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चार साल बाद मिला प्लाट पर मालिकाना हक
Updated Sat, 10 Jun 2017 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों (जींद)।
गांव रामपुरा में बी एंड आर विभाग की ओर से एक व्यक्ति के प्लाट से सड़क बनाकर किए गए कब्जे को लंबे संघर्ष के बाद विभाग ने प्लाट को खाली कर दिया। विभाग को प्लाट धारक की दरकार सुनने में करीब चार साल लग गए। अब जाकर विभाग ने प्लाट के अंदर से सड़क हटाकर विभाग की अपनी जमीन पर सड़क बनाई जा रही है। चार साल के बाद प्लाट धारकों को मिले कब्जे से लोगों में खुशी है। एसडीओ अर्जुन ने बताया कि यह सड़क उस वक्त बनाई गई थी। जब यहां कोई भी प्लाट नहीं था। खेतों की जमीन से गलती में उस वक्त अधिकारियों ने सड़क निर्माण कर दिया था। जिसे अब दुरुस्त कर दिया गया है। सफीदों शहर को गांव रामपुरा, सिंघाना व मुआना आदि को जोड़ने के लिए बी एंड आर ने लोगों की सुविधा के लिए काफी वर्षों पहले एक सड़क का निर्माण किया था। तत्कालीन अधिकारियों द्वारा बिना किसी जांच के अपनी जगह को छोड़कर पास के प्लाटों में से सड़क का निर्माण कर दिया गया था। समय गुजरता गया, लोगों ने विभाग के अधिकारियों की खामी को भी उजागर किया, लेकिन विभाग के कानों तक लोगों की फरियाद पहुंची तो करीब चार साल के बाद अब विभाग ने लोगों के प्लाटों के बीच से सड़क हटाकर राहत देने का काम किया है।
निशानदेही में साबित हुआ
विभाग के अधिकारियों ने सड़क का निर्माण गलत जगह पर करा दिया था। सड़क में कुछ जमीन ग्रामीणों की शामिल अनजाने में हो गई थी। प्लाट धारक डॉ. सत्यवान सैन की शिकायत पर अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी गई। सरकार के आदेश पर अब सड़क को प्लाटों के बीच से हटाकर विभाग अपनी जगह में कर दिया गया है।
अर्जुन सिंह, एसडीओ, बीएंडआर सफीदों
चार साल बाद मिला प्लाट पर मालिकाना हक
बी एंड आर विभाग ने सड़क बनाने के समय प्लाट को सड़क में कर लिया था शामिल
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सफीदों (जींद)।
गांव रामपुरा में बी एंड आर विभाग की ओर से एक व्यक्ति के प्लाट से सड़क बनाकर किए गए कब्जे को लंबे संघर्ष के बाद विभाग ने प्लाट को खाली कर दिया। विभाग को प्लाट धारक की दरकार सुनने में करीब चार साल लग गए। अब जाकर विभाग ने प्लाट के अंदर से सड़क हटाकर विभाग की अपनी जमीन पर सड़क बनाई जा रही है। चार साल के बाद प्लाट धारकों को मिले कब्जे से लोगों में खुशी है। एसडीओ अर्जुन ने बताया कि यह सड़क उस वक्त बनाई गई थी। जब यहां कोई भी प्लाट नहीं था। खेतों की जमीन से गलती में उस वक्त अधिकारियों ने सड़क निर्माण कर दिया था। जिसे अब दुरुस्त कर दिया गया है। सफीदों शहर को गांव रामपुरा, सिंघाना व मुआना आदि को जोड़ने के लिए बी एंड आर ने लोगों की सुविधा के लिए काफी वर्षों पहले एक सड़क का निर्माण किया था। तत्कालीन अधिकारियों द्वारा बिना किसी जांच के अपनी जगह को छोड़कर पास के प्लाटों में से सड़क का निर्माण कर दिया गया था। समय गुजरता गया, लोगों ने विभाग के अधिकारियों की खामी को भी उजागर किया, लेकिन विभाग के कानों तक लोगों की फरियाद पहुंची तो करीब चार साल के बाद अब विभाग ने लोगों के प्लाटों के बीच से सड़क हटाकर राहत देने का काम किया है।
निशानदेही में साबित हुआ
विभाग के अधिकारियों ने सड़क का निर्माण गलत जगह पर करा दिया था। सड़क में कुछ जमीन ग्रामीणों की शामिल अनजाने में हो गई थी। प्लाट धारक डॉ. सत्यवान सैन की शिकायत पर अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी गई। सरकार के आदेश पर अब सड़क को प्लाटों के बीच से हटाकर विभाग अपनी जगह में कर दिया गया है।
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अर्जुन सिंह, एसडीओ, बीएंडआर सफीदों
चार साल बाद मिला प्लाट पर मालिकाना हक
बी एंड आर विभाग ने सड़क बनाने के समय प्लाट को सड़क में कर लिया था शामिल