्रीन प्लांट लगाया हुआ है। इस प्लांट को यमुनानगर के डीडीपीओ गगनदीप ने चलने नहीं दिया। गगनदीप ने उससे दो लाख रुपये और एक महंगा मोबाइल भी लिया। इसके बाद उसने सोचा कि उसका स्क्रीन प्लांट चल जाएगा, लेकिन इसके बाद भी गगनदीप उसे परेशान करता रहा और प्लांट नहीं चलने दिया। राजेंद्र ने लिखा कि उसके काफी रुपये भी खर्च हो गए जिस कारण वह आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया। वह गगनदीप से परेशान होने के कारण आत्महत्या कर रहा है।
सुसाइड नोट के आधार पर डीडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज
पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि ठेकेदार राजेंद्र ने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। उसके पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर डीडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिल्लूखेड़ा। गांव पिल्लूखेड़ा निवासी ठेकेदार ने मंगलवार सुबह अपने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें अपनी मौत के लिए यमुनानगर के डीडीपीओ गगनदीप को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने डीडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव पिल्लूखेड़ा निवासी 50 वर्षीय राजेंद्र पिल्लूखेड़ा में रोड़ी क्रशर का काम करता है। मंगलवार सुबह उसने अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने उसे नागरिक अस्पताल जींद में दाखिल करवाया, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिल्लूखेड़ा पुलिस को राजेंद्र की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने लिखा है कि वह यमुनानगर के भगवानपुरा में रोड़ी क्रशर का स्क्रीन प्लांट लगाया हुआ है। इस प्लांट को यमुनानगर के डीडीपीओ गगनदीप ने चलने नहीं दिया। गगनदीप ने उससे दो लाख रुपये और एक महंगा मोबाइल भी लिया। इसके बाद उसने सोचा कि उसका स्क्रीन प्लांट चल जाएगा, लेकिन इसके बाद भी गगनदीप उसे परेशान करता रहा और प्लांट नहीं चलने दिया। राजेंद्र ने लिखा कि उसके काफी रुपये भी खर्च हो गए जिस कारण वह आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया। वह गगनदीप से परेशान होने के कारण आत्महत्या कर रहा है।
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सुसाइड नोट के आधार पर डीडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज
पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि ठेकेदार राजेंद्र ने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। उसके पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर डीडीपीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
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