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महिलाओं को शिकार बनाने की डालबाई व पुरुषों को शिकार बनाने की दीपक की थी जिम्मेदारी
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:53 PM IST
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महिलाओं को डालबाई और पुरुषों को शिकार बनाने की दीपक की के पास थी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पंजाब नेशनल बैंक से 50 मीटर दूरी पर पांच दिसंबर को चलती हुई मोटरसाइकिल पर बैग में बंधे छह लाख रुपये खोलने के मामले में गिरफ्तार की गई महिला डालबाई के पास से रिमांड के दौरान 90 हजार रुपये बरामद किए हैं। इससे पहले पुलिस ने उससे दो लाख रुपये बरामद किए थे। रिमांड के बाद महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह इसी प्रकार से बैंक में जाकर लोगों को अपना शिकार बनाती है। महिलाओं को शिकार बनाने की जिम्मेदारी वह खुद लेती थी और पुरुषों को शिकार बनाने की जिम्मेदारी उसके साथी दीपक के पास थी। महिला ने बताया कि जैसे ही रिटायर्ड बैंक मैनेजर छह लाख रुपये निकालकर बैंक से बाहर आया तो उसने दीपक को इशारा कर दिया। दीपक ने बाइक के पीछे पैसों से भरा थैला खोल लिया और फरार हो गया। इसके बाद दोनों ने आधे-आधे पैसे बांट लिए। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करके उससे दो लाख 90 हजार रुपये बरामद कर लिए, जबकि दस हजार रुपये उसने खर्च कर दिए। अब दीपक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस मध्यप्रदेश जाएगी।
जानकारी के लिए पांच दिसंबर को डीआरडीए के सामने रिटायर्ड बैंक मैनेजर अर्बन इस्टेट निवासी राजेंद्र ने पीएनबी से छह लाख रुपये निकलवाए थे। राजेेंद्र पैसे से भरे बैग को अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर घर जा रहा था। जैसे ही वह बैंक से 50 मीटर चला था कि युवक ने पैसे से भरा बैग खोल लिया। डिटेक्टिव स्टाफ ने इस गुत्थी को सुलझाते हुए मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला के गांव कंडिया निवासी डालबाई को मंगलवार को शहर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने उसे दो लाख रुपये जींद शहर से उसके ठिकाने से व 90 हजार रुपये गुरुग्राम से बरामद किए हैं। वीरवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
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दीपक की गिरफ्तारी से होगा खुलासा होगा कि गिरोह में कौन-कौन है
डिटेक्टिव स्टाफ के एएसआई सुरेंद्र कुमार ने कहा कि डालबाई व उसके साथी दीपक ने तीन-तीन लाख रुपये बांट लिए थे। डालबाई से पुलिस ने दो लाख 90 हजार रुपये बरामद कर लिए जबकि दस हजार रुपये उसने खर्च कर दिए। अब पुलिस दीपक की तलाश के लिए मध्यप्रदेश जाएगी। जल्द ही दीपक को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दीपक की गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले का खुलासा होगा कि उसके साथ और कौन-कौन लोग इस मामले में शामिल हैं।
दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम
एएसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह पूरा गिरोह लोगों को इसी प्रकार से अपना निशाना बनाता है। जिस दिन छह लाख रुपये इन्होंने चोरी किए उस दिन सुबह दस बजे ही डालबाई और दीपक बैंक पहुंच गए थे। दोनों पैसे निकलवाने वाले लोगों पर नजर रख रहे थे। यह लोग अधिकतर वृद्ध महिला और पुरुषों को अपना शिकार बनाते हैं। दोपहर बाद तीन बजे यह लोग वापस बैंक से जाने लगे तो उनकी नजर राजेंद्र पर पड़ी। उसने अपने खाते से छह लाख रुपये निकलवाए थे। जैसे ही राजेंद्र ने पैसे अपने थैले में डाले तो डालबाई ने दीपक की तरफ इशारा कर दिया। दीपक ने बाइक का पीछा करके वारदात को अंजाम दे दिया। इसके बाद दोनों सफीदों रोड पर मिले और पैसे आधे-आधे बांट लिए। दीपक उसी दिन से गायब हो गया, जबकि डालबाई जींद में रहने लगी। इसके बाद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और डालबाई को रेलवे स्टेशन के पास से काबू कर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पंजाब नेशनल बैंक से 50 मीटर दूरी पर पांच दिसंबर को चलती हुई मोटरसाइकिल पर बैग में बंधे छह लाख रुपये खोलने के मामले में गिरफ्तार की गई महिला डालबाई के पास से रिमांड के दौरान 90 हजार रुपये बरामद किए हैं। इससे पहले पुलिस ने उससे दो लाख रुपये बरामद किए थे। रिमांड के बाद महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह इसी प्रकार से बैंक में जाकर लोगों को अपना शिकार बनाती है। महिलाओं को शिकार बनाने की जिम्मेदारी वह खुद लेती थी और पुरुषों को शिकार बनाने की जिम्मेदारी उसके साथी दीपक के पास थी। महिला ने बताया कि जैसे ही रिटायर्ड बैंक मैनेजर छह लाख रुपये निकालकर बैंक से बाहर आया तो उसने दीपक को इशारा कर दिया। दीपक ने बाइक के पीछे पैसों से भरा थैला खोल लिया और फरार हो गया। इसके बाद दोनों ने आधे-आधे पैसे बांट लिए। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करके उससे दो लाख 90 हजार रुपये बरामद कर लिए, जबकि दस हजार रुपये उसने खर्च कर दिए। अब दीपक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस मध्यप्रदेश जाएगी।
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जानकारी के लिए पांच दिसंबर को डीआरडीए के सामने रिटायर्ड बैंक मैनेजर अर्बन इस्टेट निवासी राजेंद्र ने पीएनबी से छह लाख रुपये निकलवाए थे। राजेेंद्र पैसे से भरे बैग को अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर घर जा रहा था। जैसे ही वह बैंक से 50 मीटर चला था कि युवक ने पैसे से भरा बैग खोल लिया। डिटेक्टिव स्टाफ ने इस गुत्थी को सुलझाते हुए मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला के गांव कंडिया निवासी डालबाई को मंगलवार को शहर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने उसे दो लाख रुपये जींद शहर से उसके ठिकाने से व 90 हजार रुपये गुरुग्राम से बरामद किए हैं। वीरवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया।
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दीपक की गिरफ्तारी से होगा खुलासा होगा कि गिरोह में कौन-कौन है
डिटेक्टिव स्टाफ के एएसआई सुरेंद्र कुमार ने कहा कि डालबाई व उसके साथी दीपक ने तीन-तीन लाख रुपये बांट लिए थे। डालबाई से पुलिस ने दो लाख 90 हजार रुपये बरामद कर लिए जबकि दस हजार रुपये उसने खर्च कर दिए। अब पुलिस दीपक की तलाश के लिए मध्यप्रदेश जाएगी। जल्द ही दीपक को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दीपक की गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले का खुलासा होगा कि उसके साथ और कौन-कौन लोग इस मामले में शामिल हैं।
दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम
एएसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि यह पूरा गिरोह लोगों को इसी प्रकार से अपना निशाना बनाता है। जिस दिन छह लाख रुपये इन्होंने चोरी किए उस दिन सुबह दस बजे ही डालबाई और दीपक बैंक पहुंच गए थे। दोनों पैसे निकलवाने वाले लोगों पर नजर रख रहे थे। यह लोग अधिकतर वृद्ध महिला और पुरुषों को अपना शिकार बनाते हैं। दोपहर बाद तीन बजे यह लोग वापस बैंक से जाने लगे तो उनकी नजर राजेंद्र पर पड़ी। उसने अपने खाते से छह लाख रुपये निकलवाए थे। जैसे ही राजेंद्र ने पैसे अपने थैले में डाले तो डालबाई ने दीपक की तरफ इशारा कर दिया। दीपक ने बाइक का पीछा करके वारदात को अंजाम दे दिया। इसके बाद दोनों सफीदों रोड पर मिले और पैसे आधे-आधे बांट लिए। दीपक उसी दिन से गायब हो गया, जबकि डालबाई जींद में रहने लगी। इसके बाद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और डालबाई को रेलवे स्टेशन के पास से काबू कर दिया।