फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   crime news

खेड़ी तलौडा गांव में नये सरपंच की हत्या का मामला, गिरफ्तारी को लेकर जोरदार प्रदर्शन

Sat, 16 Jan 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद Updated Sat, 16 Jan 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
crime news
चार दिन पहले खेड़ी तलौडा गांव में नवनिर्वाचित सरपंच की हत्या के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कई गांवों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को लघुसचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग की। तीन दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं करने पर ग्रामीण फिर से एकत्रित होकर आगामी रणनीति बनाई बनाएंगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एसएसपी अभिषेक जोरवाल को नौ और लोगों के नामों की सूची सौंपी है। लोगों का आरोप है कि खेड़ी तलौडा निवासी सुरेश, रविंद्र, कृष्ण, सोनू, राजेश, नरेंद्र, विनोद, सुनील और महेंद्र भी हत्या की साजिश में शामिल हैं। ऐसे में इन लोगों को भी केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी लगातार गांव में आकर मृतक सरपंच राकेश यादव व उनके समर्थकों को धमकी दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। पुलिस सिर्फ आरोपियों के घर की सुरक्षा कर रही है।
विज्ञापन

 
चार में तीन गिरफ्तार, एक फरार
मामले में मुख्य आरोपी सहित चार में से तीन लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। गांव में सरपंच पद के उम्मीदवार रहे सतबीर उसके भाई रामनिवास और सतबीर के बेटे विजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने विजय को रिमांड पर लिया है। फिलहाल एक नामजद आरोपी सतबीर का भाई जगजीवन फरार है।
विज्ञापन


आरोप, गांव में अवैध हथियार सप्लाई करता है आरोपी
मृतक नवनिर्वाचित सरपंच के बेटे तेजवीर ने एसएसपी के समक्ष आरोप लगाए कि जिन नौ लोगों के नाम दिए हैं, उनमें से एक गांव में अवैध हथियार मुहैया करवाता है। हत्या में प्रयोग हुए हथियार उसी ने आरोपियों को दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव में लगातार हो रही फायरिंग, सुरक्षा की गुहार
प्रदर्शन में शामिल खेड़ी तलौड गांव निवासी अनुसूचित जाति के शमशेर सिंह ने कहा कि गांव में लगातार फायरिंग हो रही है। बुधवार रात कुछ लोगों ने उनके घर पर फायरिंग की है। अनुसूचित जाति के लोगों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। प्रशासन को हमारी सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम करने चाहिए।

क्या कहते हैं एएसपी
सरपंच पद के उम्मीदवार रहे सतबीर उसके भाई रामनिवास और सतबीर के बेटे विजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने विजया को रिमांड पर लिया है। मुख्य आरोपी से पुलिस सारी जानकारी जुटा रही है। गांव में कौन हथियार देता है, इसका भी पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक जोरवाल, एसएसपी

फिर बोले पीड़ित, आरोपियों को बचा रहे विधायक
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और डीसी विनय सिंह के सामने फिर से सफीदों के आजाद विधायक जसबीर देशवाल पर आरोपियों को शरण देने का आरोप लगाया है। हालांकि इस बारे में विधायक जसबीर देशवाल पहले ही अपने भूमिका होने से मना कर चुके हैं। विधायक जसबीर देशवाल का कहना है कि पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं पीड़ित पक्ष के लोगों का कहना है कि विधायक जसबीर ने प्रदेश के एक मंत्री से भी आरोपियों को बचाने की सिफारिश की है।

सोशल मीडिया पर पहुंची लड़ाई
गांव में नवनिर्वाचित सरपंच की हत्या के बाद लड़ाई सोशल मीडिया तक जा पहुंची है। मृतक सरपंच के बेटे तेजवीर ने उन लोगों के फोटो फेसबुक पर अपलोड किए हैं, जिन पर साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इस पर एक आरोपी ने गांव में आने की बात भी कही है। तेजवीर ने फेसबुक की यह जानकारी पुलिस को भी दी है।

चार मोबाइल नंबर भी सौंपे
मृतक के बेटे तेजवीर ने एसएसपी अभिषेक जोरवाल को चार मोबाइल नंबर भी दिए, जिनसे गांव के लोगों को धमकी मिली है। एसएसपी ने इन नंबरों की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।

दोनों उम्मीदवारों ने दिखाई थी काफी समझदारी, फिर रंजिश क्यों
ग्रामीणों के अनुसार सरपंच पद के उम्मीदवार रहे राकेश यादव और सतबीर सिंह ने चुनाव के दौरान काफी समझदारी दिखाई थी। मतदान को लेकर दोनों के चुनाव एजेंटों में विवाद हो गया। इस पर दोनों ने अपने एजेंटों को बाहर निकाल दिया और स्वयं मतदान केंद्र में बैठे। इतना ही नहीं चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सतबीर ने राकेश यादव को गले लगाकर बधाई दी थी। फिर चुनाव के दो दिन बाद ऐसा क्या हुआ कि नवनिर्वाचित सरपंच की हत्या कर दी गई। यह लोगों की समझ नहीं आ रहा है।

मौत पर राजनीति करने वालों को नहीं मिली जमीन, भगाया
बेशक मौत के बाद गांव में तनाव है, लेकिन इस पर राजनीति करने वाले सक्रिय हो गए हैं। हालांकि मृतक राकेश यादव के परिवार ने उनको खदेड़ दिया। लघुसचिवालय के बाद कुछ संगठन के लोग मामले को जातीय रंग देने में लग गए। इस पर राकेश यादव के परिजनों ने साफ किया कि उनकी लड़ाई सिर्फ दोषियों से है किसी जाति से नहीं। सभी जातियों को इस घटना का दुख है। ऐसे में यहां राजनीति का प्रयास कर रहे लोगों को जमीन नहीं मिली और व खिसक गए।


सरकार से हैं ये चार मांगें
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने डीसी विनय सिंह को ज्ञापन देकर पीड़ित परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने, एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, मृतक को शहीद का दर्जा देने व आरोपियों को सरेआम फांसी देने की मांग की। इस पर डीसी विनय सिंह ने कहा कि ये सभी मांगों उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की हैं। इसके लिए वे मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम से ज्ञापन दे सकते हैं। यह प्रशासन द्वारा सरकार को भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed